*विरेन्द्र भदोरिया*
एक प्रसिद्ध फिल्मी गीत की पंक्तियां आपको याद होंगी…
जिसकी होगी लाठी,
भैंस वही ले जाएगा,
रामचंद्र कह गए सिया से,
ऐसा कलियुग आएगा।
कवि प्रदीप ने कभी जिसके आने की भविष्यवाणी की थी,वह कलियुग पूरे धूम-धड़ाके के साथ अब आ चुका है। देश ही नहीं पूरी दुनिया ने विस्फारित नेत्रों से सूरत में लाठी के बूते लोकतंत्र की भैंस को अपने तबेले में ले जाते हुए देख लिया।
कहने वाले तो चिल्ला चिल्ला कर यह कह रहे हैं कि यह आखिरी चुनाव है, आगे चलकर अव्वल तो चुनाव होंगे ही नहीं, दुनिया को दिखाने के लिए यदि कराने ही पड़े तो सब दूर सूरत दुहराया जाएगा। यह सिर्फ एक झांकी है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है।
मध्यप्रदेश के खजुराहो में जिस फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी गई, गुजरात के सूरत में उसकी पूरी शूटिंग संपन्न हुई। अब यह फिल्म पूरे देश में प्रदर्शन के लिए तैयार है।
खजुराहो लोकसभा सीट का रिटर्निग ऑफिसर कलेक्टर पन्ना हैं। कहा जाता है कि सपा उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के बाद बाकी निर्दलीय उम्मीदवारों पर नाम वापसी का तगड़ा दबाव बनाया गया था, किंतु भारी दबाव के बावजूद एक प्रत्याशी (रिटायर्ड आईएएस अधिकारी भैया लाल प्रजापति) द्वारा अपनी उम्मीदवारी वापस लेने से इंकार कर देने से पूरा खेल खराब हो गया, वरना बेमिसाल उपलब्धि का जो पहला ताज आज कलेक्टर सूरत के सर पर चमचमा रहा है,वह पन्ना कलेक्टर पर रौशन हो रहा होता। सरकार बहादुर को खुश करने के ऐसे दुर्लभ अवसर सबके नसीब में नहीं होते हैं।
अभी एक दिन पहले ही 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस मनाया गया, सरदार पटेल ने जिस सिविल सेवा को “स्टील फ्रेम आफ इंडिया” कहा था,आज उस पर जंग लगी देखकर उन्हें अफसोस हो रहा होगा। सरदार पटेल ने कभी सपने में भी न सोचा होगा कि उनके सपनों की शानदार सिविल सेवा में ऐसे ऐसे रीढ़विहीन व चापलूस हाकिम घुस आएंगे,जो देश के लोकतंत्र को दीमक की तरह चट कर जाएंगे। सिविल सेवा दिवस के ठीक अगले ही दिन सूरत कलेक्टर ने यह कारनामा कर दिखाया।
इसे संयोग कहें या प्रयोग कि खजुराहो (जिसमें पन्ना जिला सम्मिलित है) और सूरत दोनों का संबंध बहुमूल्य रत्न “हीरा” से है। पन्ना की खदानों से अनगढ़ हीरा निकलता है और सूरत में उसे तराशा जाता है। हीरा के बाद अब भारत के लोकतंत्र को तराशने का काम भी सूरत ने अपने हाथ में ले लिया है। बिना किसी भाग-दौड़, चुनाव संपन्न कराने के सफल प्रयोग और लोकतंत्र को तराशने के काम को बड़ी खूबसूरती से अंजाम देने के लिए सूरतवासियों को बहुत बहुत बधाई।

