डॉ. नेहा
ठंड के मौसम में कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इन्हीं समस्याओं में से एक समस्या है सूजन। सर्दी बढ़ने पर बहुत से लोगों की उंगलियां सूज जाती हैं, वहीं कुछ लोगों को चेहरे की त्वचा में भी सूजन का एहसास होता है। यह परेशानी है अक्सर ठंड में देखने को मिलती है.
कई बार उंगलियों का सूजन गठिया से जुड़ा हो सकता है, ठंड में गठिया का सूजन बढ़ जाता है जिसकी वजह से चलने फिरने और सामान्य गतिविधियों को करने में परेशानी हो सकती है, परंतु गठिया के अलावा भी उंगलियों के सूजन के कई कारण हो सकते है.
*अधिक ठंड :*
ठंडे तापमान के संपर्क में आने से उंगलियों की ब्लड वेसल्स सिकुड़ सकती हैं, जिससे ब्लड फ्लो कम हो जाता है और उनमें सूजन हो सकती है।
*हाइड्रेशन की कमी :*
ठंड के मौसम में अक्सर पानी का सेवन कम हो जाता है, जिससे बॉडी डिहाइड्रेटेड हो जाती है और शरीर में सूजन बढ़ जाता है।
*अर्थराइटिस ट्रिगर :*
ठंड के मौसम में गिरता तापमान गठिया के लक्षणों को बढ़ा सकता है, जिससे हाथ एवं पैरों की उंगलियों में सूजन हो सकती है।
*धीमी ब्लड सर्कुलेशन :*
ठंड का मौसम में रक्त संचार संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, या किसी को पहले से इस प्रकार की कोई भी स्थिति है, तो उनकी परेशानी बढ़ सकती है। असंतुलित ब्लड सर्कुलेशन उंगलियों में सूजन का कारण बन सकता है।
*एलर्जी :*
मोल्ड या धूल के कण जैसे सर्दियों के एलर्जेंस कुछ लोगों में एलर्जी प्रतिक्रियाओं को ट्रिगर कर सकते हैं, जिससे उंगलियों में सूजन हो सकती है।
*नमक का सेवन :*
ठंड के मौसम में बार-बार भूख लगती है, ऐसे में ज्यादातर लोग नमकीन स्नैक्स का सेवन करते हैं। जिसकी वजह से शरीर में नमक की मात्रा बढ़ जाती है, और वॉटर रिटेंशन की समस्या हो सकती है, जो सूजन का कारण बनती है।
*हार्मोनल बदलाव :*
ठंड का मौसम आपकी बॉडी में हार्मोन के स्तर को प्रभावित करता है। खास तौर पर सर्दी में लोग अधिक तनाव ग्रस्त होते हैं, ऐसे में बॉडी में कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज होता है। यह हार्मोन फ्लूइड बैलेंस को प्रभावित करता है, जिससे हाथ एवं पैरों में सूजन की समस्या हो सकती है।
*चेहरे की त्वचा में सूजन का कारण :*
ठंड के मौसम में त्वचा में सूजन के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। आमतौर पर ठंड के मौसम में लोगों को सुबह उठने के साथ अपनी त्वचा सूजी हुई महसूस होती है, या बहुत से लोग ठंडी हवाओं के अनुभव के बाद इसे महसूस करते हैं।
ठंड के मौसम में लंबे समय तक अपने चेहरे को ठंडी हवाओं के संपर्क में छोड़ देने से त्वचा का ब्लड सर्कुलेशन खराब हो सकता है। जिसकी वजह से चेहरे में सूजन और रेडनेस आ जाती है। इसके साथ ही ठंड के मौसम में बहुत अधिक मात्रा में नमक, शराब और शक्कर का सेवन करने से चेहरा सूजा हुआ दिखाई दे सकता है।
इसके साथ ही स्किन ड्राइनेस जो सर्दियों के मौसम में एक बेहद आम समस्या है, चेहरे की सूजन का कारण बन सकती है। क्योंकि ड्राइनेस की वजह से सोरायसिस जैसे स्किन कंडीशन का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा त्वचा अधिक आसानी से संक्रमित हो सकती है। वहीं एक्ने, पिंपल आदि जैसी त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में स्किन रेडनेस और स्वेलिंग एक आम समस्या है।
