अग्नि आलोक

13.7अरब साल पहले हमारा ब्रह्मांड कैसा था ?

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-निर्मल कुमार शर्मा


       
 उक्त प्रश्न बड़ा विचित्र और अजीबोगरीब लग रहा है,लेकिन यह बिल्कुल सत्य है, क्योंकि अब तक के सबसे शक्तिशाली टेलीस्कोप जेम्स वेब टेलीस्कोप जिसकी कीमत 900करोड़ अमेरिकी डालर मतलब 7 खरब 17अरब 48 करोड़ भारतीय मुद्रा में है,जो अपने पूर्ववर्ती हब्बल टेलीस्कोप से कम से कम सौ गुना तक ज्यादा संवेदनशील और शक्तिशाली है,को पिछले वर्ष 25 दिसंबर 2021को दक्षिणी अमेरिकी महाद्वीप के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित फ्रेंच गुयाना के गुयाना स्पेस सेंटर से शक्तिशाली एरियन-5 राकेट या Ariane-5 Rocket के द्वारा अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया था,जो 15 लाख किलोमीटर की अंतरिक्ष में यात्रा करके केवल एक महीने के बाद ही अपनी निश्चित कक्षा मतलब सोलर आर्बिट में पहुंच गया था,अब यह पृथ्वी से 15लाख किलोमीटर की दूरी पर सूर्य की परिक्रमा कर रहा है,जिसे अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा,यूरोपियन स्पेस एजेंसी और कनाडाई स्पेस एजेंसी ने मिल-जुलकर बनाया है। इसमें एक गोल्डन मिरर लगा हुआ है,जिसकी चौड़ाई लगभग 21.32 फीट है। यह मिरर बेरिलियम धातु से बने 18 षट्कोणीय टुकड़ों को जोड़कर बनाया गया है। हर टुकड़े पर 48.2 ग्राम सोने की परत चढ़ी हुई है जिससे यह एक परावर्तक या Reflector की तरह काम करता है,इस टेलीस्कोप का वजन 6,350 किलोग्राम है,ने अभी पिछले दिनों हमारे ब्रह्माण्ड की 13.7अरब साल पुरानी बहुत ही सुन्दर,साफ-साफ और रंगीन तस्वीरों को खींचकर हमारी धरती पर भेजा है !

          बिग बैंग सिद्धांत 

             अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के मतानुसार बिग बैंग सिद्धान्त के अनुसार आज से लगभग 13.7 अरब वर्ष या 13.7 Billion Years पूर्व हमारा पूरा ब्रह्मांड एक अत्यंत छोटे से बिन्दु में सिमटा हुआ था। इसमें हुए एक महाविस्फोट या Big Bang के कारण इसमें सिमटा हर एक कण अति तीव्र गति से फैलता चला गया,जिसके फलस्वरूप इस संपूर्ण ब्रह्मांड की रचना हुई। आश्चर्य की बात है इस धमाके में इतनी अत्यधिक ऊर्जा का उत्सर्जन हुआ और यह ऊर्जा इतनी अधिक थी जिसके प्रभाव से आज तक भी यह ब्रह्मांड फैलता ही जा रहा है। इस पृथ्वी की सारी भौतिक मान्यताएं अभी भी इस एक ही घटना से ही परिभाषित होती हैं जिसे बिग बैंग सिद्धान्त कहा जाता है। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के अनुसार बिग बैंग नामक महाविस्फोट के धमाके के मात्र 1.43 सेकेंड अंतराल के बाद समय,अंतरिक्ष की वर्तमान मान्यताएं अस्तित्व में आ चुकी थीं। भौतिकी के सारे नियम लागू होने लग गये थे,मात्र 1.34 वें    सेकेंड में ये ब्रह्मांड अपने मूल आकार से 1030 गुणा तक फैल चुका था और क्वार्क,लैप्टान और फोटोन का गर्म द्रव्य बन चुका था ! मात्र 1.4 सेकेंड पर क्वार्क मिलकर प्रोटॉन और न्यूट्रॉन बनाने लगे थे और ब्रह्मांड अब कुछ ठंडा हो चुका था हाइड्रोजन,हीलियम आदि के अस्तित्त्व का आरंभ होने लगा था और अन्य भौतिक तत्व बनने लगे थे !

