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*वीमेन’वर्ल्ड : योनि में कसाव लाना चाहती हैं तो जानें जरूरी फैक्ट*

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        ~ रीता चौधरी 

महिलाएं इस बात को लेकर चिंतित रहती हैं कि उनकी वेजाइना लूज हो गई है या हो जाएगी। ज्यादातर महिलाएं इसके लिए विभिन्न प्रकार के एक्सरसाइज करती हैं और क्रीम का इस्तेमाल करती हैं। यहां तक कि कुछ महिलाएं दवाइयां लेना भी शुरू कर देती हैं।

      आपकी वेजाइना की मांसपेशियां प्राकृतिक रूप से बेहद लचीली होती हैं। जरूरत के अनुसार वह स्ट्रेच हो सकती हैं और वापस अपनी शेप में आ सकती हैं। इसके बावजूद कुछ स्थितियाें में वेजाइना के आकार और लचीलेपन में फर्क आता है।

   प्रेगनेंसी, डिलीवरी, अवोर्शन, कईयों से सेक्स, योनि में बाहरी सामान डालना वेजाइनल मसल्स को लूज करते हैं.

   उम्र, हार्मोनल परिवर्तन, मोटापा, कुछ चिकित्सीय स्थितियां और जेनेटिक प्रेडिस्पोजिशन आदि से भी योनि की मांसपेशियों और ऊतकों में खिंचाव आ जाता है और वह ढीली हो जाती है.

   उम्र बढ़ने और हार्मोनल परिवर्तन योनि क्षेत्र में फ्लैक्सिबिलिटी को कम कर सकता है। यह मांसपेशियों को टोन होने में भी रुकावट पैदा कर सकता है।

*सेक्स और वेजाइना का आकार :*

      पेनिट्रेटिव सेक्स का कोई ऐसा निश्चित नंबर नहीं है, जिससे कि वेजाइना की मांसपेशियां स्थाई रूप से ढीली पड़ जाएं।

     सेक्स के दौरान वेजाइना प्राकृतिक रूप से ल्युब्रिकेंट प्रोड्यूस करती है। वहीं वेजाइना की मांसपेशियां फ्लैक्सिबल होती हैं और यह पेनिस और सेक्स टॉय के आकार के अनुसार एक्सपेंड हो जाती हैं।

     सेक्स के बाद वेजाइना वापस अपने असल आकार में लौट आती है। आपको इस अवधारणा पर तवज्जो नहीं देनी चाहिए कि नियमित सेक्स आपकी वेजाइना के शेप और साइज को स्ट्रेच कर सकता है।

*बच्चे के जन्म या अवोर्शन के बाद :*

    वेजाइनल चाइल्ड बर्थ और प्रेगनेंसी योनि की मांसपेशियों में खिंचाव पैदा करती हैं। साथ ही साथ पेल्विक फ्लोर को भी कमजोर कर देती हैं। इसकी वजह से वेजाइना ढीली और स्ट्रेच्ड नजर आती है।

   डिलीवरी के कुछ महीनों के बाद वेजाइना अपने शेप में वापस आ जाती है। हो सकता है कि किसी महिला को शेप रीगेन करने में अधिक समय लगे।

*उम्र बढ़ने से वेजाइनल मसल्स में खिंचाव :*

      बढ़ती उम्र के साथ समग्र शरीर में तमाम बदलाव देखने को मिलते हैं यहां तक कि आप अपनी वेजाइना में भी बदलाव देख सकती हैं। जिस प्रकार शरीर की त्वचा इलास्टिसिटी खोने लगती है, ठीक उसी प्रकार 40 की उम्र के बाद वेजाइना की त्वचा में भी इलास्टिसिटी की कमी आती है।

*प्री-मेनोपॉज की स्थिति :*

   ऐसे में वेजाइनल टिशु काफी ड्राई और पतली हो जाती है, साथ ही पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां भी रिलैक्स हो जाती हैं।

      इसके साथ ही एस्ट्रोजन का गिरता स्तर, वेजाइना की मांसपेशियों में ब्लड सप्लाई की कमी, वेजाइनल टिशू की इलास्टिसिटी को बुरी तरह से प्रभावित करते हैं। वहीं बढ़ती उम्र के साथ कोलेजन की कमी हो जाती है, कोलेजन एक प्रकार का प्रोटीन है जो बॉडी जैसे कि त्वचा, हड्डियों एवं मांसपेशियों के स्ट्रक्चर को बनाए रखता है।

      कोलेजन की कमी भी पेल्विक फ्लोर की कमजोरी का कारण बनती हैं। यह सभी फैक्टर बढ़ती उम्र के साथ आपकी योनि के ढीलेपन का कारण बन सकते हैं।

*आप क्या कर सकती हैं?*

    यदि आपमें से कोई भी महिला लूज वेजाइना को लेकर चिंतित रहती हैं, तो संभावित रूप से आप अपनी वेजाइना में कसाव ला सकती हैं। हर स्थिति में वेजाइना की मांसपेशियां टेंपरेरी बेसिस पर ढीली पड़ती हैं और मेडिटेटिव मसाज मिले तो वे सही हो जाती हैं।

       आप चाहें तो व्यायाम, जिसमें पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को सिकोड़ना और आराम देना शामिल है, योनि की मांसपेशियों को मजबूत और टोन करने में आपकी मदद कर सकता है।

      विशेष उपकरण और उपचार भी हैं, जैसे कि वेजाइनल वेट या लेजर थेरेपी, जो योनि को कसने का दावा करती हैं। परंतु इन्हें आजमाने के पहले एक स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से परामर्श करना बेहद महत्वपूर्ण है, जो मार्गदर्शन प्रदान करें और व्यक्तिगत परिस्थितियों के आधार पर सबसे उपयुक्त विकल्पों की सिफारिश कर सकें।

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