पुनर्मूल्यांकन Ramswaroop Mantri 4 years ago Share राम किशोर मेहता हे!खाकी धारीखादी धारी सेअपने संबंधो कापुनर्मूल्यांकन करो।वे मुँह से गालियाँबरसाते हैतो तुम जोश में आकरबंदूक सेगोलियाँ बरसाने लगते होवे बदले मेंगालियाँ खा करबच जाते हैंऔर तुम ?तुमगोलियाँ खा करमर जाते हो।