नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की व्यक्तिगत जंग……संसद में मार कुटाई दुर्भाग्यपूर्ण
ट्विटर मेरे 20 लाख फॉलोअर्स का अपमान कर रहा है-राहुल गांधी
एस.पी. मित्तल अजमेर
अमरीका तो सात समंदर पार बैठा है, इसीलिए अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो जाने पर अमेरिकियों को कोई फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन भारत की सीमा तो अफगानिस्तान से लगी हुई है। बची खुची अफगान सरकार ने तालिबान के समक्ष सत्ता में भागीदारी का प्रस्ताव भी रखदिया है। तालिबानी लड़ाके अपनी शिक्षा के अनुरूप जो अत्याचार कर रहे हैं उससे बचने के लिए लाखों मुस्लिम पुरुष, औरतें और बच्चे अपना देश छोड़ कर भाग रहे हैं। सवाल उठता है कि तालिबान की जो शिक्षा है, क्या उसके अनुरूप भारतीय मुसलमान रह सकते हैं? जब मुसलमान ही तालिबान की शिक्षाओं के अनुरूप नहीं रह सकते हैं, तब अन्य धर्मों के लोगों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। भारत में हिन्दुओं के साथ साथ बड़ी संख्या में मुसलमान भी रहते हैं, इसलिए अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे से सबसे ज्यादा खतरा भारत को है।
राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दल के नेता पेगासस जासूसी और कृषि कानूनों को देश के लिए खतरा बता रहे हैं। इजरायल के सॉफ्टवेयर पेगासस से किस भारतीय की जासूसी हुई और इस जासूसी से कितना नुकसान हुआ, यह राहुल गांधी ही बता सकते हैं। जिस कृषि कानून को देश का आम किसान अच्छा बता रहा है, उस कानून से भी विपक्ष को खतरा नजर आता है। विपक्ष की अपनी राजनीतिक समझ है, लेकिन यदि तालिबानी भारत में प्रवेश करते हैं तो फिर विपक्ष के किसी भी नेता को संसद में हंगामा करने का अवसर ही नहीं मिलेगा। विपक्ष के जो नेता पेगासस जासूसी और कृषि कानूनों को देश के लिए खतरा बता रहे हैं उन्हें तालिबान की नीतियों और शिक्षाओं का अध्ययन कर लेना चाहिए। राहुल गांधी और विपक्ष के नेता यह नहीं समझे कि तालिबान अफगानिस्तान तक ही सीमित रहेगा। जो पाकिस्तान आज तालिबान को मदद कर रहा है, सबसे पहले तालिबानी सोच पाकिस्तान पर ही लादी जाएगी और िफर भारत का नम्बर आएगा। भारत में भी मुसलमानों की संख्या पाकिस्तान के बराबर हो गई है। जब तालिबान की सोच भारत में मजबूत होगी तो हालातों का अंदाजा लगाया जा सकता है। अच्छा हो कि विपक्षी दलों के नेता सरकार के साथ बैठकर तालिबान की सोच को रोकने की रणनीति बनाएं। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे को भारत को बहुत गंभीरता से लेने की जरूरत है। कुछ लोग सोचते हैं कि अफगानिस्तान की स्थिति पर भारत पर असर नहीं पड़ेगा, यह उनकी नासमझी है। हमें अपने आंतरिक हालात भी देखने होंगे। अच्छा हो कि विपक्षी नेता भी तालिबान के मुद्दे को गंभीरता से लें।
मोदी के खिलाफ व्यक्तिगत जंग
:कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जो रणनीति बनाई उसी का परिणाम रहा कि इस बार संसद का मानसून सत्र विफल हो गया। 19 जुलाई से लेकर 11 अगस्त तक दोनों सदनों में सिर्फ हंगामा हुआ। विपक्ष चाहे कुछ भी कारण बताएं, लेकिन यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की व्यक्तिगत जंग रही है। मानसून सत्र के शुभारंभ पर ममता बनर्जी पांच दिनों तक दिल्ली में ही रहीं। तब उनकी मुलाकात सोनिया गांधी से भी हुई।
इस मुलाकात में ही मानसूत्र सत्र को विफल करने की रणनीति बनी। पूरा देश जानता है कि सोनिया और ममता की मोदी से व्यक्तिगत नाराजगी है। इस नाराजगी को दर्शाने के लिए इस बार संसद का इस्तेमाल किया गया है। संसद में हंगामा करने वाले कांग्रेस और ममता की टीएमसी के सांसदों के नाम पढ़े जाएं तो हंगामे की मानसिकता को समझा जा सकता है। ये ऐसे सांसद हैं जो मार्शल की पिटाई करने और गला दबाने से भी नहीं चूकते हैं। जिस तरह एक महिला मार्शल को हाथ पकड़ कर इधर उधर घसीटा गया, यह एक तरह से आपराधिक घटना हळै। मार कुटाई करने मेज पर चढ़ कर बिल फाड़ने, संसद के नियमों की किताब फेंकने आदि की घटनाओं के बाद भी सरकार को दोषी ठहराया जा रहा है। लोकतंत्र का यह मखौल तब उड़ाया जा रहा है, जब सत्तारूढ़ भाजपा और उनके सहयोगी दलों के पास 545 में से 350 सांसदों का बहुमत है। इतना बहुमत होने के बाद भी संसद का नहीं चलना दुर्भाग्यपूर्ण है।
20 लाख फॉलोअर्स का अपमान
:ट्विटर द्वारा कांग्रेस नेताओं के अकाउंट ब्लॉक किए जाने पर सांसद राहुल गांधी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। अकाउंट ब्लॉक होने वालों में राहुल गांधी और इंडियन नेशनल कांग्रेस का अधिकारिक अकाउंट भी शामिल है। राहुल ने कहा कि ट्विटर पर मेरे 19-20 लाख फॉलोअर्स हैं। ट्विटर ने इन सब का अपमान किया है। ट्विटर ने यह कार्यवाही सरकार के दबाव में की है। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र खतरे में है। लेकिन हम खामोश नहीं बैठेंगे। मालूम हो कि दिल्ली में 9 वर्षीय बलात्कार की शिकार एक बालिका की पहचान उजागर करने पर ही राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं का अकाउंट ट्विटर ने ब्लॉक किया है। ऐसी कार्यवाही पूर्व में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, तत्कालीन कानून एवं आईटी मंत्री रवि शंकर प्रसाद पर की जा चुकी है।