सर्दियों में व्यक्ति अधिक तनाव महसूस करता है। यदि आप ठंड के मौसम में चिंतित रहती हैं, तो इस स्थिति में आपकी एड्रेनल ग्लैंड सामान्य से अधिक कॉर्टिसोल प्रोड्यूस करना शुरू कर देती है। जिससे आपकी त्वचा में सूजन आ सकता है।
*1. पर्याप्त गर्मी लें :*
त्वचा एवं उंगलियों के सूजन को कम करने के लिए या इन्हें होने से रोकने के लिए सबसे जरूरी है, इन्हें पर्याप्त गर्मी देना। अपने पैर एवं हाथ की उंगलियों को गर्माहट देने के लिए हाथों में ग्लव्स और पैरों में मौज पहनने की आदत बनाएं। इसके अलावा अपने सिर एवं कान को ढक कर रखे। वहीं यदि कहीं बाहर ठंडी हवाओं के संपर्क में जा रही हैं, तो अपने चेहरे को स्कार्फ से कवर करना न भूले। ऐसा करने से चेहरे की त्वचा पर ठंडी हवाओं का प्रभाव कम हो जाता है।
*2. वार्म कंप्रेस :*
यदि अधिक ठंड के कारण हाथ एवं पैरों की उंगलियां सज गई है और चेहरे में भी सूजन महसूस हो रहा है तो गर्म सिकाई आपकी मदद कर सकती है। उंगलियों को गर्म पानी में भिगोएं और फिर इन्हें टॉवेल से ड्राई करें और दस्ताने एवं मौजे पहने। इसके अलावा चेहरे को गर्म कपड़े या हॉट वॉटर बॉटल से सिकाई करें। ऐसा करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, और सूजन धीमे-धीमे कम हो जाएगा।
*3. हाइड्रेटेड रहें :*
ठंड के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी है। आमतौर पर कम प्यास लगने की वजह से लोगों का वाटर एंड टेक कम हो जाता है, जिसकी वजह से बॉडी डिहाइड्रेटेड हो सकती है। ऐसे में एक उचित अंतराल पर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, साथ ही अन्य हाइड्रेटिंग ड्रिंक की मदद से बॉडी में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को बनाए रखें। यह न केवल सूजन के लिए जरूरी है, बल्कि समग्र स्वास्थ्य को इससे फायदा मिलेगा।
*4. स्किन को मॉइश्चराइज रखना जरूरी है :*
ठंड के मौसम में पैर, हाथ एवं त्वचा सभी जगह की स्किन बेहद ड्राई हो जाती है। ड्राइनेस बढ़ने की वजह से त्वचा संक्रमित हो सकती है और बॉडी में सूजन बढ़ सकता है। ऐसे में अपने हाथ, पैर एवं त्वचा में हाइड्रेशन और नमी बनाए रखने के लिए दिन में दो बार मॉइश्चराइजर अप्लाई करें। मॉइश्चराइजर केवल चेहरे पर नहीं बल्कि हाथ और पैरों की त्वचा पर भी अप्लाई करना है, ताकि सूजन को रोका जा सके।
*5. बॉडी को सक्रिय रखें :*
आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है, परंतु शारीरिक स्थिरता यानी कि लंबे समय तक शारीरिक रूप से स्थिर रहने से भी शरीर में सूजन बढ़ जाती है। ठंड के मौसम में अक्सर लोग आलसी हो जाते हैं और अपनी नियमित एक्सरसाइज रूटिंग को भूल जाते हैं। ऐसे में खुद को एक्टिव रखना बहुत जरूरी है। दिन में कम से कम 30 मिनट किसी भी शारीरिक गतिविधियों में भाग लें। यदि बाहर अधिक ठंड है और आप घर पर रहना चाहती हैं, तो घर के कामकाज में समय व्यतीत करें, इससे आपको सक्रिय रहने में मदद मिलेगी।
*6. स्ट्रेस मैनेजमेंट पर ध्यान दें :*
सर्दियों में तनाव बढ़ जाता है, और बहुत से लोग उदास और चिंतित रहने लगते हैं। ऐसे में योग, मेडिटेशन और अन्य पसंदीदा गतिविधियों में भाग लेकर तनाव को नियंत्रित रखने का प्रयास करें। पूरे दिन घर में बंद न रहे, गर्म कपड़े पहने और कुछ देर बाहर टहलने का प्रयास करें, इससे आपको बेहतर महसूस होगा।

