ये कौन डिसाइड करता है कि आपकी हमारी जीवन भर की बचत की पूंजी जो एलआईसी में जमा है उसे अडानी की कंपनियों में लगाया जाए? और सरकारी बैंको में जमा हमारी रकम से अडानी को लोन दिए जाए ?
आख़िर इस अनाप शनाप तरीके से हमारी जमा पूंजी को अडानी को सौंपकर कौन घी पिला रहा है
जाहिर है ये काम सरकार का ही है इसकी जिम्मेदारी से सरकार बच नहीं सकती !……
कल शेयर बाजार में जो कत्ल ए आम मचा है उसमें एलआईसी के अडानी से जुड़ी कंपनियों में इन्वेस्ट किए गए लगभग 23 हज़ार करोड़ रु स्वाहा हो गए हैं
आप पूछेंगे कि क्या सिर्फ एलआईसी का ही पैसा डूबा है और भी तो संस्थागत निवेशकों का पैसा डूबा होगा…… दुर्भाग्य से ऐसा नही है
अडानी समूह की कंपनियों में एलआईसी का निवेश बाकी सभी इक्विटी म्यूचुअल फंडों की होल्डिंग के मूल्य से पांच गुना से अधिक है
अडानी ग्रुप की कंपनियों में बीमा सेक्टर की कंपनियों का कुल जितना निवेश है, उसमें से 98.9 प्रतिशत अकेले एलआईसी का है
इक्विटी फंड की कुल संपत्ति 15.22 लाख करोड़ रुपये की मानी जा रही है उसमे बमुश्किल एक प्रतिशत हिस्सा यानी 15,701 करोड़ रुपये, ही अडानी की कंपनी में लगाया गया जबकि एलआईसी की अडानी में शेयरहोल्डिंग का मूल्य 8 प्रतिशत तक कर दिया गया
और ये पैसा पिछले दो सालों में ही लगाया गया
था एलआईसी का 2020 से पहले महज 7,304 करोड़ अडानी की कंपनियों में लगा था लेकिन 2023 आते आते यह रकम 10 गुना बढ़ा दी गई ………..24 जनवरी को अडानी ग्रुप में एलआईसी का निवेश 81,268 करोड़ रुपये पुहच गया है
इस दौरान डाइवर्सिफाइड इक्विटी म्युचुअल फंड (एमएफ) कुल मिलाकर अडानी समूह में बड़े निवेश करने से दूर रहे और हाल के महीनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने अडानी ग्रुप की कंपनियों में अपना निवेश कम किया
यानी एफपीआई ने भी अडानी से तौबा करना शुरु कर दी थी और म्यूचुअल फंड वाले निवेशक तो पहले से ही दूर थे
तो कौन था जो एलआईसी के अलावा अडानी को करोड़ों रूपए देकर उसे दुनिया का तीसरा अमीर बना रहा था
ये थे हमारे अपने सरकारी बैंक
सरकारी बैंकों ने अडानी ग्रुप के निजी बैंकों की तुलना में दोगुना कर्ज दिया…इसमें से 40 फीसदी कर्ज एसबीआई ने दिया है। अडानी की 5 मुख्य कंपनियों पर करीब 20 खरब रुपये का कर्ज है, जिसमें से 7 से 8 खरब रुपये का कर्ज सिर्फ बैंकों से लिया गया है.
वित्त वर्ष 2021-22 में अडानी समूह की संयुक्त उधारी 1.57 लाख करोड़ से 40.5 प्रतिशत बढ़कर लगभग 2.21 लाख करोड़ रुपये हो गई है
अडानी पर जो हिंडनबर्ग रिपोर्ट में जो आरोप लगाए गए है यदि वे सही है तो अडानी के शेयर और गिरेंगे अडानी को डिफॉल्ट होने से बचाने के लिए उसे और लोन दिया जायेगा, हजारों करोड़ एलआईसी से लेकर और डाले जाएंगे…..
अगर अडानी बच गया तो ठीक, नही तो सबके हाथो में कटोरा थमा दिया जायेगा……35 साल जिसने झोला उठाकर भीख मांगी हो वो आपको भी अपने जेसी हालत पर ले आएगा

