दिव्यांशी मिश्रा
_मनीष सिंह कहते हैं : विश्वगुरू बनना इज ए वेरी डेंजरस जॉब।_
आज पूरी दुनिया हमारे खिलाफ षड्यंत्र कर रही है। हर किसी की कोशिश है कि भारत के बढते कदम रूक जाऐं।
इसलिए कभी आइएमएफ हमारी रेटिंग गिरा देता है, कभी स्टेंटर्ड वाले हमे पूअर करार दे देते हैं। कभी तो अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन जैसे देश हमारे देश मे ट्रेवल करने के खिलाफ एडवाइजरी जारी कर देते है।
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एक समय अमेरिका हमे सिक्योरिटी काउंसिल का परमानेंट मेम्बर बना रहा था, (ऑफकोर्स वही जिसे नेहरू ने चीन को दिलवा दिया) वही अमेरिका है जो हमे कभी गेहूं और तेल, दोस्ती के नाते फ्री मे भेजता था…
अब हमे भुखमरा साबित करने के लिए, हंगर इंडेक्स मे हमारी रैंक गिरा रहा है। रूपये को कमजोर करने के लिए डॉलर मजबूत करता जा रहा है। हमारे पासपोर्ट की रैंकिग गिराकर 20 स्थान पीछे कर दी हैं
ये तब है, जब हमने गुट निरपेक्ष आदोलन और रूस की मित्रता को पलीता लगाकर माइ फं्रेड बराक को चाय पिलाई। हाउडी मोदी और नमस्ते ट्रंप के द्वारा उनके लोकतंत्र को नई दिशा दी।
उसकी जरूरत के वक्त हाइड्राक्सी क्लोरोक्वीन भेजने वाले मोदी थे। अपनी जनता को महंगा तेल बेचकर भी इरान से रिश्ता तोड़ने वाले मोदी जी थे। लेकिन विश्व मे मोदी जी की बढती लोकप्रियता से अमेरिका डर गया।
इसलिए दुनिया के किसी बड़े ट्रेड समझौते मे हमे शामिल नही किया गया। चीन से डोकलाम और लद्दाख के संघर्ष मे एक देश ने हमारे लिए चूं नही की। आधे देश जानते थे की मोदी जी खुद ही चीन को निपटा सकते है। बाकी आधे उनकी ताकत से जलते थे।
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दरअसल विश्वगुरू होने से सारी दुनिया हमसे जलने लगी है। उन्हे लगता है कि हमारे पास मोदी जी जैसा सशक्त नेता और निम्मो ताई जैसी ब्रिलियंट वित्तमंत्री है। फिर इतिहास का ज्ञाता आरबीआई गवर्नर तो है ही।
इन सबके रहते भारत की अर्थव्यवस्था शीघ्र ही दुनिया मे स्थापित हो जाएगी। रूपया डा्लर की जगह ले लेगा। विदेशी भारत मे रोजगार मांगने आऐंगे।
असल मे मोदी जी की विदेश नीति के सामने पश्चिमी देशों की दाल नही गल रही। दुनिया मे कोई फैसला अब मोदी जी से पूछे बगैर नहीं होता। ऐसी ताकत रूस, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन को बर्दाश्त कैसे हो। ये सारे मोदी जी के खिलाफ हाथ धोकर पड़े हैं।
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और ये सारे देश, हिंदू विरोधी भी है। हाल मे ब्रिटेन के लीस्टर मे कुछ हिंदुओं ने छोटे मोटे दंगे और आगजनी क्या कर दी, वहां हिंदुओं को बदनाम कर दिया गया। मुकदमे लगा दिए गए।
इधर अमेरिका मे 50 हिंदू आर्गनाइजेशन को देशद्राही और आतंकी संगठन घोषित करने के लिए पिटीशन डाल दी गई है। भारत के वित्तमंत्री और 11 प्रमुख सरकारी अफसरों को गिरफ्तार करने की मांग करता हुआ एक फुल पेज विज्ञापन प्रमुख अमरीकी अखबारों मे छपा है।
काशमीर को लेकर रोज कोई न कोई बयान दे देते है। भारत के लोगों को वीजा देने मे नाटक किया जा रहा है। आज एपाइंटमेण्ट मांगों तो 200 दिन बाद की डेट मिलती है। एचवनबी वीजा मे भारतीयों का कोटा तो कुछ बरस पहले ट्रम्प ही आधा करके चले गए थे।
दरअसल ये लोग हिंदुओं की सफलता से डर गए हैं।
हिंदूफोब हो गए हैं।
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इनके संबंध अर्बन नक्सलो, वामियों और कांगियों से बड़े गहरे है। रियाना जैसे नाचने गाने वाली लड़कियां भी हमारे खिलाफ ट्वीट करती है।
हिंदुत्व के हीरोज को नाजी, हिटलर और मास मर्डरर बताकर गोरे कांगी ओर गोरे वामी, रैलियां निकालते है।
इन सभी को चीन से डॉलर मे पैसा मिलता है।
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लेकिन, शिवजी की कृपा से मोदी जी के नेतृत्व मे, हमारा देश ऐसे ही आगे बढता रहेगा। वह झुकेगा नही, और दबेगा नही।
600 करोड देशवासियों को किसी से डरने की जरूरत नही। दुनिया हमारी तरक्की से जलती है तो जले। इनको भौंकने दीजिए।
_मोदी जी पर भरोसा रखिए।क्योकि देश को विश्वगुरू बनाना किसी साधारण इंसान के बस की बात नही है।_

