भोपाल। (हिन्द न्यूज सर्विस)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की १५ सालों की कार्यशैली से नाराज मतदाताओं ने १५ वर्षों से सत्ता से वनवास भोग रही कांग्रेस को सत्ता पर काबिज होने के लिये अवसर दिया था, लेकिन कमलनाथ की सरकार में भी वही सब कुछ हुआ जिसको लेकर वह भाजपा पर आरोप लगाते थे हालांकि कमलनाथ सरकार में ही तबादला उद्योग भाजपा की तर्ज पर खूब चला था और उस दौरान कमलनाथ सरकार के मंत्रीमण्डल के सदस्य सज्जन सिंह वर्मा के परिजनों और दामाद द्वारा जिस तरह से मध्यप्रदेश के राजधानी को दलाली का अड्डा बना रखा था आज भले ही कांग्रेस भाजपा के तबादला उद्योग को लेकर भाजपा सरकार को घेरने में लगी हुई है, यह तो वही हुआ कि एक दूसरे पर कीचड़ उछालकर अपने पाप को छुपाने में लगे हुए हैं हालांकि वर्तमान में भाजपा और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाकर अपनी असफलताओं को छुपाने का जो दौर चल रहा है उसे लेकर भाजपा के एक बुजुर्ग बुंदलेखंड के नेता ने जो किस्सा सुनाया वह भाजपा और कांग्रेस के नेताओं पर सटीक साबित हो रहा है
भाजपा के बुजुर्ग नेता के अनुसार बुंदेलखंड में एक कहावत ऐसे नेताओं और व्यक्तियों को लेकर चर्चित है कि एक लड़का सड़क पर खड़े होकर पेशाब कर रहा था तो लोगों ने कहा कि बड़ा बेशर्म लड़का है तो इसके पिता से शिकायत करें जब वह लोग उसके पिता से शिकायत करने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि जिसके पुत्र की वह शिकायत पहुंचे थे उसके पिता भी चक्कर लगाकर पेशाब कर रहे थे? ठीक इसी तर्ज पर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं की राजनीति चल रही है कमलनाथ की सरकार में चले तबादला उद्योग को लेकर जहां कई तरह के गंभीर आरेाप लगे थे तो वहीं सज्जन ङ्क्षसह वर्मा और उनके परिजनों के साथ साथ दमाद सहित कमलनाथ सरकार की छवि धूमिल करने की कोशिश की थी तो वहीं भाजपा के मुख्यमंत्री शिवराज
चौहान कमलनाथ पर मंत्रालय की पांचवीं मंजिल को दलाली का अड्डा बनाने का आरोप लगा रहे हैं इस तरह के दोनों दलों के नेताओं द्वारा एक दूसरे पर आरोप लगाने के बाद ऐसा नहीं है कि जो भाजपा कांगे्रेस के १५ महीने के शासनकाल पर गंभीर आरोप लगाकर अपने मंत्री और नेताओं पर किये जा रहे कृत्य पर परदा डालने का काम करके अपने आपको पाक-साफ साबित करने में लगे हुए हैं लेकिन ऐसा नहं है कि सिंधिया व उनके समर्थकों के भाजपा में शामिल होने और उनके द्वारा मिले उधार के सिंदूर से सुहागन बन मुख्यमंत्री बने शिवराज सिंह चौहान के शासनकाल में सबकुछ ठीकठाक हो रहा है ऐसा दावा नहीं किया जा सकता जो उनकी केन्द्रीय शासन के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भ्रष्टाचार के खिलाफ तरह-तरह के बयान देकर अपनी सरकार को ईमानदार बताने का प्रयास करते हैं लेकिन इस देश की जनता यह भलीभंाति जानती है कि भारत की आजादी के १९४७ से लेकर इस देश की जनता ने राजनेताओं के झूठ के सहारे जीना सीख लिया है, लेकिन २०१४ के बाद जिस प्रकार से भाजपा की केन्द्र में सरकार आने के बाद भाजपा के नेता चाहे राष्ट्रीय हों या मध्यप्रदेश के सभी उसी झूठ के सहारे जनता के हितैषी होने का झुनझुना थमाकर बेकवूफ बनाने का काम कर रहे हैं देश के साथ-साथ इस प्रदेश में झूठ के सहारे जनता गुमराह होती रही लेकिन जिस तरह से २००५ के बाद इस प्रदेश की जनता ने झूठ के सहारे जीने का तरीका अपनाया है उसके चलते वह अपनी जिंदगी बसर कर रहे हैं? भाजपा के नेता भले ही अपने आपको पाक-साफ और ईमानदार बताने के प्रयास में लगे हो और अपने चाल, चरित्र और चेहरे की दुहाई देते रहे हों लेकिन कमलनाथ के शासनकाल के लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा की तर्ज पर इस प्रदेश की भाजपा सरकार के शिवराज मंत्रीमण्डल के सदस्यों द्वारा कई मंत्रियों के द्वारा जो खेल खेला जा रहा है उस खेल को देखकर ही लोग यूं ही चुप हैं,
शिवराज मंत्रीमण्डल के एक मंत्री जिनका नाता किसानों से है उनकी कार्यशैली को देखकर लोगों को अब कमलनाथ के शासनकाल में सज्जन सिंह वर्मा व उनके परिजनों की तर्ज पर उनके भतीजे, दामाद और बेटे द्वारा जिस तरह की दलाली का खेल तो चल ही रहा है लेकिन सत्ता के मद में उनके इन नाते रिश्तेदारों द्वारा लोगों को धमकाने के भी वीडियो वायरल हो रहे हैं उन्हें सुनकर व देखकर तो यही लगता है कि चाहे भाजपा हो या कांग्रेस दोनों ही दलों के लोगों का काम जनता को गुमराह कर शासन चलाने का हो यह अलग बात है कि प्रदेशाध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ अपनी स्टाइस से जनता को बेवकूफ बनाते हैं जहां तक शिवराज व उनके कुछ मंत्रियों की कार्यशैली का सवाल है तो वह भी कांग्रेस की तरह जनता के हितैषी होने का ढिंढोरा तो पीटते हैं लेकिन हकीकत में वह भी वही कांगे्रेस की नीतियों पर चलकर उनके नाते रिश्तेदारों द्वारा जो खेल इस प्रदेश में खेला जा रहा है वह भी कमलनाथ की सरकार के मंत्रियों की कार्यशैल से कुछ कम नहीं है?

