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क्यों पढ़नी चाहिए गुजरात फाइल्स किताब

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सौरभ यादव

किताब खत्म हो गई है इसे पढ़ने के बाद और पढ़ने के दौरान बस यही सोचता रहा कि काश ये किताब 2014 के चुनाव से पहले आई होती और हर वोटर ने इसे पढ़ा होता तो 2014 के बाद की राजनीति शायद कुछ बदली होती…लेकिन फिर लगता है कि जब लोग पिछले 8 साल से खुद को बर्बाद होते देखकर खुश हो रहे हैं तो इस किताब से भी क्या ही बदल जाता…खैर, किताब इसलिए भी पढ़ी जानी चाहिए कि आप गुजरात की हकीकत जान सकें 2002 के बाद गुजरात के घटनाक्रम को जान सकें…आप ये जान सकें कि जब सत्ता की पावर एक-दो लोगों के हाथ में सिमट कर रह जाती है तो वो उससे कैसे खेलते हैं?चलिए ये बता देते हैं कि ये किताब किसे और क्यों पढ़नी चाहिए…?
पत्रकारों और छात्रों को- ये किताब हर पत्रकार और पत्रकारिता में करियर बनाने के बारे में सोच रहे हर युवा को पढ़नी चाहिए कि वो जिन एंकर-एंकराओं उछलते कूदते देख रहा है वो पत्रकारिता कतई नहीं है पत्रकारिता वो है जो राना अयूब ने की है
पुलिस अफसरों को- ये किताब पुलिसवालों को भी इसलिए पढ़नी चाहिए कि वो ये जान सकें कि सत्ता उनका इस्तेमाल करने के बाद कैसे निचोड़कर फेंक देती है और उनकी प्रतिष्ठा एक झटके में कैसे मिट्टी मिल जाती है।
नेताओं को- नेताओं को इसलिए पढ़नी चाहिए जिससे वो ये जान सकें कि अपने किसी बड़े नेता की जी हुजूरी करने पर उन्हें कुछ नहीं मिलता क्योंकि आखिर में सपोर्ट उन्हें जनता का ही चाहिए।
आम जनता को- आम लोगों को इसलिए पढ़नी चाहिए जिससे वो ये जान सकें कि धर्म की राजनीति में सिर्फ और सिर्फ नेताओं का फायदा होता है
और आखिर में Rana Ayyub को बार-बार दिल से सैल्यूट कि आपने शानदार काम किया और इस बात के लिए हम शर्मिंदा हैं कि हम आपके काम को समझ नहीं पाए और आपको वो श्रेय नहीं मिला जिसकी आप हकदार हो…मेरे बस में होता तो आपको पत्रकारिता का सर्वोच्च पुरस्कार देता…सबको मेरी बातें अजीब लग रही होंगी लेकिन सोचिए एक राज्य जहां हिंदू-मुस्लिम दंगा हुआ हो और उसके बाद प्रचंड बहुमत से हिंदूवादी सरकार बनी हो और इस महाौल में एक मुस्लिम लड़की अपनी पहचान बदलकर जान पर खेलकर खोजी पत्रकारिता करती है जिसके बाद उस राज्य के गृहमंत्री की गिरफ्तारी होती है कई पुलिस अफसर जेल जाते हैं…इतना सोच रहे हैं तो ये भी सोचिए कि राना अयूब जैसे पत्रकारों की देश को कितनी जरूरत है अगर 2-3 पत्रकार भी इनकी तरह पत्रकारिता करने लगें तो देश का कितना भला होगा…
पर देश का भला चाहिए किसे हमें तो हिंदू राष्ट्र बनाना है…

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