अग्नि आलोक

विश्व हार्ट दिवस पर कुछ पुरानी यादे

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कनक तिवारी

आज विश्व हार्ट दिवस है ।हृदय दिवस मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है ।22 नवंबर 2011 को मुझे बिलासपुर स्टेशन तक चलता रहा । मैं अपने डिब्बे में बिल्कुल अकेला था। यह भी एक अजूबा है । एक युवती अलबत्ता दूर सीट पर बैठी थी। उसे जम्मू में नई नई नौकरी मिली थी। वह लगातार किसी से फोन पर बात कर रही थी। हम दोनों के बीच कोई  देखने तक का मामला नहीं था। पर्दे पड़े हुए थे । ।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।

अचानक मुझे हिम्मत बटोरने के लिए  आमिर खान की फिल्म ” थ्री ईडियट्स” याद आई और उनका डायलॉग जो बहुत प्रसिद्ध था और मैं अपने आप से और फिर जोर जोर से कहने लगा “ऑल इज़ वेल ऑल इज वेल” । मुसीबत में तिनके का सहारा भी बहुत बड़ा सहारा होता है ना भाई! ।।।।।।।।।।।।।।।भगवान शिव की भी याद की केदारनाथ में जाकर कल्पना में। मुझे अपनी केदारनाथ यात्रा में ऐसे अद्भुत अनुभव हुए हैं जो संसार में किसी  को हुए होंगे पता नहीं? क्यों हुए कैसे हुए? उससे मेरे मन में एक भुरभुरी रही है शिव के नाम को लेकर।।।।।।।।।।।।।।।।। यह स्वीकार करने में मुझे कोई गुरेज नहीं है कि मैंनै अजीत जोगी के साथ हुए हादसे की याद की और मन में सोचा कि अजीत जोगी ने इतनी बड़ी मुसीबत को जेल कर अपना हौसला कायम रखा है ।तो मुझे भी अपना हौसला कायम रखना है।।।।।।।।। स्वस्थ होने के बाद यह बात मैंने अजीत जोगी को बताई भी थी।

।।।किसी तरह अपोलो अस्पताल बिलासपुर में प्राथमिक ट्रीटमेंट कर मुझे डॉक्टर सामल की टीम ने बचाया। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।फिर मुझे हवाई जहाज में मेदांता गुड़गांव अस्पताल भेजा गया। मुझे दिल्ली भिजवाने में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह और उनके सलाहकार शिवराज सिंह और विक्रम सिसोदिया की खास मेहनत थी । तब के मुख्य मंत्रीडॉ रमन सिंह ने बहुत निजी दिलचस्पी ली। डॉ नरेश त्रेहान से बात कर उनसे कई अनुरोध किये और जब मुझे होश आया ऑपरेशन के बाद मुझे देखने भी आए थे ।इस बात को एहसान की तरह मानता हूं। उसी दिन हमारे छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रहे अनंग कुमार पटनायक भी देखने आए थे।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। हां यह भी है कि पूरे जीवन कांग्रेस की सेवा करने के बावजूद केवल डॉक्टर चरण दास महंत थे जिन्होंने बीमारी की हालत में मुझे देखने की कोशिश की।।। कांग्रेसियों ने सोचा होगा कि मरने वाला तो है नहीं जाकर टाइम क्यों खराब करें। जिन विद्या चरण शुक्ल की जीवन भर सेवा की राजनीति में। वे दिल्ली में रहकर भी आना तो दूर टेलीफोन भी नहीं कर पाए।

।।।।।।।।।।।।।।।।।।वहां डॉ नरेश त्रेहान और उनकी टीम ने मुश्किल 8 दिन के बाद 30 नवंबर को ऑपरेशन किया। बहुत सा दिल तो कट गया। जो बचा खुचा था। उसके सहारे आगे जिलाया मुझे। ।।।।।।।।।।।

।।।।।हां मुझे स्वीकार करना चाहिए मेरे परिवार ने खासकर मेरी पत्नी बेटी बहू और बेटे ने और पत्रकार आत्मीय आलोक पुतुल और मेरे भतीजे  अभिषेक  और मेरे जूनियर जितेंद्र पाली ने बहुत सेवा की। मैं उनका शुक्रगुजार हूं।अब मैं उषा मुल्लापुड़ी कार्डिक सेंटर हैदराबाद के डॉक्टर मोहम्मद अख्तर के जिम्मे हूं।धमतरी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। मुझे डॉक्टर अख्तर ने कहा था कि आप बिलासपुर में रहते हैं तो वहां डॉक्टर के के अग्रवाल से जरूर मिलें। बिलासपुर के डॉ के के अग्रवाल के पास अद्भुत मशीन है। कोई दो करोड़ रूपों की होगी। तब ऐसी मशीन कई शहरों में नहीं थी हैदराबाद में भी नहीं थी। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक therapy करते हैं साउंड की ध्वनि की तरंगे उठाकर । छाती पर कंप्यूटर जैसी कोई मशीन रखते हैं फिर वह बहुत आवाज करती है और 15 मिनट बाद उसे हटा लेते हैं तब तक हृदय की उन कोशिकाओं के रक्त प्रवाह की जानकारी भी उसको मिल जाती है जो आमतौर पर अस्पतालों में नहीं मिलती। एक भी कोशिका छूटती नहीं है।उससे दिल को कुछ मजबूती मिली और दिल से दिमाग को मजबूती मिली। फिर लिखने का मन हुआ। जीने का मन हुआ। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।तो आज विश्व हृदय दिवस की सबको बधाई!! लेकिन जो सत्ता में बैठे हैं कमबख्त हृदयहीन हैं उन्हें भी बधाई!!!!! तथाकथित कलयुग का अभिशाप तो देखो। जितने बड़े हृदयहीन हैं उतनी ऊंची कुर्सी पर बैठे हैं।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।

अचानक अंग्रेजी का रोमांटिक कवि कीट्स याद आ गया । जॉन कीट्स जिसे मैंने पढ़ा पढ़ाया है कभी। उसकी महान कविता “ओड टू द नाइटिंगेल” में कवि कहता है# my heart aches and a  drowsy numbness pains my senses_ as though  of hamlock I have drunk___#

कनक तिवारी

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