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1947 से 2025 तक, किन-किन दिग्गजों ने भारत के वित्त मंत्री की भूमिका निभाई?

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भारतीय अर्थव्यवस्था की 75 वर्षों से अधिक की यात्रा में केंद्रीय बजट केवल आमदनी और खर्चे का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज रहा है। जैसा कि देश वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक प्रगति का आकलन कर रहा है, यह समझना भी जरूरी है कि 1947 से लेकर 2026 तक भारत की अर्थव्यवस्था की नींव कैसे तैयार हुई? किन-किन दिग्गजों ने भारत के वित्त मंत्री की भूमिका निभाई और अर्थव्यवस्था को मौजूदा स्तर तक पहुंचाने में अपना क्या योगदान दिया।

देश का पहला बजट नवंबर 1947 में पेश किया गया

आजादी के ठीक बाद भारत के सामने पहाड़ जैसी आर्थिक चुनौतियां थीं। देश का पहला बजट नवंबर 1947 में पेश किया गया था। यह वह ऐतिहासिक क्षण था जिसने स्वतंत्र भारत की वित्तीय नीतियों की आधारशिला रखी। तब से लेकर 2026 तक की इस लंबी यात्रा में कई वित्त मंत्रियों ने अपनी नीतियों से भारत को एक वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने में अहम योगदान दिया है। आइए एक-एक करके उनके बारे में जानते हैं।

आरके शनमुखम चेट्टी देश के पहले वित्त मंत्री थे। उनके बाद एक महीने तक केसी नियोगी ने कमान संभाली।

जॉन मथाई

सीडी देशमुख

टीटी कृष्णमाचारी

पंडित जवाहर लाल नेहरू

मोरारजी देसाई

सचिन्द्र चौधरी

इंदिरा गांधी

यशवंत राव चव्हाण

चिदंबरम सुब्रमण्यम

हीरू भाई एम पटेल

चौधरी चरण सिंह

हेमवती नंदन बहुगुणा

आर वेंकट रमण

प्रणव मुखर्जी

विश्वनाथ प्रताप सिंह

राजीव गांधी

नारायण दत्त तिवारी

शंकरराव बी चाव्हाण

मधु दंडवते

यशवंत सिन्हा

डॉ. मनमोहन सिंह

जसवंत सिंह

पी चिदंबरम

इंद्र कुमार गुजराल

अरुण जेटली

पीयूष गोयल

बजट 2026 – फोटो : amarujala.com

निर्मला सीतारमण

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