चीन ने कमोडिटी की कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं। इसके बाद बहुत से ब्रोकरेज और विश्लेषक और कमोडिटी ) शेयरों पर सावधानी बरतने लगे हैं। कई विशेषज्ञ कमोडिटी शेयरों की रेटिंग भी घटाने लगे हैं।
स्टार्ट अप में निवेश नहीं
जिस तरह हर बुलबुला फटने के बाद फिर से तेजी दर्ज की जाती है, उसी तरह शेयर बाजार के दिग्गज राकेश झुनझुनवाला भारत के जीडीपी ग्रोथ रेट ) पर बड़ा दांव खेल रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि अगले दो दशक तक भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट दो अंकों में रह सकती है। शेयर बाजार के बिग बुल राकेश झुनझुनवाला ने कहा है कि भारत में स्टार्टअप की मौजूदा होड़ एक घुड़दौड़ की तरह हो गई है
।स्टार्टअप का वैल्युएशन सही नहीं
राकेश झुनझुनवाला ने कहा है कि स्टार्टअप बिजनेस वास्तव में बहुत बड़ा सट्टा होता है उन्होंने इसके लिए घुड़दौड़ का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अगर किसी रेस में 1000 घोड़े दौड़ रहे हो तो हम उनमें से सिर्फ 10 पर दांव लगा सकते हैं। किसी स्टार्टअप में निवेश के लिए हमें एक आर्गेनाईजेशन की जरूरत होती है। राकेश झुनझुनवाला ने कहा कि इस वैल्यूएशन पर स्टार्टअप में निवेश करना समझदारी नहीं है
।शेयर बाजार पर राकेश को भरोसा
भारत के जीडीपी ग्रोथ पर पूरा भरोसा जताते हुए राकेश झुनझुनवाला ने कहा है कि उन्होंने भारतीय शेयर बाजार से काफी पैसे कमाए हैं। भारतीय शेयर बाजार अर्थव्यवस्था की सही स्थिति का आकलन करने के बाद ही कदम बढ़ाता है। भारत के वारेन बफे कहे जाने वाले राकेश झुनझुनवाला ने कहा कि अगर हम अगले 10 साल के लिए दांव लगाने के लिए तैयार हैं तो हमें अच्छी कंपनियों का चुनाव कर उसमें निवेश करना चाहिए।
भारत पर भरोसा कायम
शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला ने कहा है कि इस समय शेयर बाजार का सेंटीमेंट भले ही कमजोर हो, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। भारतीय कंपनियों के नतीजों के हिसाब से पिछले 5 साल की अवधि में पिछली कुछ तिमाहियों उनके लिए बेहतरीन रही है। राकेश झुनझुनवाला ने कहा कि डिजिटाइजेशन, आईबीसी, रेरा, जीएसटी कानून, श्रम कानून, माइनिंग और पावर सेक्टर में किए गए सुधार की वजह से देश की अर्थव्यवस्था को लंबी अवधि में काफी मदद मिलने की उम्मीद है।

