अग्नि आलोक

*इस धनतेरस क्या लाना है घर! ये हैं खरीदारी के शुभ मुहूर्त*

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पौराणिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि अमृत कलश के साथ प्रकट हुए थे, इसलिए धनतेरस पर उनका पूजन प्रमुख होता है। इस दिन मां लक्ष्मी, कुबेर, यमराज और भगवान गणेश की पूजा भी की जाती है।धनतेरस का पर्व सम्पूर्ण भारत में कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी 18 अक्तूबर शनिवार को मनाया जाएगा। त्रयोदशी तिथि 18 अक्तूबर शनिवार को दोपहर 12.20 के बाद प्रारंभ होगी। पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र और ब्रह्म योग इस दिन को और भी खास बना रहा है।

पारंपरिक ज्योर्तिविद और बाबा गुमानदेव हनुमान गढ़ी के गादीपति पं चंदन श्यामनारायण व्यास ने बताया कि पौराणिक मान्यता है समुद्र मंथन से अमृत की प्राप्ति हुई थी। भगवान धन्वंतरि समुद्र से अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। वह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि थी, इसलिए धनतेरस या धनत्रयोदशी के दिन धन्वंतरि देव के पूजन करने का भी विधान है। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस पर्व मनाया जाएगा। यह दिन मुख्य रूप से भगवान धन्वंतरि को समर्पित होता है। साथ ही सुख-समृद्धि और धन प्राप्ति हेतु मां लक्ष्मी की पूजा के साथ कुबेर, यमराज और भगवान गणेश जी की पूजा करने का विधान है।

यह सामग्री खरीदने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है
धनतेरस के दिन खरीददारी करना शुभ होता है। इस दिन खरीददारी करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। अपनी सामर्थ्य अनुसार वस्तुओं को क्रय करना चाहिए। इन पांच वस्तुओं को घर में अवश्य लाए खड़ा नमक, गुड़, खड़ा धना, कुमकुम, हल्दी यह सारी सौभाग्य प्रदायक वस्तुएं हैं। शास्त्र में इनका बड़ा महत्व है। धनतेरस के दिन सोना-चांदी के अलावा बर्तन, वाहन और कुबेर यंत्र गोमती चक्र देव प्रतिमा खरीदना शुभ होता है। इसके अलावा झाड़ू खरीदना भी शुभ होता है। इस दिन देशी लाल गाय का पूजन करने का विशेष महत्व है, क्योंकि हमारे शास्त्र में एक मात्र गाय ही ऐसा जीव है, जिसका मूत्र और गोबर दोनों ही पूजा में उपयोगी और पूजित है।

धन तेरस पर चौघड़िया अनुसार खरीदी एवं पूजा के शुभ मुहूर्त


मुहुर्त लग्न अनुसार

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