“हम क्रांतिकारी हैं और उस समय तक रहेंगे जब तक इस दुनिया में ये हालत रहेगी कि कुछ लोग सिर्फ़ हुक्म देते हैं और कुछ लोग सिर्फ़ काम करते हैं. हम उस समाज के ख़िलाफ़ हैं जिनके हितों की रक्षा करने की आप जज लोगों को आज्ञा दी गई है. हम उनके कट्टर दुश्मन हैं और आपके भी और जब तक इस लड़ाई में हमारी जीत नहीं हो जाए, हमारी और आपकी कोई सुलह मुमकिन नहीं है. और हम मज़दूरों की जीत यकीनी है. आपके मालिक उतना ताक़तवर नहीं हैं जितना कि वे अपने आप को समझते हैं. यही संपत्ति जिसे बटोरने और जिसकी रक्षा करने के लिए वे अपने एक इशारे पर लाखों लोगों की जान कुर्बान कर देते हैं, वही शक्ति जिसकी बदौलत वे हमारे ऊपर शासन करते हैं, उनके बीच आपसी झगड़ों का कारण बन जाती है और उन्हें शारीरिक रूप से और नैतिक रूप से नष्ट कर देती है. संपत्ति की रक्षा करने के लिए उन्हें भारी क़ीमत चुकानी पड़ती है. असल बात तो यह है कि आप सब लोग, जो हमारे मालिक बनते हैं, हमसे ज्यादा गुलाम हैं. हमारा तो सिर्फ़ शरीर गुलाम है लेकिन आपकी आत्माएं गुलाम हैं. आपके कंधे पर आपकी आदतों और पूर्व-धारणाओं का जो जुआ रखा हुआ है, उसे आप उतारकर फेंक नहीं सकते. लेकिन हमारी आत्मा पर कोई बंधन नहीं है. आप हमें जो ज़हर पिलाते रहते हैं, वह उन ज़हरमार दवाओं से कहीं कमजोर होता है जो आप हमारे दिमागों में हमारी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ उड़ेलते रहते हैं. हमारी चेतना दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है और सबसे अच्छे लोग, वे सभी लोग जिनकी आत्माएं शुद्ध हैं, हमारी ओर खिंचकर आ रहे हैं. इनमें आपके वर्ग के लोग भी हैं. आप ही देखिए – आपके पास कोई ऐसा आदमी नहीं है जो आपके वर्ग के सिद्धांतों की रक्षा कर सके; आपके वे सब तर्क खोखले हो चुके हैं जो आपको इतिहास के न्याय के घातक प्रहार से बचा सकें, आप में नए विचारों को जन्म देने की क्षमता नहीं रह गई है, आपकी आत्माएं निर्जन हो चुकी हैं. हमारे विचार बढ़ रहे हैं, अधिक शक्तिशाली होते जा रहे हैं, वे जन-साधारण में प्रेरणा फूंक रहे हैं और उन्हें स्वतंत्रता के संग्राम के लिए संगठित कर रहे हैं. यह जानकर कि मज़दूर वर्ग की भूमिका कितनी महान है, सारी दुनिया के मज़दूर एक महान शक्ति के रूप में संगठित हो रहे हैं – नया जीवन लाने की जो प्रक्रिया चल रही है, उसके मुक़ाबले में आपके पास क्रूरता और बे-हयाई के अलावा और कुछ नहीं है. परन्तु आपकी बे-हयाई भोंडी है और आपकी क्रूरता से हमारा क्रोध और बढ़ता है. जो हाथ आज हमारा गला घोंटने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, वही कल साथियों की तरह हमारे हाथ थाम लेने को आगे बढ़ेंगे. आपकी शक्ति धन बढ़ाते रहने की मशीनी शक्ति है, उसने आपको ऐसे दलों में बाँट दिया है जो एक दूसरे को खा जाना चाहते हैं. हमारी शक्ति सारी मेहनतक़श जनता की एकता की निरंतर बढ़ती हुई चेतना की जीवन-शक्ति में है. आप लोग जो कुछ करते हैं, वह पापियों का काम है, क्योंकि वह लोगों को गुलाम बना देता है. आप लोगों के मिथ्या प्रचार और लोभ ने पिशाचों और राक्षसों की अलग एक दुनिया बना दी है जिसका काम लोगों को डराना-धमकाना है. हमारा काम जनता को इन पिशाचों से मुक्त कराना है. आप लोगों ने मनुष्य को जीवन से अलग करके नष्ट कर दिया है, समाजवाद, आपके हाथों टुकड़े-टुकड़े की गई दुनिया को जोड़कर एक महान रूप देता है और ये होकर रहेगा.”
*पावेल एक पात्र अदालत में बोलते हुए, अलेक्सेई मक्सिमोविच पेश्कोव उर्फ़ मैक्सिम गोर्की के उपन्यास ‘माँ’ से*

