अग्नि आलोक

महाभारतकालीन अशुभ संयोग बना रहा है यह सूर्यग्रहण : जानें किस राशि पर क्या होगा असर

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 ~ज्योतिषाचार्य पवन कुमार (वाराणसी)

एक पखवारे के भीतर दो ग्रहण का होना विश्व के लिए शुभ नहीं है. महाभारत काल में भी 15 दिन में दो सूर्यग्रहण लगा था। उस समय महायुद्ध हुआ जिसमें लाखों लोग हताहत हुए।
वर्तमान में भी विश्व में सर्वत्र तनाव है। दुनिया विश्वयुद्ध के कगार पर खड़ी है। मानवता के समक्ष घोर संकट है। विश्व में लोग अभाव, भुखमरी और गहन शारीरिक-मानसिक तनाव से त्रस्त हैं। कोई समाधान नहीं समझ आ रहा।
काशी में सूर्यग्रहण काल: 25 अक्टूबर
-स्पर्श: शाम 04:42 बजे
-मध्यकाल: शाम 05: 02 बजे
-मोक्षकाल: शाम 05: 22 बजे
-सूर्यास्त: शाम 05: 37 बजे
-सूर्यग्रहण सूर्यास्त से 15 मिनट पूर्व समाप्त हो जाएगा

-सूर्यग्रहण की सम्पूर्ण अवधि 7 घंटा 5 मिनट है किन्तु काशी में सम्पूर्ण सूर्यग्रहण 40 मिनट का है
-8 नवम्बर को खग्रास चंद्रग्रहण दृश्य होगा.

इस ग्रहण का राशियों पर प्रभाव:
इस वर्ष तुला राशि पर सूर्यग्रहण है। कुल 12 राशियों पर प्रभाव इस प्रकार होंगे :
(1). मेष राशि: स्त्री पीड़ा,
(2). वृष: सौख्य,
(3).मिथुन: चिन्ता,
(4).कर्क: व्यथा,
(5).सिंह: श्रीप्राप्ति,
(6).कन्या: क्षति,
(7).तुला: घात,
(8). वृश्चिक: हानि ,
(9).धनु: लाभ,
(10).मकर: सुख,
(11). कुम्भ: माननाश और
(12).मीन: मृत्यतुल्य कष्ट।

कब लगेगा सूतक :
इस बार 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण लग रहा है। सूर्य ग्रहण शाम 4:42 बजे से 5:22 बजे तक रहेगा।
इससे 12 घंटे पहले ग्रहण का सूतक काल शुरू हो जाएगा।
यानी 24 अक्टूबर से ही सूर्य ग्रहण शुरू हो जाएगा। सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं।

26 गोर्धवन पूजा, 27 को चित्रगुप्त पूजा व भाई दूज :
काशी पंचांग के अनुसार सूतक रहने के कारण 26 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा है। एक दिन बाद 27 अक्तूबर को चित्रगुप्त पूजा और भाई दूज मनाया जाएगा।
पंचांग के अनुसार द्वितीया तिथि का प्रवेश 26 अक्तूबर को दोपहर 02:42 बजे प्रवेश हो रहा है जो कि अगले दिन 27 की दोपहर 12:45 तक रहेगा। इसलिए 27 को चित्रगुप्त पूजा करना उचित रहेगा।

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