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सुनीता ने क्यों नहीं दिया था मोदी को मिलने का समय.?

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रंजन शर्मा

सुनीता ने क्यों नहीं दिया था मोदी को मिलने का समय.??
जिस सुनीता विलियम्स को भारत की बेटी बताते हुए, मोदी जी ने पत्र लिखा.. वही सुनीता 2013 में अपनी पिछली भारत यात्रा के दौरान, तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी से मिलने से इनकार कर चुकी है.. यहां तक की एयरपोर्ट लेने आई सरकारी गाड़ी में बैठने से भी इंकार कर चुकी हैं .. मुख्यमंत्री कार्यालय के लाभ प्रयासों के बावजूद उन्होंने मोदीजी को मिलने का समय नहीं दिया.. आखिर क्यों..??
न सिर्फ मिलने से मना किया बल्कि इसके उलट 2013 की अपनी भारत यात्रा के दौरान उन्होंने लगभग पूरा दिन, #HirenPandya की पत्नी #जागृतिपंड्या के साथ बिताया.. आखिर क्यों..?? आज भले ही Narendra Modi जी उन्हें पत्र लिख रहे हो.. सकुशल वापसी की कामना कर रहे हो… लेकिन तब सुनीता के इस इंकार से नाखुश गुजरात सरकार ने उन्हें, स्टेट गेस्ट का दर्जा तक नहीं दिया था.. यही नहीं 2013 के पहले जब 2007 में जब वे अंतरिक्ष में सबसे लंबा समय बिताने वाली महिला बनकर भारत आई थी, तब भी वह तत्कालीन मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर बेपरवाह रही.. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सुनीता की विश्व गुरु.. हमारे सनातनी मोदी से ऐसी बेरुखी क्यों.?? मोदी को लेकर सुनीता की बेरुखी समझना हो तो एक छोटी सी जानकारी अपडेट कर लीजिए.. ( भक्त लोग यहां तक पढ़कर गाली देना भी शुरू कर सकते हैं) कारण आपको खुद समझ में आ जाएगा… दरअसल #SunitaWilliams गुजरात के पूर्व गृहमंत्री हीरेन पंड्या की कजिन है.. और विदेश में पले बढ़े होने के बावजूद, वो अपने भाई से बहुत गहरे से जुड़ी हुई थी.. यह तथ्य किसी से छुपा नहीं है कि हीरेन पंड्या गुजरात भाजपा में ,मोदी के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी माने जाते थे.. इन्हीं हीरेन भाई की 2003 में मॉर्निंग वॉक के दौरान ,गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.. तब उनके पिता परिवार ने इस हत्या को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी पर भी उंगली उठाई थी.. और #सुनीताविलियम्स इसी परिवार का हिस्सा रही है.. जाहिर है उनके विचार भी दूसरों से अलग नहीं होंगे।
एक बात और.. जिन्हें मोदी की इस बेकदरी के कारण, सुनीता विलियम्स ,सनातन या बीजेपी विरोधी लगने लगी हों.. उन्हें उनके लिए एक जानकारी और कि वह 1997 में न सिर्फ अपने हीरेन भाई के चुनाव प्रचार के लिए आ चुकी हैं.. प्रचार भी किया और उनके विजय जुलूस में भी शामिल हुई .. यही नहीं वह अंतरिक्ष में गीता और गणेश जी की मूर्ति लेकर गई थी..

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