▪️गांधी ने पूछा – कौन चार्ली चैपलिन..?
अपने समय के महान अभिनेता चार्ली चैपलिन और युगपुरुष महात्मा गांधी की मुलाक़ात ठीक चौरानवे साल पहले इंग्लैंड में हुई थी।
ये मुलाक़ात 22 सितंबर,1931 को लंदन में हुई थी।
गांधी जी उस समय ‘गोलमेज सम्मेलन’ में शामिल होने लंदन में थे। वे दक्षिण अफ्रीका से भारत वापसी के बाद करीब एक दशक के अंतराल के बाद लंदन पहुंचे थे।
संयोग से हॉलीवुड के सुपर स्टार चार्ली चैपलिन भी उस समय अमेरिका से अपनी जन्मभूमि लंदन पहुंचे थे। वे अपनी फ़िल्म ‘सिटी लाइट्स’ के प्रीमियर के लिए आए थे।
गांधी जी लंदन के झोपड़ पट्टी वाले इलाके कैनिंग टाउन में बैकटन रोड पर अपने मित्र डॉ चुन्नीलाल कत्याल के बेहद साधारण घर में रुके थे जबकि चैपलिन बेहद महंगे पांच सितारा होटल में।
(चार्ली का बचपन बेहद अभावों और ग़रीबी में बीता था जबकि गांधी का अच्छे खासे सम्पन्न परिवार में।)
चैपलिन को अख़बारों से पता चला कि गांधी जी लंदन में हैं तो उन्होंने मिलने की इच्छा जताई।
गांधी जी को बताया गया तो उन्होंने पूछा ये कौन है? गांधी सचमुच चार्ली चैपलिन को नहीं जानते थे। जब उन्हें बताया गया कि चार्ली बहुत बड़े अभिनेता हैं और भारत की आज़ादी के संघर्ष के समर्थक हो सकते हैं तब गांधी उनसे मिलने को तैयार हुए।
अंततः 22 सितंबर 1931 को चार्ली चैपलिन गांधी जी से मिलने कैनिंग टाउन के उस छोटे से घर में पहुंचे। अपने समय के दो महान व्यक्तियों की मुलाक़ात को देखने लिए उस बस्ती में हज़ारों लोगों की भीड़ जुटी हुई थी।
दोनों में देर तक तमाम मुद्दों पर बात हुई।
चैपलिन ने गांधी जी द्वारा मशीनों के विरोध पर कई सवाल पूछे। चैपलिन ने भारत की आज़ादी के पक्ष में विचार व्यक्त किए।
दोनों ने एक दूसरे कर गहरा प्रभाव छोड़ा।
▪️गांधी जी और चार्ली चैपलिन की मुलाक़ात की याद में सन 2015 में वहां की सिटी काउंसिल और स्थानीय लोगों ने कैनिंग टाउन में ‘गांधी चैपलिन मेमोरियल गार्डन’ बनाया गया है।
▪️याद रहे…
कुछ साल पहले किसी अपढ़, कुपढ़ ने कहा था कि गांधी जी को रिचर्ड एटनबरो की फिल्म के बाद दुनिया ने जाना था।
▪️चित्र:
पहले चित्र में गांधी और चैपलिन
दूसरे चित्र में गांधी, चैपलिन के अलावा अन्य लोगों में पीछे दाहिनी ओर सरोजिनी नायडू।

