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बालपोषण में विटामिन्स की भूमिका

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~ डॉ. विकास मानव

 हमारा शरीर एक मशीन की तरह काम करता है। इस मशीन को चलाने के लिए सही ईंधन यानी अच्छा खाना बहुत ज़रूरी है। बच्चों को अच्छे से बढ़ने और स्वस्थ रहने के लिए संतुलित आहार की ज़रूरत होती है। इस संतुलित आहार में एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा होता है विटामिन्स। ये छोटे-छोटे तत्व शरीर के लिए बहुत बड़े काम करते हैं।
   विटामिन्स ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो हमारे शरीर को ठीक से काम करने में मदद करते हैं। ये हमारे शरीर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में चाहिए होते हैं, लेकिन इनका काम बहुत बड़ा होता है। ये हमें बीमारियों से बचाते हैं और शरीर को मजबूत बनाते हैं।

 बच्चे जब छोटे होते हैं, तब उनका शरीर बढ़ रहा होता है। हड्डियाँ लंबी होती हैं, दाँत निकलते हैं, आँखों की रोशनी बढ़ती है और मस्तिष्क भी तेज़ होता है। इन सबके लिए शरीर को अच्छे पोषण की ज़रूरत होती है।
  विटामिन्स बच्चों को जल्दी बीमार होने से बचाते हैं. हड्डियों और दाँतों को मजबूत बनाते हैं. आँखों की रोशनी बढ़ाते हैं. शरीर को ताकतवर और चुस्त बनाते हैं. दिमाग को तेज़ बनाते हैं.

विटामिन्स की कमी के खतरे:
अगर किसी बच्चे को खाने में ज़रूरी विटामिन्स नहीं मिलते, तो उसका शरीर धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है। उसे तरह-तरह की बीमारियाँ हो सकती हैं, जैसे:
~बार-बार बुखार या सर्दी-खांसी होना
~आँखों की रोशनी कम हो जाना.
~हड्डियाँ टेढ़ी-मेढ़ी हो जाना.
~घाव या चोट जल्दी न भरना
~शरीर में थकावट और कमज़ोरी रहना.
इसलिए हमें हर दिन ऐसा खाना खाना चाहिए जिसमें सभी ज़रूरी विटामिन्स हों।

प्रमुख विटामिन्स, उनके कार्य व स्रोत :

  1. विटामिन A (ए)
    कार्य :
    ~आँखों की रोशनी तेज़ करता है.
    ~त्वचा और बालों को स्वस्थ रखता है.
    ~बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है.
    कमी से नुकसान :
    ~रात में दिखाई देना बंद हो सकता है.
    ~त्वचा रूखी हो सकती है.
    ~बार-बार संक्रमण हो सकता है
    स्रोत : गाजर, पालक, आम, पपीता, दूध और मक्खन, अंडे की ज़र्दी (पीला भाग).
  2. विटामिन B (बी-कॉम्प्लेक्स)
    कार्य :
    ~खाना पचाने में मदद करता है.
    ~शरीर को ऊर्जा देता है.
    ~मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को मजबूत करता है.

कमी से नुकसान :
~मुँह के कोनों में छाले.
~कमजोरी और थकावट.
~चिड़चिड़ापन और याददाश्त कम होना.
स्रोत : साबुत अनाज (जैसे गेहूँ, जौ), दालें, दूध, अंडे हरी सब्जियाँ, मूंगफली और सोयाबीन.

  1. विटामिन C (सी)
    कार्य :
    ~शरीर की रक्षा प्रणाली मजबूत करता है.
    ~घाव जल्दी भरता है.
    ~त्वचा को कोमल और सुंदर रखता है.
    कमी से नुकसान :
    ~मसूड़ों से खून आना (स्कर्वी बीमारी)
    ~शरीर में दर्द
    ~घाव जल्दी न भरना
    स्रोत : नींबू, संतरा, आंवला, अमरूद, टमाटर, हरी मिर्च.
  2. विटामिन D (डी)
    कार्य :
    ~हड्डियों को मजबूत बनाता है.
    ~शरीर में कैल्शियम को सही तरह से उपयोग करता है.

कमी से नुकसान :
~हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैं (रिकेट्स).
~पैरों का आकार टेढ़ा हो सकता है
~दाँत जल्दी खराब होते हैं.
स्रोत : धूप, दूध और घी, अंडा, मछली, मक्खन, सुबह की हल्की धूप में 15–20 मिनट रहना।

  1. विटामिन E (ई)
    कार्य :
    ~त्वचा और बालों के लिए अच्छा.
    ~शरीर की कोशिकाओं को स्वस्थ रखता है.
    ~मांसपेशियों को ताकत देता है.

कमी से नुकसान :
~मांसपेशियों में कमजोरी
~थकावट.
~त्वचा से जुड़ी समस्याएँ.

स्रोत : अंकुरित अनाज (जैसे मूंग, चना), सूरजमुखी के बीज, हरी सब्जियाँ, बादाम, सोया तेल.

  1. विटामिन K (के)
    कार्य :
    ~खून को जमाने में मदद करता है.
    ~चोट लगने पर खून बहना रोकता है.

कमी से नुकसान :
~छोटी-सी चोट में भी खून ज्यादा बह सकता है.
~घाव जल्दी न भरना.
स्रोत : पालक, ब्रोकोली, फूलगोभी, हरी पत्तेदार सब्जियाँ.

विटामिन्स हमारे शरीर के लिए छोटे सुपरहीरो जैसे होते हैं। ये हमें स्वस्थ, ताकतवर और तेज़ बनाते हैं। अगर हम रोज़ विटामिन्स से भरपूर खाना खाएँ, तो हम बीमार नहीं पड़ेंगे और पढ़ाई व खेल में अच्छे रहेंगे। हमें प्रतिदिन अपने खाने में ताज़े फल, सब्जियाँ, दूध और दालें शामिल करनी चाहिए।
खेलने और धूप में जाने का समय भी निकालना चाहिए। इससे शरीर में शक्ति और मस्तिष्क में ताजगी आती है।

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