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मौजे ऐसी भी है  साहिल  जिन्हें  हासिल  नहीं होता

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सरल कुमार वर्मा

मौजे ऐसी भी है साहिल जिन्हें हासिल नहीं होता
मुसाफिर वो भी है मुकाम जिन्हें हासिल नहीं होता

कोई बेखौफ उड़ता है फलक में चांद तारो तक
परिंदे वो भी है आसमा जिन्हें हासिल नहीं होता

बरसते सिर्फ नदियों पर बादल सियासी दबाव में
प्यासे वो सहरां भी है जिन्हें पानी हासिल नहीं होता

तुम्ही मुद्दई तुम्ही मुंसिफ तुम्ही कानून तुम्ही इजलास
अफसोस फिर भी ये इंसाफ क्यों फाजिल नहीं होता

बहस गरम है देश में हिन्दू औे मुस्लिम की मगर
सवाल नागरिक के अधिकार का शामिल नहीं होता

जिना तो जिना है”सरल” किसी बहन बेटी से हो
सवाल औरत के वजूद का कभी गाफिल नहीं होता
सरल कुमार वर्मा
उन्नाव यूपी
9695164945

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