पहले ही प्रयास में बन गईं IAS, अचानक चर्चा में क्यों हैं रेनू राज?
कई डॉक्टर और इंजीनियर अपना बसा-बसाया करियर छोड़कर यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) में शामिल होते हैं. डॉ. रेनू राज भी उनमें से एक हैं. हालांकि, इन्होंने सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी के लिए अपनी नौकरी नहीं छोड़ी थी. वे काम करते हुए परीक्षा की तैयारी भी करती रहीं. डॉ. रेनू राज ने कुछ ही समय की तैयारी में यूपीएससी परीक्षा में बेहतरीन रैंक हासिल की थी. जानिए डॉ. से आईएएस ऑफिसर बनीं रेनू राज की सक्सेस स्टोरी
इस वजह से आईं हैं चर्चा में
आग के बाद कोच्चि के ब्रह्मपुरम वेस्ट प्लांट से निकल रहे धुएं से बचने के लिए लोगों को घर में रहने की सलाह दी.
IAS बनने के लिए छोड़ी डॉक्टरी
डॉ. रेनू राज ने आईएएस अफसर बनने के लिए छोड़ी डॉक्टरी.
कोट्टायम से ही की डॉक्टरी की पढ़ाई
कोट्टायम के ही गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई की.
2013 में की शुरू की UPSC परीक्षा की तैयारी
डॉक्टर बनने के बाद साल 2013 में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की.
पहले ही अटेम्प्ट में दूसरी रैंक हासिल की
2014 में सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) देकर पहले ही अटेम्प्ट में दूसरी रैंक हासिल की.
पिता रिटायर सरकारी कर्मचारी हैं
रेनू के पिता रिटायर सरकारी कर्मचारी और मां हाउस वाइफ हैं.
दोनों बहनें और पति भी डॉक्टर
रेनू की दोनों बहनें और उनके पति भी पेशे से डॉक्टर हैं.
बचपन से था IAS अफसर बनने का सपना
रेनू ने बचपन में ही आईएएस अफसर बनने का इरादा बना लिया था.

