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पुनर्मूल्यांकन

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राम किशोर मेहता

हे!
खाकी धारी
खादी धारी से
अपने संबंधो का
पुनर्मूल्यांकन करो।
वे मुँह से गालियाँ
बरसाते है
तो तुम जोश में आकर
बंदूक से
गोलियाँ बरसाने लगते हो
वे बदले में
गालियाँ खा कर
बच जाते हैं
और तुम ?
तुम
गोलियाँ खा कर
मर जाते हो।

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