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भक्ति में शक्ति है?

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शशिकांत गुप्ते

दो देशों के बीच युद्ध के कारण संपूर्ण विश्व चिंतित है। युद्ध क्षेत्र में फंसे विदेशी साँसत में हैं।
युद्ध क्षेत्र में विंध्वसक शस्त्रों के धमाके सुनाई दे रहें हैं।
अपने देश के बहुत से युवा भी वहाँ फंसे हुए हैं। ये युवा अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने की महत्वकांशा को यथार्थ में बदलने के लिए गए हैं। मौजूदा हालात में भविष्य की चिंता छोड़ युवाओं का वर्तमान ही भयाक्रांत हो गया है।
युद्ध क्षेत्र से युवाओं को सकुशल वापस लाने के प्रयास युद्ध स्तर पर किए जा रहें हैं। युवाओं को वापस लाने में अपनी सरकार को सफलता भले ही न मिले,लेकिन देश के प्रधान सेवक को सफलता जरूर मिलेगी। इसलिए प्रधान सेवक की जयकार करना लाजमी है।
यह तो हुई दो देशों में हो रहे युद्ध और युद्ध से निर्मित भयावह स्थिति की चर्चा।
स्वदेश में पाँच राज्यों के चुनाव के नतीजे आने वालें हैं। पिछले आठ वर्षों से सुचिता पूर्ण राजनीति के प्रचलन के कारण हरएक चुनाव युद्धस्तर ही लड़ा जा रहा है।
पूर्व में मुद्दों पर चुनाव लड़े जातें थे। अब भावनाओं पर लड़े जा रहें हैं। भावनाओं का महत्व आस्थावान लोग ही समझ सकतें हैं। भगवान भाव का ही तो भूखा होता है। मानव के पास भगवान को समर्पित करने के लिए भाव के अलावा और कुछ है भी नहीं।
यहाँ भाव से तात्पर्य भक्तिभाव से है,बाजार के भाव से नहीं। बाजार के भाव तो आसमान छूने की कोशिश कर रहें हैं।
आस्थावान लोगों को बाजार भाव से कोई लेनादेना नहीं है।
आस्थावान लोग आमजन को भाव पूर्ण भजन करने की प्रेरणा दे रहें हैं। भुखे पेट भजन न होय गोपाला इस सूक्ति का स्मरण करते हुए अस्थावान लोगों ने देश के करोड़ो लोगों को मुफ्त राशन वितरित किया है। दाल रोटी खाओ प्रभु के गुण गाओ।
सारी समस्याओं को भगवान भरोसे छोड़ कर भजन गाओ।
तेरे फूलों से भी प्यार, तेरे काँटों से भी प्यार
तू जो भी देना चाहे देदे मेरे करतार
चाहे सुख दे या दुख, चाहे खुशी दे या गम
मालिक जैसे भी रखेगा वैसे रह लेंगे हम,
चाहे खुशी भरा संसार या दे आँसुओं की धार,
तू जो भी देना चाहे देदे मेरे करतार
तेरे फूलों से भी प्यार, तेरे काँटों से भी प्यार,

आस्थावान लोगों के पास हर समस्या का समाधान होता ही है।
अस्थावन लोगों द्वारा हवन पूजन किया जाएगा। तादाद में शुद्ध घी के साथ अन्य हवन सामग्री की आहुति दी जाएगी। हवन करने सब ठीक हो जाएगा।
हमरी क्रिकेट टीम भी हवन पूजन से विश्व कप जीतती है। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति की गम्भीर से गम्भीर स्वास्थ्य समस्या भी हमारें यहाँ हवन पूजन से ही ठीक होती है।
हमारे यहाँ विश्व शांति के लिए भी हवनपूजन होतें है।
यह सब अस्थावन लोगो के कारण ही हो पाता है।
दो देशों के बीच हो रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए भी हम हवनपुजन करेंगे। युद्ध समाप्त हो जाएगा।

शशिकांत गुप्ते इंदौर

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