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हमारे प्रधानमंत्री जी का स्मरणीय जन्मदिवस

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सुसंस्कृति परिहार
बड़े हर्ष का विषय है कि इस बार हमारे सात साल पुराने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का जन्मदिवस इस बार यादगार के रुप में मनाया जायेगा  वह भी 17 सितम्बर से 07अक्टूबर तक यानि पूरे 21दिन जिसे सेवा और समर्पण अभियान के रुप में समर्पित किया गया है ।कहा जा रहा है कि इन दिनों में वैक्सीन लगाने पर ज़ोर होगा किंतु  लगता है इसी बहाने इस दौरान भाजपा गांव गांव तक माननीय की सेवाओं और समर्पण से जन जन को परिचित भी कराऐगी । साथ ही मंदिरों में इन दिनों मोदी जी की लंबी उम्र के लिए भाजपा सुंदरकांड का पाठ भी आयोजित करेगी।


उधर देश भर के लोगों आज के दिन को फिर मोदीजी को समर्पित कर दिया, विशिष्ट उपहार देकर।जब दो करोड़ से अधिक टीके लगाए जाने की ख़बर मिली तो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रिकॉर्ड कायम करने के लिए फौरन बधाई दी । नड्डा ने ट्वीट किया, ”दो करोड़ का आंकड़ा पार। यह आंकड़ा पीएम मोदी के नेतृत्व के तहत नए भारत का प्रतिबिंब है। भारत ने दूरदर्शी और मेहनती नेतृत्व के साथ सफलतापूर्वक कोविड-19 से लड़ने का मार्ग प्रशस्त किया है। “बधाई देशवासियो।
इधर वालीवुड से अक्षयकुमार, हेमा मालिनी,परेशा रावल, रितेश देशमुख,करन जौहर विवेक ओबेरॉय ने प्रधानमंत्री जी को हार्दिक शुभकामनाएं भी दी हैं।   जानी मानी मोदी जी फेन एक्ट्रेस कंगना रनौत ने पीएम मोदी को बधाई देते हुए अपने पोस्ट में उन्हें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ नेता और रोल मॉडल बताया है। साथ ही उनके स्ट्रगल का भी थोड़ा सा जिक्र किया है। अपने पोस्ट के आखिर में कंगना रनौत ने पीएम मोदी के कोविड काल में लिए गए फैसलों की भी तारीफ की है। याद दिला दें कि इससे पहले कंगना ने अपनी इंस्टा स्टोरी में एक एडिटिड फोटो शेयर की थी। तस्वीर में पीएम मोदी के साथ भगवान राम नजर आ रहे थे। इंस्टा स्टोरी में कंगना ने लिखा था- आपको लंबी उम्र मिले प्रधानमंत्री जी और 2024 के बाद आप दो बार और देश को सेवा दें। भगवान करे आप भारत को उसका खोया हुआ वैभव, कल्चर और वेल्थ वापस दिलवाएं। जय श्री राम।उनकी मनोकामना पूरी करेंगे राम जी ।
मध्य प्रदेश के भोपाल में भाजपा वर्कर्स ने प्रधानमंत्री के सम्मान में 71 फीट लंबा केक काटा. केक को एक कोविड-19 वैक्सीन सिरिंज की तरह आकार दिया गया था, जिसके ऊपर “थैंक्स टू मोदीजी फॉर नमो टिक्का” लिखा हुआ था ।आज ही प्रयागराज में उनके 71वें जन्मदिन पर 71किलो का केक स्वतंत्र देव सिंह ने काटा तो उनके संसदीय क्षेत्र बनारस में 71000 दिये भी जलाए गए।ये कुछ महत्वपूर्ण ख़बरें हैं जो देखने को मिली।अभी गांव गांव और भाजपा मुख्यालयों की ख़बरें आना बाकी है।देश के प्रधानमंत्री के जन्मदिन का जश्न हो और देश में खुशी ना हो ऐसा कैसे हो सकता है। किंतु,इस यादगार जन्मदिवस को बिगाड़ने वाले हज़ारों बदमिजाज बेरोजगारों ने इसे बेरोजगारी दिवस के रूप में भी मनाया । पिछले साल भी ऐसा ही किया गया था । लेकिन इस बार तो कांग्रेस की प्रवक्ता ने मोदीजी के महात्यम को सुबह सुबह जिस तरह प्रकट किया उससे बेरोजगारों को बल मिल गया और वह हैशटैग में आज सबसे ऊपर चल रहा है।इसे क्या कहेंगे ?अब ज़रूरी हो गया है मोदीजी अपने दिवस को एक ना दे ही दें।”अमीर दिवस” कैसा रहेगा।यह उनके जीवन में आए बदलाव और अमीरों को जानने समझने का मौका देगा ताकि लोग आगे तरक्की की ओर उन्मुख हों।
जिस देश में बेरोजगारी , मंहगाई से अवाम बुरी तरह जूझ रही हो ।देश की अर्थव्यवस्था डांवाडोल हो,देश की सम्पत्ति निरंतर बिक रही हो। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ाई हों।गंगा में बहती लाशों के सवाल अनुत्तरित हों।विदेश नीति का मखौल पड़ौसी देश पाकिस्तान, नेपाल जैसे देश उड़ा रहे हों। सीमा पार तालिबान आ बैठा हो।अदालतें निरंतर सरकार को फटकार रहीं हो । देश की  आबादी का एक बड़ा हिस्सा किसान नौमाह से आंदोलनरत हो । उत्तर प्रदेश में बाढ़ का सितम हो और जहां बच्चे तेज बुखार से बड़ी संख्या में काल के गाल में, चिकित्सा के अभाव में समा रहे हों उस देश के प्रधानमंत्री का जन्मोत्सव इतने धूमधाम से मनेगा यह जनता की दुखती रग पर हाथ रखना है।
यह भली-भांति ज़ाहिर है कि ये इक्कीस दिन सरकारी खर्चे पर मोदी के यशगान को समर्पित किए गए हैं। ताकि उनकी निरंतर बिगड़ती छवि को दुरुस्त किया जाए। अफ़सोस इस बात का है कि एक बार फिर जनता से प्राप्त धन का सरकार एक व्यक्ति विशेष के प्रचार के लिए खर्च करने जा रही है।इस पर विराम लगना चाहिए। टीकाकरण का रिकॉर्ड भी संदेहास्पद है। पिछले रिकार्ड तो जुमले की तरह खानापूर्ति ही रहे।इस तरह की प्रसिद्धि के शिकार शिवराज सिंह चौहान की बुरी तरह फजीहत हो चुकी है।
अच्छा होता जन्मदिन पर पीएम देश की बेरोजगारी या मंहगाई के बावत कोई महत्वपूर्ण फैसला लेते तो इसकी सार्थकता होती। काश प्रधानमंत्री आज बाढ़ पीड़ितों या बुखार के कहर से उजड़े परिवारों के बीच होते । बहरहाल,जन्मदिन ख़ुशी का अवसर होता तो है पर देश के प्रथम सेवक का यह दायित्व भी है कि देश के दुख, दर्द, तकलीफों को इस  नज़र अंदाज़ ना करें।यह उनकी प्रसिद्धि के लिए बहुत घातक भी हो सकता है।इस पुनीत अवसर पर पारूल खक्कर की चर्चित कविता ‘शव वाहिनी गंगा का स्मरण भी बहुत ज़रूरी है क्योंकि गंगा तीरे आपको बार बार जाना ही होगा वह आपसे मुखातिब होगी तो क्या जवाब दीजिएगा? बहुत बहुत बधाई। 

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