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*इंदौर में राहुल के आगमन से डरा संघ और भाजपा!*

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 – सुसंस्कृति परिहार 

आजकल होलकर साम्राज्य की रानी देवी अहिल्या बाई की नगरी इंदौर में मुर्दनी छाई हुई है।जिन्होंने मालवा साम्राज्य पर शासन किया और इंदौर को अपनी राजधानी बनाया, उन्हें न्यायप्रिय, धर्मपरायण और दूरदर्शी शासक के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने देश भर में कई मंदिरों और घाटों का निर्माण व जीर्णोद्धार करवाया।  देवी अहिल्या जिन्होंने साहिब जी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मणिकर्णिका घाट का निर्माण कराया था जिसे देखकर लोग रोमांचित होते रहे हैं।उसी देवी की प्रतिमा को इस वीभत्स तरीके से उठाकर बुलडोजर ने फेंका है उसके चित्र सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं किन्तु संघ के इस महत्वपूर्ण गढ़  इंदौर में कहीं कोई प्रतिक्रिया नहीं देखी गई।

इसके पहले इंदौर जैसे बड़े नगर को स्वच्छता के लिए कई दफा पुरस्कार मिले उसी शहर में नर्मदा जल पाईप लाईन से जल पीने वाले भागीरथपुरा में 24 लोग मर गए कई अभी भी मौत से कई अस्पतालों में मौत से जूझ रहे हैं।यह मौतें पाईप लाईन में लीकेज की बदौलत हुई है। जिसमें गंदला जल सीवेज का जाके मिला।

ऐसी परिस्थितियों में प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी भागीरथपुरा 17जनवरी को पहुंचेंगे। वहां वे एक घंटे रहेंगे।इससे पूर्व वे बाम्बे अस्पताल में बीमार लोगों से बातचीत करेंगे।इस घटना के विरोध में आज से ही कांग्रेस महात्मा गांधी प्रतिमा के सामने सामूहिक उपवास प्रदेश सभी जिलों में करेगी।एक और कार्यक्रम की अनुमति संघी कलेक्टर ने नहीं दी। उसके आयोजन के ज़रिए प्रदेश के एक हजार पार्षद वा अन्य की एक बैठक आयोजित की गई थी ताकि भागीरथपुरा जैसी घटनाओं पर पूर्ण विराम की बात की जा सके।यह उन्हें नापसंद था। इसलिए इसे रोका गया।जाने किस डर के वशीभूत हो इसकी अनुमति नहीं दी गई। पिछले दिनों पूर्व यहां के कलेक्टर को इंदौर के संघ दरबार के दरवाज़े के बाहर मिलने की अनुमति की प्रतीक्षा करते देखा गया।जिसकी फोटो संघी कलेक्टर नाम से सामने आई।इस घटनाक्रम को कांग्रेस संघ के आदेश के रुप में देख रही है।

बहरहाल,जिस शहर की डोर संघ के  लोग संभाले हों उनसे क्या उम्मीद की जाती है। लेकिन इंदौर की ताई नाम से मशहूर पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने राहुल गांधी के आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त की है। जिससे इंदौर से प्रदेश के कथित दबंग संघी शहरी विकास और आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय और संघ को आघात पहुंचा है ऐसा  ताई ने क्यों कहा है, यह बीजेपी को अच्छी तरह से मालूम है?

प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 

ने भी राहुल की इस यात्रा को लाशों पर राजनीति बताया है। उन्होंने प्रतिपक्ष नेता को सकारात्मक काम करने का परामर्श भी दे डाला है।

इसलिए राहुल गांधी की यह यात्रा निर्विघ्न सम्पन्न हो इसकी उम्मीद कम है अब यह देखना होगा कि इंदौर शहर की जनता इस यात्रा को किस नज़रिए से देखती है?

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