डॉ. नीलम ज्योति
आपने रॉक साल्ट या सेंधा नमक जरूर खाने में इस्तेमाल किया होगा। ज्यादातर बार ये हमारे घरों में व्रतों में प्रयोग किया जाता है। लेकिन कई लोग इसे प्राकृतिक मान कर अपने डेली खाने का हिस्सा बना लेते हैं।
ऐसे में यह आपके शरीर की कार्यक्षमता पर बुरी तरह असर डालता है। इतना बुरा असर कि आप किडनी या दिल की बीमारी के भी शिकार हो सकते हैं।

*रॉक साल्ट के फायदे :*
रॉक साल्ट का ज्यादा मात्रा में सेवन के नुकसान जानें, उससे पहले हम ये जान लेते हैं कि इसके फायदे क्या हैं।
*1. मिनरल्स का सोर्स :*
रॉक साल्ट में आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, और मैग्नीशियम जैसे महत्वपूर्ण मिनरल्स होते हैं, जो शरीर के ठीक तरह से काम करने में आपकी मदद करते हैं।
*2. पाचन में मदद :*
पाचन में भी ये नमक मदद करता है। ऐसा इसलिए हो पाता है कि ये पेट में एसिड के बैलेंस को बनाए रखता है।
*3. नेचुरलिटी :*
रॉक साल्ट को बिना किसी केमिकल की मदद के बनाया जाता है। इसलिए ये नेचुरल है। यह भी इसका एक फायदा है।
*4. हाइड्रेशन :*
अपने मिनरल्स की वजह से ये नमक शरीर को हाइड्रेटेड भी रखता है। ये मिनरल्स शरीर में पानी को बैलेंस्ड रखते हैं।
*नुकसान :*
यह होता है जब आप रॉक साल्ट डेली खाने लगते हैं :
*1. हाई ब्लडप्रेशर :*
रॉक साल्ट में सोडियम होता है, जो शरीर में पानी के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। लेकिन अगर हम ज्यादा खा लें तो ये हमारा ब्लडप्रेशर बढ़ा सकता है।
WHO के अनुसार, जब शरीर में सोडियम का लेवल ज्यादा होता है, तो हमारी ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लडप्रेशर बढ़ता है। इससे दिल, किडनी और दिमाग़ पर भी पर दबाव जाता है, जो स्ट्रोक या दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है
*2. किडनी पर दबाव :*
अगर ज्यादा रॉक साल्ट खाया जाए, तो किडनी पर भी असर पड़ सकता है। पबमेड नाम की एक संस्था की रिपोर्ट कहती है कि रॉक साल्ट में सोडियम कम होता है। और सोडियम की कमी शरीर के लिए ठीक नहीं।
जब शरीर में सोडियम और पोटेशियम का बैलेंस बिगड़ जाता है, तो किडनी को इसे ठीक करने के लिए ज्यादा काम करना पड़ता है। इससे किडनी की कार्यप्रणाली पर बुरा असर पड़ सकता है और किडनी में समस्या हो सकती है।
*3. हड्डियों की कमजोरी :*
अगर रॉक साल्ट का ज्यादा सेवन किया जाए तो इससे हड्डियों की हेल्थ भी खराब हो सकती है। एक रिपोर्ट के अनुसार ज्यादा नमक खाने से शरीर से कैल्शियम बाहर निकलता है, जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। इससे हड्डियों के टूटने का खतरा बढ़ सकता है, खासकर बुजुर्ग लोगों के लिए।
*4. पाचन की समस्या :*
रॉक साल्ट पाचन में मदद करता है, लेकिन अगर इसे ज्यादा खाया जाए तो पेट में जलन, गैस और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे एसिडिटी भी बढ़ सकती है और गॉल ब्लैडर की समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, इसे सही मात्रा में खाना जरूरी है।
*5. दूसरी बीमारियों के खतरे :*
रॉक साल्ट का ज्यादा सेवन डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकता है। इससे शरीर में पानी जमा हो सकता है, जिससे शरीर में सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
सेंधा नमक का खाने में ज्यादा इस्तेमाल आपको डायबिटीज दे सकता है।
Vडायबिटीज यूके की रिपोर्ट कहती है कि किसी भी माध्यम से सोडियम का इनटेक बढ़ाना जिसमें रॉक साल्ट भी शामिल है, टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को बढ़ाता है।
*6. पानी की कमी :*
ऐसा आपने अक्सर महसूस किया होगा कि नमक खाने के बाद प्यास लगने लगती है। इसी वजह से व्रत या रोज़े के दौरान लोग ज्यादा नमक वाले पदार्थ खाने से बचते हैं। इसका कारण ये है कि अगर ज्यादा रॉक साल्ट खा लिया, तो शरीर से पानी बाहर निकलने लगता है। इससे पानी की कमी हो सकती है, जिससे सिरदर्द, थकावट और मांसपेशियों में ऐंठन जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
*जरूरी है साधारण नमक :*
1. सोडियम का काम :
साधारण नमक में सोडियम होता है, जो हमारे शरीर में पानी और बैलेंस को सही रखने में मदद करता है। ये हमारी नर्व्स और मांसपेशियों को सही से काम करने में मदद करता है।
*2. पाचन में मदद :*
साधारण नमक पेट के अंदर का एसिड सही रखता है, जिससे पाचन अच्छा रहता है। ये हाइड्रोक्लोरिक एसिड को बढ़ाता है, जो खाना पचाने में मदद करता है।
*3. थायरॉयड के लिए जरूरी :*
साधारण नमक में आयोडीन होता है, जो हमारी थायरॉयड ग्लान्ड के लिए बहुत ज़रूरी है। अगर शरीर में आयोडीन की कमी हो जाए, तो हाइपोथायरायडिज्म जैसी समस्या हो सकती है, जिससे शरीर का मेटाबॉलिज्म ठीक से काम नहीं करता।
*4. ब्लडप्रेशर मेंटेन :*
साधारण नमक ब्लडप्रेशर को कंट्रोल में रखने में मदद करता है। ये शरीर के पानी को बैलेंस करता है। हालांकि, ज्यादा नमक खाने से दिल की बीमारियां और हाई ब्लड प्रेशर हो सकते हैं, इसलिए नमक का सेवन हमेशा संतुलित मात्रा में ही करें। इससे होता ये कि हमारी नसें ठीक तरह से काम करती हैं और दिल या दिमाग की बीमारी के खतरे कम होते हैं।