सोनी कुमारी, वाराणसी
कई ऐसे लोग हैं जो हर एक छोटी बात पर झूठ बोलते हैं, या सच को छिपाने के लिए एक झूठी कहानी बनाते हैं। ऐसे व्यक्ति की बातों पर भरोसा करना बेहद मुश्किल होता है, और हम अक्सर भ्रम में रहते हैं, कि क्या ये सच बोल रहा है, या इसकी सारी बातें झूठ हैं।
झूठ बोलने लोग वाले लोग आपको कहीं भी मिल जाएंगे घर के अंदर, दफ्तर में या आस पड़ोस में। यह समझना भी जरूरी है कि आखिर लोगों में झूठ बोलने की प्रवृति उत्पन्न क्यों होती है?
अलग-अलग लोगों में झूठ बोलने के अलग-अलग कारण हो सकते हैं, पर संभावित रूप से लोग खुद को बचाने के लिए, कभी किसी को प्रभावित करने के लिए, तो कभी आदत के कारण ऐसा करते हैं।
साइकोलॉजी के अनुसार अगर हम समझें तो, जब कोई इंसान बार-बार झूठ बोलता है, तो यह उसके बचपन के अनुभव, आत्मविश्वास की कमी या सामाजिक दबाव से जुड़ा हो सकता है। कुछ लोग ध्यान आकर्षित करने या दूसरों पर प्रभाव डालने के लिए भी झूठ बोलते हैं।
बार-बार झूठ बोलने वाले लोगों से निपटने के लिए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं। उनसे सीधे टकराव करने के बजाय, उन्हें सहजता से सच बोलने के लिए प्रेरित करें।
उनके झूठ को पकड़कर बार-बार टोकने से वे और भी ज्यादा रक्षात्मक हो सकते हैं, इसलिए उनके साथ खुले संवाद की कोशिश करें।
अगर किसी को आदतन झूठ बोलने की समस्या है, तो पेशेवर मदद लेना भी सही हो सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि आप खुद उनके झूठ को लेकर ज्यादा परेशान न हों और अपनी भावनाओं को नियंत्रित रखते हुए स्थिति को समझदारी से संभालें।
*1. सच बोलें और सच सुनने की आदत बनाएं :*
जब लोग आपसे सच छिपाकर कर झूठ बोलते हैं, तो हो सकता है आपको अच्छा महसूस होता हो। लेकिन इसके परिणामस्वरूप आपके लिए झूठ को समझाना मुश्किल हो जाता है और बाद में जब आपको इसका पता लगता है तो यह आपको अधिक दुखी कर सकता है।
यदि आप लोगों से सच सुनना चाहते हैं, तो उनके झूठ को बढ़ावा न दें, भले ही आपके बोलने से उन्हें अच्छा महसूस न हो, परंतु फिर भी आपको उन्हें ये एहसास दिलाना चाहिए कि उनका झूठ पकड़ा गया है।
आपके आसपास के लोगों को यह मालूम होना चाहिए कि आप झूठ नहीं बोलती हैं और न ही आपको झूठ बोलने वाले लोग पसंद हैं। ताकि कोई भी व्यक्ति आपसे झूठ बोलने से पहले दो बार सोचे।
*2. उन्हें बताएं कि आप ईमानदारी को महत्व देती हैं :*
बहुत से लोग आपकी नजर में खुद को बेहतर दिखाने के लिए या आपके सामने एक अच्छी पर्सनालिटी बनने क लिए कई सारे झूठ बोलते हैं।
इसलिए यदि आपको महसूस हो रहा है कि कोई व्यक्ति आपसे झूठ बोल रहा है, या झूठ बोलने की कोशिश कर रहा है, तो शुरुआत में ही उन्हें अपने बारे में यह क्लियर करें कि आप ईमानदारी में विश्वास रखती हैं और आपको झूठ फरेब जैसी चीजें पसंद नहीं है। ताकि सामने वाले व्यक्ति को यह पता हो कि आपके सामने किस तरह की बात रखनी है।
*3. बातचीत के तरीके पर ध्यान दें :*
यदि कोई व्यक्ति आपके करीब है और आप दोनों बैठकर अपनी निजी बातों को डिस्कस कर रही हैं, तो सच बोलने वाला व्यक्ति बिना रुके बिना सोचे अपनी बात को सरलता से आपके सामने रखेगा।
झूठ बोलने वाला व्यक्ति अपने शब्दों पर लड़खड़ा सकता है, खासकर अगर वे झूठ बोलने में बहुत अच्छे नहीं है। यदि कभी भी किसी व्यक्ति की आवाज लड़खड़ाए तो आपको फौरन उन्हें रोक कर सरलता से यह कहना चाहिए कि आपको डरने या बुरा महसूस करने की जरूरत नहीं है, आप खुलकर मुझे अपनी बात कह सकती हैं।
*4. झूठ पकड़े जानें पर विनम्रता से पेश आएं :*
कई बार सामने वाला व्यक्ति लगातार झूठ बोल रहा होता है और एक झूठ को छिपाने के लिए दूसरा झूठ बोलता है, और सामने वाले व्यक्ति को इसकी पूरी जानकारी होती है। यदि आपके साथ भी ऐसा होता है, तो झूठ बोलने वाले व्यक्ति को अकेले में शांति और विनम्रता के साथ समझाएं कि वह गलत कर रहे हैं।
कई बार व्यक्ति की स्थिति उन्हें झूठ बोलने पर मजबूर कर देती है, इसलिए यह समझना जरूरी है कि कौन सा व्यक्ति कब और क्यों झूठ बोल रहा है। वहीं कई बार हमारा खुद का बर्ताव दूसरे व्यक्ति के प्रति ऐसा होता है, कि उन्हें झूठ बोलने पर मजबूर होना पड़ता है, विशेष रूप से पेरेंट्स और गार्जियन के केस में बच्चे अक्सर ऐसा करते हैं।

