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*धरती नहीं बचेगी चाँद बिना*

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       डॉ. प्रिया

चांद को लोगों ने अपने-अपने हिसाब से प्रदर्शित किया है. किसी के लिए चांद मामा है तो किसी के लिए महबूब, चांद हमारे जीवन के लिए भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है. इसका हमारे जीवन पर कई तरह से प्रभाव पड़ता है, आलम ऐसा है कि चांद के बिना धरती पर रहने वाले लोग जीवित नहीं रहेंगे क्योंकि चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण जलवायु, हमारे दिनों की लंबाई को प्रभावित करता है. इसका जैविक असर भी काफी ज्यादा है. इसके बिना जिंदगी खत्म हो जाएगी, इसके पीछे 5 चौंकाने वाले कारण हैं, आइए जानते हैं.

     रिपोर्ट के मुताबिक चंद्रमा पृथ्वी के झुकाव को नियंत्रित रखता है. जो लगभग 23.5 डिग्री पर है. अगर चांद नहीं होगा तो ये झुकाव बार-बार बदल सकता है ऐसे में मौसम में भी काफी ज्यादा परिवर्तन आएगा. चंद्रमा की वजह से ही मौसम स्थिर बना रहता है.

      चांद की गुरुत्वाकर्षण शक्ति की वजह से ही ज्वार-भाटा आते हैं. इसका बल पृथ्वी के महासागरों को उभार देता है. बता दें कि ज्वार समुद्री जीवों, पोषक तत्वों के मिश्रण और समुद्री धाराओं के लिए महत्वपूर्ण हैं. ज्वार की वजह से पृथ्वी की गर्मी को नियंत्रित करने में मदद मिलती है. 

      चंद्रमा धीरे-धीरे पृथ्वी के घूमने की गति को धीमा कर देता है. लगभग 1.4 अरब वर्ष पहले, चंद्रमा की निकटता की वजह से पृथ्वी पर एक दिन लगभग 18 घंटे लंबा होता था. 

      चंद्रमा द्वारा उत्पन्न ज्वारीय बल पृथ्वी के आंतरिक भाग को भी प्रभावित करते हैं. जिससे ग्रह के चुंबकीय क्षेत्र का निर्माण होता है और ये क्षेत्र पृथ्वी को हानिकारक सौर से बचाते हैं  और पृथ्वी के जीवन की रक्षा करते हैं. 

      कई जीव चंद्रमा के चक्रों पर निर्भर रहने के लिए विकसित हुए हैं. मछलियों और उभयचरों की कुछ प्रजातियां चंद्रमा के प्रकाश के हिसाब से  प्रजनन और प्रवास करते हैं. चंद्रमा की गतिविधि इनके अंडे देने की प्रक्रिया को भी प्रभावित करती है.

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