डॉ. प्रिया
_ध्यान-तंत्र में योनि को मंदिर का स्थान दिया गया है. दर्शन के अनुसार योनि ईश्वर निर्मित एकमात्र मंदिर है. योनि जीता-जागता, पवित्रतम और उर्वर मंदिर है. योनि समग्र सर्जना का मूल आधार है . बाकी मंदिर मनुष्य निर्मित हैं. वे सब बुत हैं यानि मृत हैं. इसलिए योनि मंदिर की पूजा का अधिकार योग्यतम पुजारी को ही देना चाहिए. इसे जिस-तिस की गंदगी का कचराघर नहीं बनाना चाहिए._
सात्विकता, दिव्यता संबंधी सोच और सक्रियता से आपकी योनि को बहुत अधिक सकारात्मकता मिलती है। इसकी लोच, चुस्ती, आरोग्यता, महक और संवेदनशीलता सेल्फ कैरिंग से हर बार रिकवर होती रहती है। इसलिए आपको अपनी योनि का ख्याल रखना ही चाहिए।
योनि एक इलास्टिक की तरह है जो आपकी स्थिति के अनुसार आप को भरती है और अलग करती है।
*विवाह पूर्व :*
आज के दौर में अगर मैं सलाह दूँ की विवाह पूर्व आप सेक्स नहीं करें. अपनी वर्जिनिटी बनाये रखें. आप अनछुई कली, कुंवारी हवा, न्यू कमर बनी रहें. पति को यह सर्वाधिक खास सौगात दें : तो कौन-सा आप हमारी बात मान लेंगी. तो ऐसी सलाह का क्या औचित्य. और फिर हर जगह मुँह मारते मर्द भी कहाँ हकदार हैं ऐसी औरत के, ऐसी योनि के.
मैं आपकी सेहत, आपकी योनि की सेहत, आपके बेहतर वर्तमान और आपके आनंदित भविष्य के लिहाजा यह सलाह दे रही हूँ की सिर्फ एक सेक्स पार्टनर तक सिमित रहें. खुद को, अपनी योनि को औरतखोर कुत्ता मर्दो की प्रॉपर्टी नहीं बनाएं.
एक ऐसा मर्द चुने जो आपको तन मन रूह से तृप्त करता रहे. ऐसा मर्द नहीं मिल रहा तो अपने उसी नामर्द को हमसे “निःशुल्क” मर्द बनवा लें. वह इसके लिए भी रेडी नहीं होता तो फेक दें ऐसे हवसी खुदगर्ज को. योग्यतम मर्द भी हम उपलब्ध कराएंगे आपको. हम सलाह देते हैं तो सहयोग भी करते हैं, समाधान भी देते हैं : बिना कोई भी क़ीमत लिए.
*विवाह, प्रेगनेंसी और मोनोपॉज़ के बाद :*
उम्र के साथ और प्रेगनेंसी के बाद योनि में बदलाव होते हैं। इन बदलावों को लेकर कई महिलाएं परेशान होती हैं, पर इसमें कोई भी चिंता की बात नहीं है। ये प्रकृतिक चीजें है जिसे हम या आप रोक नहीं सकते।
इसके लिए हम कुछ उपाय जरूर कर सकते हैं, जिससे योनि के कसाव बना रहे। आखिर योनि आपके शरीर का सर्वाधिक महत्वपूर्ण अंग है।
योनि का स्वास्थ्य बहुत सारे मिथ्क और भ्रामक जानकारियों से घिरा है। यह भी कहा जाता है कि बहुत ज्यादा सेक्स से योनि के कसाव में कमी आती है और यह ढीली हो जाती है वजाइनल इलास्टिसिटी एक ऐसा विषय है जिसके बारे में कोई अधिक खुलकर बात नहीं करता है क्योंकि इस पर बात करना हमारे समाज में स्वकार्य नही है। इसलिए लोगों के मन में इसको लेकर गलत धारणाएं बनी हुई है।
वेजाइना एक इलास्टि क की तरह है जो परिस्थिति के अनुसार अपने आप को फैलाती है और सिकुड़ जाती है। तो सेक्स से योनि के ढीले होने का तो कोई सवाल ही पैदा नही होता।
