अग्नि आलोक
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Category - व्यक्तित्व

हज़ारों शेर मेरे सो गए कागज़ की कब्रों में… बहुत याद आओगे बशीर बद्र

मशहूर उर्दू शायर बशीर बद्र का भोपाल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह 91 वर्ष के थे. उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 15 फरवरी 1935 को जन्मे बद्र ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में उर्दू के शिक्षक के तौर पर काम किया...

संविधान सभा की ऐतिहासिक बहस का खुलासा … जब मुस्लिम सदस्य ने की थी गोहत्या पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग

मुस्लिम समुदाय के कुछ वर्गों द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग के बीच, संविधान सभा की बहसों पर एक नजर डालने से पता चलता है कि दो मुस्लिम सदस्यों ने गायों की हत्या पर राज्य के रुख को स्पष्ट रूप से परिभाषित...

मैं जिन्दा हूं….पंडित रामकिशन : शताब्दी का साक्षी समाजवाद का प्रहरी

राजेन्द्र बोरा बहुत कम राजनेता आम जन में अपनी पैठ लंबे समय तक बनाई रख पाते हैं। वे यदि लंबी उम्र पा लेते हैं तो भी अपने जीवन में गुमनामी में खो जाते हैं। पंडित रामकिशन उन विरले नेताओं में हैं जो सौ वर्ष की आयु पा जाने...

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