मुनेश त्यागी
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को एक साल से ज्यादा हो गया है। इस युद्ध में कुछ अमेरिका और नाटोपरस्त लोग यूक्रेन की जीत बता रहे हैं तो कुछ लोग इसे रूस की जीत बता रहे हैं। पिछले एक साल में हम देख रहे हैं कि युद्ध को लेकर रूस पर अमेरिका और नाटो ने जो पाबंदियां लगाई थीं, उससे यूरोपियन देशों को नुकसान हो रहा है और वहां के लोग परेशान हैं। वहां पर महंगाई बढ़ गई है। वहां की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंध कारगर साबित नहीं हुए हैं। इस मामले में रूस को नए भागीदार मिल गए हैं और उसने पहले के मुकाबला और और ज्यादा बढ़त हासिल कर ली है। इस युद्ध में रूस अपने लक्ष्यों को लगभग प्राप्त कर चुका है। यहां पर उसने यूक्रेन के समर्थकों पर विश्वसनीय जीत हासिल कर ली है।
यह युद्ध रूस और यूक्रेन के बीच नहीं है बल्कि युक्रेन को अमेरिका और नाटो का क्षदम युद्ध है जिसके द्वारा युक्रेन को बलि का बकरा बनाया गया है। अनेकों रिपोर्टों को देखकर कहा जा सकता है कि वहां पर अधिकांश हथियार अमरीका और नैटो देशों के हैं, जिनके बिना यूक्रेन दो कदम भी आगे नहीं चल सकता युद्ध है जिसे अमेरिका के नेतृत्व द्वारा पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
इस युद्ध को देखकर लगने लगा है कि अब दुनिया की लुटेरी ताकतों को छोड़कर वाशिंगटन सहमति को कोई मानने को तैयार नहीं है। बहुत सारे देश और लोग अमेरिका की आक्रामक नीतियों से निजात पाना चाहते हैं। अब वे अमेरिका की बात मानने को तैयार नहीं हैं। रूस और यूक्रेन युद्ध ने वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव किया है। पश्चिमी वर्चस्व के दिन अब लद गए हैं। अब बदली हुई नीतियों के कारण अमेरिकी मुद्रा डॉलर को दुनियाभर में चुनौतियां मिलने लगी है और इसमें रूस और चीन को काफी बढ़त हासिल हुई है।
इस युद्ध में चीन और रूस के बीच के रिश्तो में आशाजनक सुधार हुआ है। इस युद्ध ने रूस और चीन को अविश्वसनीय रूप से निकट ला दिया है। इस युद्ध में अमेरिका की चीन को युद्ध में उलझाने की रणनीति असफल हो गई है बल्कि यह कहना ज्यादा सही होगा कि रूस ने चीन को, अमेरिकी हमलों से बचा लिया है।
इस युद्ध के साथ दुनिया के शक्ति संतुलन में भारी बदलाव आया है। कई सारे देश अमरीकी नीतियों से खुश नहीं है। अमेरिकी लुटेरे साम्राज्य की जमीन खिसक गई है। इसने दुनिया की दो सुपर पावर्स रूस और चीन को निकट ला दिया है। अतः रूस चीन की निकटता दुनिया में नए शक्ति संतुलन पैदा करेगी और दुनिया लूट, युद्ध, हस्तक्षेप, अशांति और विघटन से बचकर खुशहाली की तरफ जाएगी। यह स्थिति दुनिया के सबसे ज्यादा हित में है।