              उपर्युक्त वर्णित बिग बैंग का घटना हमारी पृथ्वी से 13.7 अरब प्रकाश वर्ष दूर थी ! इस दूरी को हम आसान शब्दों में ऐसे समझ सकते हैं कि उस घटनास्थल से चलकर हमारी पृथ्वी तक आने में प्रकाश को भी 13.7अरब वर्ष लग गए ! जेम्स वेब टेलीस्कोप को मुख्य रूप से इंफ्रारेड एस्ट्रोनामी के संचालन के लिए डिजाइन किया गया है। यह अंतरिक्ष में अब तक का सबसे शक्तिशाली टेलीस्कोप है,इसका बेहतरीन इन्फ्रारेड रिजाल्यूशन और संवेदनशीलता इसे हबल स्पेस टेलीस्काप के मुकाबले बहुत पुरानी और बहुत दूरी की धुंधली वस्तुओं को देखने में सक्षम बना रही है ! इसकी मदद से सबसे पुराने सितारों का अवलोकन और पहली आकाशगंगाओं का निर्माण और मानव के रहने योग्य वायुमंडलीय लक्षण युक्त संभावित एक्सोप्लैनेट को ढूंढा जा सकता है। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की योजना के अनुसार जेम्स वेब टेलीस्कोप का उपयोग इस सीमा तक किया जाएगा ताकि वैज्ञानिकों को लगभग 13.7 अरब साल पहले ब्रह्मांड के शुरुआती दिनों की एक झलक मिल सके और अरबों-खरबों प्रकाश वर्ष दूरस्थ ब्रह्मांडीय वस्तुओं,यहां तक ​​​​कि हमारे अपने सौर मंडल को भी तेज फोकस के साथ जूम किया जा सके ! योजना यह भी है कि जेम्स वेब टेलीस्कोप की मदद से सबसे पुराने सितारों का अवलोकन करने और पहली ब्रह्माण्ड में बनी प्राचीनतम् आकाशगंगाओं की निर्माण प्रक्रिया और संभावित रहने योग्य एक्सोप्लैनेट के विस्तृत वायुमंडलीय लक्षण आदि का अध्ययन किया जाय !अभी अंतरिक्ष में भेजे गए अति शक्तिशाली जेम्स वेब टेलीस्कोप ने उसी बिग बैंग विस्फोट के कुछ करोड़ों साल बाद ब्रह्माण्ड की जैसी संरचना थी,उसका साफ-साफ फोटो लेने में सफलता प्राप्त किया है ! जेम्स वेब टेलीस्कोप द्वारा खींची गई ब्रह्मांड की ऐसी यह पहली अद्भुत,रंगीन तस्वीरें हैं जो पहले कभी भी नहीं देखीं गईं हैं !यह ब्रह्मांड की सबसे पहली हाई रेजोल्यूशन वाली कॉस्मिक,रंगीन और साफ तथा स्पष्ट तस्वीर है !

 जेम्स वेब टेलीस्कोप ने अंतरिक्ष की हाई रिजॉल्यूशन की तस्वीरें भेजी 

अमेरिकी राष्ट्रपति भवन व्हाइट हाउस ने इस तस्वीर के बारे में बताते हुए कहा है कि “यह तस्वीर आश्चर्यचकित कर देने वाली है। हजारों आकाशगंगाओं से भरी तस्वीर में अभी तक देखी गई सबसे धुंधली वस्तुएं भी हैं जो नीले,नारंगी और सफेद रंग की नजर आ रहीं हैं। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने बताया कि जेम्स वेब टेलीस्कोप मानवता की इंजीनियरिंग की महान उपलब्धि है। इस अनोखी तस्वीर में ब्रह्मांड का सबसे गहरा दृश्य नजर आ रहा है। “

       अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने बीते महीने कहा था कि “पूरी विश्व मानवता को ब्रह्मांड के बारे में एक नया दृष्टिकोण मिलने जा रहा है,उन्होंने बताया कि ऐसा दृश्य हमने पहले कभी नहीं देखा होगा।जेम्स वेब टेलीस्कोप ने कई गैलेक्सियों के एक समूह की बहुत हाई रिजॉल्यूशन में साफ-साफ तस्वीर ली है जिसमें ब्रह्मांड की काफी गहरी और विस्तृत जानकारी है। इस तस्वीर में कई गैलेक्सीज एकसाथ नजर आ रहीं हैं। इसमें बहुत पुरानी, बहुत दूर मौजूद और धुंधली गैलेक्सी भी शामिल हैं। इस तस्वीर में बिग बैंग के बाद बनने वाली गैलेक्सी दिख रही हैं ! अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार “यह तस्वीर विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए ऐतिहासिक पल है। ये खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष के साथ पूरी मानवता के लिए भी बहुत अच्छा और शुभ दिन है ! ” 

अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के अनुसार जेम्सवेब टेलीस्कोप ने धरती के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को डीप स्पेस की कलर इमेज और स्पेक्ट्रोस्कोपित डाटा या Spectroscopic Data उपलब्ध करा दिया है,नासा में जेम्स वेब टेलीस्कोप के डिप्टी सीनियर प्रोजेक्ट साइंटिस्ट जोनाथन गार्डनर ने कहा कि “जेम्स वेब टेलीस्कोप इतनी दूर की आकाशगंगाओं की तलाश में बिग बैंग के बाद समय में पीछे की ओर देख सकता है ! प्रकाश तक को जिसकी गति 299792किलोमीटर प्रति सेकंड है,को भी उन आकाशगंगाओं से हमारी पृथ्वी तक पहुंचने में कई अरब साल लग गए हैं ! ”                 

जेम्स वेब टेलीस्कोप ने कौन -कौन सी तस्वीरें भेजी ?

