अग्नि आलोक

कम नहीं हैं स्वेटर पहनकर सोने के नुकसान 

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            डॉ. श्रेया पाण्डेय 

मौसम कोई भी हो, सोना कपड़े उतारकर ही चाहिए यानी निर्वस्त्र. स्वास्थ्य के लिए आदर्श स्थति यही है. सर्दी के मौसम में हर कोई कपड़े पहनकर सोता है. हल्के कपड़े पहनकर सोएं तो भी कम नुकसान हो, लोग स्वेटर, कैप और जुराबें तक पहनकर सोते हैं. यह बहुत नुकसानदेय है.

      स्वेटर मानव सभ्यता का ज़रूरी अविष्कार है। ये न होता तो जाड़े में हमें केवल आग के सहारे ही दिन बिताना पड़ता। लेकिन इस ज़रूरी अविष्कार का सही इस्तेमाल हो तब तो कुछ बात बनेगी। हम उन सज्जनों और देवियों की बात कर रहे हैं जो सर्दी कम करके बेफिक्र सोने के लिए कम्बल, रजायी ओढ़ने के साथ स्वेटर भी पहन कर सोते हैं। अब उन्हें ऐसा लगता होगा कि ये उनके फायदे की चीज़ है लेकिन ऐसा है नहीं। 

1. बॉडी की ओवरहीटिंग

शरीर के तापमान का सही संतुलन बहुत जरूरी है। रात में स्वेटर पहन कर सोने से शरीर का तापमान ज़्यादा बढ़ सकता है। इससे आपको नींद में भी बेचैनी सताती रहेगी।

     शरीर का अपना एक गुण है जिसे विज्ञान थर्मोरेग्युलेशन के नाम से जानता है। इसका काम है कि ये शरीर का टेम्परेचर ऑटोमेटिक मेंटेन रखता है। ओवरहीटिंग से यह सिस्टम ही प्रभावित हो जाएगा जिससे थकान और कमजोरी रहेगी।

*2. सांस नहीं ले पाती स्किन :*

स्वेटर ज्यादातर ऊनी या सिंथेटिक मैटेरियल्स से ही बने होते हैं। रात में जब आप इन्हें पहन के सोएंगे तो आपकी स्किन सांस नहीं ले पाती। 

     अगर पसीना निकल गया तो ये छिद्र जिससे त्वचा सांस लेती है वह भी बंद हो जाएंगी। अब इसकी वजह से आपको होंगे रैशेज जो आपको खुजली और जलन दे कर जाएगी।

     पसीने की नमी की वजह से बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन का ख़तरा अलग है।

*3. ब्लड सर्कुलेशन पर इफेक्ट :*

स्वेटर अक्सर फीटिंग के ही होते हैं और जब आप उनको पहन के सोएंगे तो वो और टाइट होंगे अब इससे ब्लड सर्कुलेशन पर भी असर पड़ेगा। अब अगर ब्लड सर्कुलेशन बाधित हुआ तो मांसपेशियों में अकड़न या खिंचाव की समस्या से जूझना पड़ सकता है। 

     यही कारण है कि कुछ लोगों को सुबह उठने पर हाथ पांव सुन्न होने की समस्या से जूझना पड़ता है जिसे वो बाद में थोड़ा चल फिर कर दूर करते हैं।

*4. नींद पर असर :*

बाज़ार में बिक रहे इन दिनों के स्वेटर आपको सोते वक्त अनकम्फर्टेबल महसूस कराते हैं। ओवरहीटिंग या खुजली के कारण बार-बार नींद टूटनी स्वाभाविक है।

*5. सांस लेने में मुश्किल :

कुछ लोग रात में स्वेटर पहन कर सोने के बाद सांस लेने में परेशानी की शिकायत करते हैं। यह समस्या उन लोगों में अधिक होगी जिन्हें अस्थमा या एलर्जी की समस्या हो। 

     अब ऐसे में दो बातें हैं, एक तो ऊन के रेशे सांस के ज़रिए फेफड़े तक भी जा सकते हैं और उससे एलर्जी होने के चांसेस हैं। और यही एलर्जी कभी कभी अस्थमा अटैक का कारण भी बन जाती है।

*6. सर्दी जुकाम और इम्यून सिस्टम पर खतरा :*

ये तय है कि रात में स्वेटर पहनकर सोएंगे और उसके ऊपर कम्बल भी ओढ़ लेंगे तो ज़रूर पसीना आएगा। अगर वही पसीना ठंडा हो जाता है, तो आपको सर्दी जुकाम का भी ख़तरा बना रहेगा।

    जब वह पसीना ठंडा हो जाता है, तो यह सर्दी-जुकाम का कारण बन सकता है। गीले कपड़े से ठंड लगने के चांसेस तो तय हैं। इसके अलावा बार-बार अगर इस तरह से शरीर का टेम्परेचर बदलेगा,उससे आपके इम्यून सिस्टम को भी खतरा बना रहेगा।

*न्यूड नहीं सोएं, मगर इन बातों पर ध्यान दें :*

1. कॉटन या लूज फिटिंग नाइटवियर पहनें, जिससे आपकी त्वचा को सांस लेने में दिक्कत न हो। इससे हेल्दी स्किन बनी रहेगी।

2. ठंड में कमरे को गर्म रखने के लिए हीटर या गर्म कंबल का इस्तेमाल करें। हालांकि बहुत ज़्यादा देर तक कमरे में हीटर जला के रखना भी नुकसानदेह ही है।

3. अगर आपको ज्यादा ठंड लगती है, तो कंबल या दोहरी चादर का इस्तेमाल करें। इस तरीके से ठंड आसानी से चली जाती है।

4. कुछ लोगों के हाथ पैर कम्बल में भी ठंडे रहते हैं। खास अगर ऐसा बार-बार हो रहा है तो हल्के मोजे और टोपी पहन सकते हैं। इससे हाथ-पैर को पर्याप्त ऊष्मा मिलेगी।

5. सोने से पहले त्वचा को मॉइस्चराइज़ करें ताकि अगर कपड़े खुरदुरे भी रहें तो खुजली और रैशेस से बचा जा सके।

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