मुनेश त्यागी
“जो डलहौजी न कर पाया वो ये हुक्मरान कर देंगे
रिश्वत दे दो तो देश को भी नीलाम कर देंगे।
रोज वंदे मातरम गाते हैं सुबह उठकर
मौका मिलते ही चीजों के दुगने दाम कर देंगे।”
अभी तो देख रहे हैं हवा जमाने की
ये भ्रष्टाचारी निजाम को सरेआम कर देंगे।
आज तो संपत्तियों को छुप छुप कर बेच रहे हैं
समय आते ही देश की बिक्री सरेआम कर देंगे।
काट लो अपनी जिंदगी जिस तरह भी कटे
हालात बता रहे हैं ये जीना भी हराम कर देंगे।
ना रोजी, ना रोटी, ना शिक्षा, ना दवा और ना धन
ये चैन छीन लेंगे और जिंदगी बेआराम कर देंगे।