एक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की कमेटी या International Committee of Space Scientists के अनुसार जेम्स वेब टेलीस्कोप द्वारा भेजी गई तस्वीरों में विशिष्ट रूप से कैरिना नेबुला या  Carina Nebula है,जो 7,600 प्रकाश वर्ष दूर धूल और गैस का एक ग्रह है, इसके अलावा दक्षिणी रिंग नेबुला भी शामिल है जो 2000 प्रकाश वर्ष दूर एक धुंधलाते तारे को घेरे हुए है !कैरिना नेबुला या Carina Nebulaअपने विशाल स्तंभों के लिए प्रसिद्ध है जिसमें ‘मिस्टिक माउंटेन या Mystic Mountain’ शामिल हैं,जेम्स वेब टेलीस्कोप के पूर्ववर्ती हबल टेलिस्कोप Hubble Space Telescope ने भी एक शानदार तस्वीर में इसके तीन प्रकाश वर्ष लंबे कॉस्मिक पिनैकल या Cosmic Pinnacle की स्पष्ट तस्वीर को भेजा था !

जेम्स वेब टेलीस्कोप द्वारा भेजी गई तस्वीरों में स्टीफ़न क्विंटेट या Stephan’s Quintet है,जो 290 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर एक गैलेक्सी है,अंत में सबसे आकर्षक है एसएमएसीएस -0723 या SMACS – 0723 गैलेक्सी क्लस्टर जो कई गैलेक्सियों का एक समूह है ! जेम्स वेब टेलीस्कोप ने वर्ष 2014 में खोजे गए वैस्प-96 बी या  WASP-96 b नाम के गैसीय ग्रह की स्पेक्ट्रोस्कोपी या Spectroscopy भी किया है यह प्रकाश का एक विश्लेषण अभिक्रिया होती है जिससे विस्तृत जानकारी मिलती है । वैस्प-96 बी या WASP-96 b पृथ्वी से करीब 1150 प्रकाश वर्ष दूर है और हमारे सौरमंडल के सबसे बड़े बृहस्पति ग्रह के द्रव्यमान का लगभग आधा है और केवल 3.4 दिनों में अपने तारे के चारों ओर चक्कर लगाता है, नासा इसका स्पेक्ट्रोग्राफिक या  Spectrographicविश्लेषण भी बाद में मिडिया में प्रकाशित करेगा !

आशा करते हैं जेम्स वेब टेलीस्कोप सूदूर अंतरिक्ष में कोई मानवीय सभ्यता खोज निकाले !

जेम्स वेब टेलीस्कोप का निर्माण करनेवाले वैज्ञानिकों के कथनानुसार इस टेलीस्कोप का जीवन 10 वर्ष तक है,लेकिन आशा है कि यह टेलीस्कोप 20 वर्ष तक कुशलतापूर्वक अपना कार्य करता रहेगा ! हम धरती के जिज्ञाषु लोग यह उम्मीद करते हैं,कि जेम्स वेब टेलीस्कोप की उम्र अधिकतम् बनी रहे ! ताकि यह अंतरिक्ष के अबूझ रहस्यों का रहस्योद्घाटन करता रहे ! अभी पिछले दिनों बीते 23से 25मई 2022को एक अत्यंत दु:खद सूचना आई थी किएक अंतरिक्ष पिंड या Micrometeoroid जेम्स वेब टेलीस्कोप के एक लेंस से टकरा गया है,जिससे उसके लेंस कुछ क्षतिग्रस्त हो गए थे ! हम आशा करते हैं कि इसके साथ इस तरह की किसी अन्य दुर्घटना की पुनरावृत्ति न हो !और वह सूदूर अंतरिक्ष में अपने शक्तिशाली कैमरों की मदद से नित नए -नए अविष्कार करता रहे,और यह भी कि इसकी मदद से अंतरिक्ष के किसी कोने में सांसों के स्पंदन से युक्त इस धरती के सबसे बुद्धिमान हम मानव प्रजाति सूदूर अंतरिक्ष के किसी कोने में अपने जैसे उन्नत और बुद्धिमान किसी सहोदर ग्रह की खोज कर सकें जहां हमारे जैसे प्राणियों का बसेरा हो ! यह मानवीय सभ्यता का सबसे सनसनीखेज और क्रांतिकारी खोज होगी !
-निर्मल कुमार शर्मा ‘गौरैया एवम् पर्यावरण संरक्षण तथा देश-विदेश के सुप्रतिष्ठित समाचार पत्र-पत्रिकाओं में वैज्ञानिक,सामाजिक,राजनैतिक, पर्यावरण आदि विषयों पर स्वतंत्र,निष्पक्ष,बेखौफ , आमजनहितैषी,न्यायोचित व समसामयिक लेखन,संपर्क-9910629632, 

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