-सुसंस्कृति परिहार
एक सवाल जनता के मन में कौंध रहा है कि चुनाव आयोग और सरकार मिलकर जब वोट चोरी में पिछले कई सालों से लगे हुए है और आपके पास इसके पुख्ता प्रमाण हैं तो आप कोर्ट क्यों नहीं जाते।यह जायज़ सवाल है।आईए जानते हैं राहुल गांधी क्यों कोर्ट नहीं जाते?
वास्तव यह एक मासूमियत से भरा सवाल है क्योंकि देश की जनता को यह समझना होगा कि भाजपा सरकार ने अपने बहुमत का दुरुपयोग करके एक ऐसा कानून बना दिया जिससे ये मामला कोर्ट नहीं जा सकता। अफ़सोसनाक तो यह है कि जब विपक्ष के 141 सांसदों को सदन से सस्पेंड करते हुए यह बिल सदन लाया गया था और ये कानून चोरी चोरी बना लिया गया जिस पर सदन में कोई चर्चा नहीं हुई वह दोनों सदनों से पास होकर राष्ट्रपति से हस्ताक्षरित भी हो गया।बीजेपी ने Clause-16, CEC & EC Bill 2023 लाकर चुनाव आयुक्तों को भगवान से भी ऊपर का दर्जा दे दिया है।इन भगवानजी के खिलाफ
ना सुप्रीम कोर्ट, ना हाईकोर्ट, ना सिविल, ना क्रिमिनल कहीं भी केस हो सकता। विदित हो,ऐसी छूट राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भी नहीं है!
इसके पहले भाजपा ने चुनाव आयोग की नियुक्ति से सीजेआई को चुनाव चयन समिति से हटाकर अपने बहुमत के लिए समिति में दो भाजपा के सदस्य और प्रतिपक्ष नेता को रखा था।ताकि दो एक के बीच अपना पसंदीदा चुनाव आयुक्त चुना जा सके यह संशोधन बिल जब सदन में लाया खूब बहस हुई , ख़ूब चर्चाएं हुई लेकिन कोई बाल बांका नहीं कर सका। बहुमत का गलत प्रयोग लोकतांत्रिक गणराज्य में एक स्वतंत्र इकाई को कानून बनाकर किया गया यह शर्मनाक है। संविधान की खुली अवज्ञा है।
इसलिए इस सर्वशक्तिमान चुनाव आयुक्त से पंगा लेना अब जनता का ही काम है। वह अपनी इस शक्ति का प्रयोग सर्वोच्च न्यायालय को भी आंख दिखाकर अपने अधिकार की दुहाई देते हुए धमका रहा है।
ऐसे कठिन वक्त में प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी ने बिहार में जो वोटर अधिकार यात्रा की थी उसे बिहार में भारी सफलता मिलती नज़र आ रही है।यदि संपूर्ण देश के मतदाता अपने वोट का अधिकार नहीं खोना नहीं चाहते हैं तो उन्हें एकजुट होकर ऐसे दोनों कानूनों के खिलाफ सख्ती से कदम उठाने होंगे।वरना तानाशाह मनोवृत्ति की सरकार पिछले चुनावों की तरह चोरी करते हुए सत्ता में बनी रहेगी। लगता है,इसी चुनाव आयुक्त भगवान की दम पर ही अमित शाह और मोदी यह घोषणा करते नहीं थकते हैं कि उन्हें 1947 तक कोई हरा नहीं सकता है।
हालांकि इस चोरी का अहसास आम मतदाता पहले हो चुका है। मध्यप्रदेश के चुनावों को ही लें शिवराज सिंह बुरी तरह से पिछला विधानसभा चुनाव हार रहे थे मीडिया भी इसकी घोषणा कर रही थी किंतु जब परिणाम आए तब जनता ही नहीं मंत्री महोदय भी भौंचक रह गए थे।ये थे पूर्व वित्तमंत्री जयंत मलैया जी थे जो जीत के बाद पत्रकारों से कह रहे थे मुझे इतने भारी मतों से जीत की उम्मीद नहीं थी।यही बात हटा की विधायक उमा देवी भी कह रहीं थी।ऐसी ही आवाज़ कई विधानसभा परिणाम के दौरान सामने आईं।
लेकिन जब मुख्यमंत्री और मंत्रीमंडल गठन की बात आई तो शिवराज सिंह को ठेंगा बताकर डॉ मोहन यादव को मुख्यमंत्री बना दिया।भारी मतों से जीते विधायकों को मंत्री मंडल में नहीं लिया गया। आखिरकार ये सब क्यों हुआ क्योंकि ये जीत मोदीजी और अमित शाह की चुनाव आयुक्त की कारगुजारियों का परिणाम थी इसलिए अपने मन मुताबिक मुख्यमंत्री और मंत्रीमंडल बना गया। सिर्फ यहां नहीं छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी ऐसा ही हुआ।
मध्यप्रदेश में 75 सीटों की चोरी कर प कांग्रेस को उखाड़ भाजपा सरकार बनी जिसकी जानकारी चुनाव आयोग को भी भेजी गई पर चुना भाजपा आयोग मौन है।इससे पूर्व प्रदेश की कांग्रेस सरकार को भाजपा ने कोरोना काल के समय कांग्रेस विधायक खरीद कर भाजपा सरकार बनाई थी।
राहुल गांधी ने कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा और राजस्थान के जो आंकड़े प्रमाण सहित पेश किए ।वे इसे एटम बम कह रहे हैं। क्योंकि ये सीधे भाजपा के द्वारा चुना भाजपा आयोग के लिए खतरे की घंटी है।ये कानून के मुताबिक अदालतों का मामला नहीं रहा।अब जनता की अदालत का मामला है इसलिए राहुल गांधी इसे कथित चुनाव आयुक्त की गद्दी पर विराजमान कथित भगवान के बीच का मामला कह रहे हैं।अब यह संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक वोट के अधिकार की सुरक्षा की लड़ाई है। इसलिए प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी संघ और भाजपा के निशाने पर हैं क्योंकि राहुल गांधी ने उनकी चोरी पकड़ कर जनता के सामने रख दी है इसलिए राहुल की सुरक्षा और अपने वोट के अधिकार की रक्षा मतदाताओं को ही करना है।भाजपा ने इस मामले में किसी भी कोर्ट में जाने का अधिकार हम सब से छीन लिया।उसकी वापसी तभी संभव है जब लोकतांत्रिक रास्ते से, सत्ता तक पहुंची ऐसी फासिस्ट , संविधान विरोधी ताकतों को रोका जाए।ये सब कैसे संभव होगा यह बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका के आंदोलन से समझा जा सकता है।फैसला आपके हाथ है यह भी याद रखना होगा भारत शांति प्रिय राष्ट्र है और हमारे राष्ट्र पिता महात्मा गांधी ने एक बेहतरीन राह सत्याग्रह और शांति पूर्ण विरोध की दिखाई है। जिस पर चल कर हमें आज़ादी मिली ।आज अपनी आज़ादी हड़पने वाली सरकार से लड़ाई इसलिए उनके हथियारों से लड़ें। यदि हम कामयाब नहीं होते हैं तभी क्रांति का रास्ता अख्तियार करें।

