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वित्‍तमंत्री जगदीश देवड़ा के बेटे की शाही शादी

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देवड़ा ने की शराब ठेकेदारों से 03 करोड़ की अवैध वसूली!*
विजया पाठक,
एडिटर, जगत विजन
घर घर शराब की योजना बनाने वाले आबकारी मंत्री ने तो अपने बेटे की शादी में शराब माफियाओं से ही जुगाड़ लगाई। सूत्रों के अनुसार इनके पुत्र की शादी में तो शराब व्यवसाई का ही पैसा लगा है। जानकारी के मुताबिक होटल नूर-उस-सबाह में 22 फरवरी को इनके बेटे हर्ष देवड़ा का विवाह हुआ। इस शादी में मेहमान की संख्या वैसे तो एक हजार होनी थी पर इस वीआईपी शादी में संख्या कही ज्यादा थी। इसका पूरा खर्च सीधे होटल मालिक सिकंदर मियां के माध्यम से हुआ। इसके अतिरिक्त ऐसा ही बहुत सारे जलसे इनके गृह नगर मंदसौर में भी हुए थे। भोपाल में हुए शाही विवाह में तो बैंड भी जयपुर से बुलवाया गया था।
मध्यप्रदेश में सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी की सरकार में दिन-प्रतिदिन अब भ्रष्ट मंत्रियों का बोलबाला बढ़ता ही जा रहा है। प्रदेश की शिवराज सरकार में अभी तक जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया से जुड़े नेताओं के भ्रष्टाचार के कारनामें अब तक सामने आए हैं। वहीं अब इस फेहरिस्त में एक और नया नाम जुड़ता दिखाई दे रहा है। पूरा राजकोष जिनके कंधों पर टिका होता है और उनकी समझदारी के बल पर पूरे वर्ष भर के खर्चों का निर्णय लिया जाता है। ऐसे वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।
शराब ठेकेदारों से अवैध वसूली की कोशिश
शादी समारोह के लिए जगदीश देवड़ा ने कोई अलग से बजट नहीं रखा। उन्होंने जनता के टैक्स से वसूले गए पैसों को अनाप-शनाप ढंग से खर्च किया। विश्‍वनीय सूत्रों से वित्तमंत्री ने आबकारी अधिकारियों को यह निर्देश दिये थे कि प्रदेश के सभी शराब ठेकेदारों से लगभग 03 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वसूली जाए। अधिकारियों ने जब ठेकेदारों से अवैध वसूली शुरू की तो कईयों ने पैसे देने से मना कर दिया। जिन ठेकेदारों ने पैसे देने से मना किया उनके यहां जगदीश देवड़ा के इशारे पर छापामार कार्यवाही की गई और उनके यहां से अवैध शराब, शराब में मिलावट, टैक्स चोरी जैसे आरोप लगाकर उनकी दुकान बंद करवाने के प्रयास किए गए। ठेकेदारों से पूछने पर ठेकेदारों ने कहा कि नई शराब नीति का बहाना लेकर जगदीश देवड़ा ने अपने ओएसडी राजेश हेनरी जो कि आबकारी विभाग के अपर आयुक्‍त है इनके कारण बहुत सारे अफसरों को संरक्षण दे रखा है। यह सभी अधिकारी मंत्री के लिये वसूली का भी काम करते हैं। शादी में तीन करोड़ रूपये की मांग अधिकारियों ने शराब ठेकेदारों से अवैध वसूली की मांग की थी पर बहुत सारे शराब व्‍यवसाईयों द्वारा हाथ खिचे जाने के कारण फरवरी माह में आबकारी अमले ने शहर के आधा दर्जन शराब दुकानों पर छापामार कार्यवाही की। इस कार्यवाही के विरोध में शराब व्‍यवसाईयों एक दिन के लिये दुकाने बंद भी की। ये कार्यवाही रात में 11:30 की गई जिसके बाद इसके विरोध में दुकाने बंद रखी गई और करीब 5 करोड़ की राजस्‍व हानि प्रदेश को हुई। वैसे मंत्री जी पूर्व में भी अपना भ्रष्‍टाचार ओएसडी के माध्‍यम से कराते रहे हैं। इनके पूर्व ओएसडी व्‍यापमं घोटाले में आरोपी थे। कोई बानगी नही कि मंत्री जी के ओएसडी जल्‍दी ही कोई भ्रष्‍टाचार के मामले में जेल जायेगे।
करोडों रुपए फूंके, लेकिन हिसाब नहीं
फरवरी 2022 में वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा के बेटे हर्ष देवड़ा की शादी का समारोह आयोजित हुआ। शादी समारोह जगदीश देवड़ा की इच्छा अनुरूप बड़े ही धूमधाम से हुआ। प्रमुख समारोह शहर की नामी होटल नूर-अस-सबां में हुआ था। इस समारोह में मदिरा का भी खूब सेवन किया गया। इसके साथ ही इनके गृह जिले मंदसौर में भी काफी दावतें हुईं। चूंकि जगदीश देवड़ा ने शादी में जनता के करोड़ों रूपये फूंक दिए। यह करोड़ों रुपए कहां से आए किसी को कुछ नहीं पता। शादी समारोह में लाखों-करोड़ों रुपए के उपहार भी मिले, जिसका कोई हिसाब किताब नहीं। सूत्रों के अनुसार वित्तमंत्री जी ने कई अफसरों को यह तक निर्देश दिये थे कि शादी समारोह में कोई भी बगैर सूटकेस के न पहुंचे।
मुख्यमंत्री की नाक के नीचे मचा रखा है कोहराम
प्रदेश में एक वित्तमंत्री द्वारा शराब ठेकेदारों के साथ किया गया यह व्यवहार निश्चित तौर पर बर्दाश्त के बाहर है। लेकिन यह सब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नाक के नीचे हो रहा है और मुख्यमंत्री जी को इस बात की खबर तक नहीं है। बड़ा सवाल यह है कि आखिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ऐसी क्या मजबूरी है कि वो वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा की करतूतों को जानते हुए भी उन पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। अगर वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा की ऐसी ही मनमर्जी चलती रही तो वह दिन दूर नहीं जब पूरी भाजपा सरकार को बदनामी का दाग झेलना पड़ेगा और इसका सीधा असर आगामी विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा।
यह पहला अवसर नहीं है जब जगदीश देवड़ा के ऊपर भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगे हों। इससे पहले भी अलग-अलग विभागों में मंत्री रहते हुए जगदीश देवड़ा ने विभागों में भ्रष्टाचार कर विभाग को खोखला करने का प्रयास किया है। जगदीश देवड़ा से जुड़ा भ्रष्टाचार का मामला पिछले दिनों सामने आया जब उनके इशारे पर आबकारी विभाग के अधिकारियों ने शराब के ठेकेदारों से अवैध वसूली करना शुरू की। इसके अलावा इनका नाम व्‍यापमं कांड में भी आया था। गौरतलब है की मंत्री जगदीश देवड़ा ही व्यापम घोटाले के परिवहन आरक्षक भर्ती घोटाले के मुख्य सूत्रधार रहे है। क्रमशः

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