अग्नि आलोक

*मुंबई सीरियल ब्लास्ट का वो खौफनाक मंजर आज भी खड़े कर देता है रोंगटे…11 मिनट में 7 धमाके..*. 

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आज ही के दिन मुंबई में एक भयंकर बम ब्लॉस्ट में 160 जिंदगियां हमेशा के लिए सो गई थीं। इस बम ब्लॉस्ट के बारे में सोचकर आज भी देशवासियों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। 11 जुलाई 2006 में भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई में ट्रेन नेटवर्क पर हुए 7 बम विस्फोटों में 160 से अधिक लोग मारे गए थे और 460 अन्य घायल हो गए।

लोकल ट्रेनों में 11 मिनट के अंतराल पर 7 बम धमाके हुए। इन धमाकों में 189 लोगों की जान चली गई और 460 से ज्यादा लोग घायल हो गए। ये धमाके माटुंगा से मीरा रोड के बीच हुए। पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने ये साजिश रची थी। आतंकियों ने प्रेशर कुकर में बम बनाए थे। मकोका (MCOCA) की विशेष अदालत ने 2015 में 12 लोगों को सजा सुनाई थी।

11 जुलाई की शाम थी। दफ्तरों में काम खत्म हो गया था। लोग घर जाने के लिए स्टेशनों पर भाग रहे थे। वे लोकल ट्रेन पकड़ना चाहते थे। शायद ही किसी को पता था कि उनका ये सफर कभी खत्म नहीं होगा। वे घर पहुंचने से पहले ही आतंकवाद का शिकार हो जाएंगे। यह 2006 का साल था। मुंबई की लोकल ट्रेनें लोगों को घर ले जा रही थीं। ट्रेनों में बहुत भीड़ थी। लोग दिनभर काम करके थके हुए थे। लेकिन उनके चेहरे पर घर जाने की खुशी भी थी। तभी एक के बाद एक सात धमाके हुए। पूरा मंजर बदल गया। माटुंगा से मीरा रोड के बीच 11 मिनट में 7 धमाके हुए।

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