अग्नि आलोक

शांत सुराना को कौन गर्मा रहा है !

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सुसंस्कृति परिहार

एक बार फिर जनता में अपार लोकप्रिय पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी जो पिछले साल से अफीम तस्करी बहुल जिले को जिस शानदार तरीके से संभाले हुए हैं उन पर लगता है मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की भृकुटी तन गई है।

वजह है, मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के सुराना गांव में मुस्लिम समुदाय पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर कुछ हिंदू परिवारों ने पलायन की धमकी दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुस्लिम लोग धमकाते हैं। प्रताड़ित करते हैं। कलेक्टर के नाम मंगलवार को इन लोगों ने ज्ञापन सौंपा था। कहा था कि तीन दिन में अपना घर, खेत, संपत्ति छोड़कर वे पलायन को तैयार हैं। आज रतलाम कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने गांव का दौरा किया।उधर गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि इस मामले में एस पी से रिपोर्ट मांगी है।

ज्ञात हो,सुराना गांव में कुल आबादी 2200 है। इसमें 60% मुस्लिम व 40% हिंदू हैं। यह गांव बिलपांक थाना क्षेत्र में आता है।बताया गया है कि ग्राम के कुछ लोगों में पिछले कुछ समय से तनाव है। मंगलवार को उन्होंने एसडीएम अभिषेक गहलोत को ज्ञापन सौंप कर अपनी समस्या बताई थी। एसडीएम कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में दशरथ, मुकेश जाट, भरतलाल जाट ने बताया कि गांव में हिंदू-मुसलमान कई पीढ़ियों से रह रहे थे। बीते दो-तीन साल से हिंदू युवाओं के साथ गाली-गलौज, मारपीट व धमकाने की घटनाएं बढ़ गई हैं। हिंदू युवाओं पर ही झूठी एफ आइ आर दर्ज हो रही है।

जहां तक पुलिस अधीक्षक का सवाल है वह निष्पक्ष बेहद सतर्क और सफल पुलिस अधीक्षक माने जाते हैं।उनकी पैनी नज़र से किसी भी जाति धर्म का अपराधी नहीं बच सकता। मुश्किल तब आती है या घटना गंभीर मोड़ तब लेती है जब कतिपय राजनीतिक लोग अपने मुताबिक कार्रवाई चाहते हैं।जैसा कि आजकल जो माहौल है उसमें एक वर्ग विशेष को प्रताड़ित करने का अभियान चला हुआ है कुछ ना कुछ बहाना अपेक्षित होता है।संभव है यहां जो घर बिकाऊ है दरवाजों पर लिखा गया है और तीन दिन में पलायन करने की बात की गई है वह कैराना उत्तरप्रदेश जैसा कोई षड्यंत्र ही है।इसका भंडाफोड़ होना चाहिए।इसके पीछे कौन है?

पीड़ित हिंदुओं का आरोप है कि संख्या में मुस्लिम समुदाय अधिक है और इस वजह से हिंदुओं को डराया-धमकाया जाता है। पुलिस कार्रवाई के नाम पर दोनों पक्षों को बेवजह परेशान करती है। पिछले दिनों विवाद हुआ तो एसपी ने उन्हें ही घर तोड़ने, रासुका लगाने की धमकी दे दी। एसपी गौरव तिवारी ने पिछले दिनों शांति समिति की बैठक लेकर दोनों वर्गों से चर्चा की थी। गांव के सुरेश पांचाल, विनोद जाट का कहना है कि परेशानी बताने का कोई और रास्ता नहीं बचा है। हालांकि, एसपी का कहना है कि मुकेश के साथ मारपीट हुई थी। मामला दर्ज किया गया है। कलेक्टर ने सभी से चर्चा करने के बाद भरोसा जताया कि गुंडा चाहे कोई भी हो, कितना भी दमदार हो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसी बीच गांव के पूर्व पटेल ओमप्रकाश जाट अपना दर्द बयां करते हुए रोने लगे। मुकेश जाट ने बताया कि गांव में मुस्लिम समाज के लोग अवैध खनन, सट्टा और जुआ व अन्य अवैध कार्य कर रहे हैं, लेकिन पुलिस उनका साथ दे रही है और हिंदुओं की जांच कराकर रासुका व जिलाबदर लगाने की धमकी दे रही है। विचारणीय है ये कौन लोग हैं जो दो तीन सालों से युवा हिंदुओं को बरगला रहे हैं ? जिससे उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो रही है। हिंदू मुस्लिम के बीच वे कौन हैं जो उन्हें सुराना का सद्भाव खराब करने की मुहिम चलाए हुए हैं।उसकी खोज करना और दंडित करना ज़रूरी है।
सच्चाई, यह है कि यहां दो वर्ग के युवाओं की पुरानी तकरार है जिसे फसाद फैलाने वाली ताकतों ने हवा दी और इस तरह पलायन और मकान बेचने का मुद्दा उठाया।लोग यहां आज भी सद्भाव से हैं। जिलाधीश और पुलिस अधीक्षक की बैठक में गांव वालों की शिकायत संयुक्त रुप से सुनी गई। पुलिस अधीक्षक ने तीन मुकदमे दर्ज लोगों को जिला बदर करने तथा गांव में पुलिस चौकी बनाने की घोषणा की जिसका स्वागत किया गया ।मामला पूरी शांत है।अब दोनों वर्ग के लोग इस कार्रवाई में फंसे रहे हों तो पुलिस क्या करें?बस यही एक बड़ा मुद्दा है सुराना का।बाकी ठीक है। लेकिन गृहमंत्री क्या चाहते हैं यह साफ़ है।

शायद,इसीलिए समूचे रतलाम ही नहीं बल्कि जहां जहां गौरव तिवारी के कामों से लोग भली-भांति परिचित हैं वे कह रहे हैं उन्हें हटाए जाने की शायद ये सोची समझी कवायद है।

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