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तनिष्क महज एक नाम भर नहीं

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देश में सोने के आभूषणों का अग्रणी ब्रांड तनिष्क महज एक नाम भर नहीं, बल्कि यह हमारी वर्षों पुरानी संस्कृति और परंपरा को सहेजने और उसे आगे बढ़ाने का एक खूबसूरत माध्यम है। तनिष्क लगातार देश के अलग-अलग इलाकों में प्रचलित पारंपरिक गहनों को आधुनिकता के सांचे में ढालकर परंपरा और आधुनिकता के संगम को बनाए रखने का काम कर रहा है

हम कितने भी आधुनिक हो जाएं, लेकिन शादी-समारोहों के अवसर पर पहने जाने वाले आभूषणों का अपना महत्व है। यह सोने के आभूषण ही हैं, जो हमारी सांस्कृतिक एवं पारंपरिक विरासत से हमें जोड़े रखते हैं। नई दुल्हन के चेहरे पर असली चमक भी तभी आती है, जब उसके गले, माथे, मांग और हाथों में सोने के गहने होते हैं। तभी उसका श्रृंगार भी पूरा होता है। मां का दिया हुआ गहना हर दुल्हन को यह भरोसा दिलाता है कि अब से वह वैवाहिक जीवन के हर रीति-रिवाज और परंपरा को निभाने और आगे बढ़ाने के काबिल हो गई है। तनिष्क के आभूषणों का रूप और उनका अंदाज भी प्रत्येक राज्य, जिले और शहर की स्थानीय संस्कृति और पहनावे में ढला हुआ है।

हर इलाके की अपनी एक विशेषता होती है। मसलन बिहार और झारखंड में पारंपरिक शादी के आभूषण जनजातियों के गहनों से बहुत प्रभावित हैं। चाहे वह दुल्हन का हार हो, मांगटीका हो, चूड़ी-कंगन हो या फिर नथ। चंदनहार भी स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय हारों में से एक है। बिहार के आंचलिक प्रांतों में शादियों में पहने जाने वाले पारंपरिक गहनों पर बहुत ज्यादा शोध के बाद तनिष्क ने वेडिंग कलेक्शन की एक अलग रेंज पेश की है।

बिहार और झारखंड का बेहद खास आभूषण है ढोलना

हर राज्य के कुछ खास पारंपरिक गहने हैं, जो दुल्हन की पहचान होते हैं। बिहार और झारखंड की शादियों में खास आभूषण है ढोलना। पति-पत्नी के बीच अटूट प्रेम और भरोसे को पहचान देने के लिए तनिष्क ने ढोलना के खास डिजाइन तैयार किए हैं। बिहार में सुहाग का प्रतीक ढोलना, बिल्कुल मंगलसूत्र की तरह होता है, जिसे दुल्हन को ससुराल पक्ष की ओर से शादी के मंडप में जेवर चढ़ाते समय पारंपरिक लाल धागे में दिया जाता है। आधुनिक दुल्हन की पसंद और अनूठे अंदाज को ध्यान में रखकर तनिष्क ने सुहाग के प्रतीक ढोलना के अनूठे डिजाइन्स तैयार किए हैं, ताकि जीवनसाथी का प्यार और निशानी हर पल उसके साथ बनी रहे।

हाय-लाइट्स ज्वेलरी कलेक्शन की एक व्यापक रेंज मौजूद

तनिष्क के आभूषणों में बिहार की लोककला और संस्कृति की झलक मिलती है, जो बिहार की शादी को और भी यादगार बनाती है। ये आभूषण पारंपरिकता और आधुनिकता के अनोखे संगम का अच्छा उदाहरण हैं। तनिष्क ने ‘हाय-लाइट्स’ ज्वेलरी कलेक्शन के तहत 18 कैरेट सोने में हल्के वजन के आभूषणों की एक रेंज शुरू की है, इन्हें शादियों से लेकर दैनिक परिधानों के साथ पहना जा सकता है।

अब अपने पुराने आभूषणों को पहनाएं तनिष्क का नया लिबास

हमारे पास कुछ खास गहने ऐसे होते हैं, जिन्हें हम हमेशा उसी रूप में देखना चाहते हैं, क्योंकि उनसे हमारी खूबसूरत यादें जुड़ी होती हैं। समय के साथ आभूषणों का ट्रेंड भी बदला है, ऐसे में दोबारा नए आभूषण बनवाने से बेहतर है कि उसी गहने को नया रूप दिया जाए, ताकि नए लिबास में यादें ताजा रहें। तो क्यों न आप अपने पुराने गहनों को नया लिबास पहनाएं और मीठी-प्यारी यादों को हमेशा ताजा रखें। तनिष्क के गोल्ड एक्सचेंज ऑफर की मदद से अपने पुराने गहनों को आसानी से बदला जा सकता

22 कैरेट से ज्यादा के सोने पर पाएं 100 फीसदी एक्सचेंज मूल्य

आपने भले ही किसी आभूषण को तनिष्क के बजाय किसी अन्य ज्वेलर से खरीदा हो, लेकिन इसके लिए आपको चिंता करने की जरुरत नहीं है, क्योंकि तनिष्क हॉलमार्क आभूषणों की विस्तृत श्रृंखला से आप अपने पुराने आभूषणों की डिजाइन न केवल बदल सकते हैं, बल्कि उन्हें अपनी पसंद के मुताबिक ढलवा भी सकते हैं।

तनिष्क के पास आप अपने पुराने गहने की शुद्धता की जांच भी करा सकते हैं और उसे बदलकर सबसे शुद्ध सोना ले सकते हैं। आपको सोने की बढ़ती कीमतों की चिंता करने की भी जरुरत नहीं है, क्योंकि आपका पुराना सोना आपको नई डिजाइन दिलवाने के लिए काफी है। इसके लिए कोई अतिरिक्त चार्ज भी नहीं देना पड़ेगा।

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