अग्नि आलोक

*ऐसे थे मध्य भारत के पहले मुख्य मन्त्री*

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रामस्वरूप मंत्री

यह बात सात दशक पहले की हे जब मध्य प्रदेश को मध्य प्रांत के नाम से जाना जाता था,इस प्रांत के मुख्यमंत्री पद पर मध्य भारत के पहले मुख्यमंत्री थे खाटी कोन्ग्रेसी गांधीवादी विचार धारा वाले लीलाधर जी जोशी,दर असल उस वक्त मध्य भारत की ग्वालियर ओर इंदोर सयुक्त राजधानी हुवा करती थी उन्हे मुख्य मन्त्री पद की शपथ ग्वालियर मे लेनी थी उस वक्त के उनके मित्र स्वतंत्रता सेनानी डूगर सिह ओर गौतम शर्मा ने उनसे कहा की शपथ लेने से पहले आप बाल बनवा ले ओर कपडे भी ठीक ठाक पहन ले लेकिन वो इतनी सादगी पसंद थे की उल्टा उन्होने यह जुमला क्स दिया की क्या मेरी शादी होने जा रही हे क्या जो मुझे इस तरह सज धज के शपथ दिलाने ले जाया जा रहा हे,,उन्होने कहा *मे एक राजनेतीक दाईत्व स्वीकार करने जा रहा हु ओर तुम लोग मुझे दूल्हा बनाना चाहते हो जेसा हू वेसा ही रहने दो* ,,क्या आज के इस दौर मे यह कल्पना नही हे? मध्य भारत जेसे बने नये राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाए भी वह बहुत सहज,सरल,थे शपथ ग्रहण समाहरोह मे लीलाधर जी बहुत सामान्य ओर अपनी रोज पहनने वाली वेश भुषा मे ही पहुचे ।लेकिन कुछ समय बाद कॉंग्रेस विधायक दल मे उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया ।जेसे ही उन्हे सूचना मिली उन्होने तुरंत मुख्यमंत्री पद से स्तिफे की पेश कश कर दी लेकिन देश के तत्कालीन गृह मन्त्री सरदार वल्लभभाई पटेल के कहने पर उन्होने स्तिफा नही दिया ।लेकिन कुछ समय बाद जब वही स्थिति वापस बनी तब उन्होने अपने मन की की ओर स्तीफा दे कर ले अपना बिस्तर पेटी उठा कर चल दिये रात की पेसेनजर से अपने गृह नगर शुजाल्पुर मुख्यमंत्री की कुर्सी की हेसीयत उनके लिये इतनी ही थी। 

राजमाता जब मिलने पहुची तो बोले ये टपकती छत ही मेरे राजनेतीक जिवन का इनाम हे,लीला धर जी वो शक्स थे जो अपने हाथ से अपना कुर्ता सिल कर विधानसभा जाया करते थे उन्हे कभी फटे कपडे पहन कर कही भी जाने से गुरेज कभी नही रहा 

*नमन आपको*

*क्या यह देश कभी इस पथ की ओर फ़िर अग्रसर होगा*

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