गर्भावस्था एक चीज है जो योनि के खिंचाव को प्रभावित करती है लेकिन अन्य मासपेशियों की तरह इसका मांसपेशियां खुद को फैलाती और सिकोड़ती है।
उम्र के साथ आपकी योनि का कसाव कम होता है क्योंकि जैसे उम्र बढ़ती है पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां और टेंडन कमजोर हो जाती है जो की योनि के ढीले होने का कारण बनती है।
पेल्विक फ्लोर के कमजोर होने के बाद आपको सेक्स के दौरान पेल्विक पेन, मूत्र रिसाव जैसी चीजें भी अनुभव करनी पड़ती है।
गर्भावस्था के साथ महिलाओं के शरीर में कई बदलाव आते है जिसमें से योनि का ढीला होना भी शामिल है। गर्भावस्था के दौरान आपके शरीर में बच्चे के लिए जगह बनाई जाती है और जन्म के समय भी योनि का मार्ग बच्चे को बाहर लाने के लिए मासपेशिंयों को फैलाता है और जगह बनाता है. जिसके कारण योनि ढीली हो जाती है।
बच्चों का जन्म, कोई चोट, मेनोपॉज, कोई स्वास्थ्य स्थिति भी योनि के ढीले होने का काण बन सकती है।
योनि को टाइट करने के उपाय
वेजाइना को नेचुरली टाइट करने के लिए आप ये एक्सरसाइज ट्राई कर सकती हैं।
पेल्विक फ्लोर गर्भाशय, ब्लेडर, छोटी आंत और मलाशय को सहारा देता है और पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए कीगल एक्सरसाइज काफी मदद करती है।
कीगल एक्सरसाइज की शुरूआत करने के लिए आपको सबसे पहले पेल्विक फ्लोर मसल्स की पहचान करनी होगी। केगल्स में ताकत बनाने के लिए इन मांसपेशियों को ध्यान मे रखकर एक्सरसाइज की जाती है। जो योनि की मांसपेशियों को टाइट करने में सहायता करता है।
कीगल एक्सरसाइज के साथ-साथ स्क्वैट्स करना आपके पेल्विक एरिया को टोन करने और आपकी योनि की मांसपेशियों को टाइट करने में काफी मदद करता है। इसे करने के लिए आपको पैरों को फैलाकर और कूल्हों को बाहर की ओर फैलाकर खड़ा होना है, फिर अपने आप को ऐसे नीचे करें जैसे कि किसी चीज पर बैठे हों।
उठने और बैठने की प्रक्रिया प्रक्रिया को कई बार दोहराएं। यह आपको एक राउंडर बट भी देगा।
योगा पूरे शरीर के स्वस्थ बनाए रखने के लिए काफी जरूरी है लेकिन इससे योनि के स्वास्थ्य को भी ठीक किया जा सकता है। योग आसनों से पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों के संकुचन और विस्तार में मदद मिलती है।
योनि को स्वस्थ रखने के लिए आप तितली आसन, प्रसारित पदोत्तानासन, चक्रासन और सुप्त वज्रासन का अभ्यास कर सकती हैं।
योग मुद्रा जिसमें पेल्विक शामिल होती है, योनि को कसने में भी मदद कर सकती है। योनि को स्वस्थ रखने के लिए आप योग का अभ्यास कर सकती हैं।
आपको पोषक तत्वों से भरपूर और संतुलित आहार का सेवन ही करना है इससे आपकी वेजाइना की मसल्स को मजबूती प्रदान करता है।
फाइबर से भरपूर आहार का सेवन करने से कब्ज की समस्या नही होती है और पेल्विक मसल्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों को सेवन करें ये भी आपके पेल्विक फ्लोर को मजबूती प्रदान करता है। अंतिम और सर्वाधिक कारगर ऑप्सन सर्जरी या मेडिटेटिव मसाज थेरेपी है.

