इंदौर
यशवंत क्लब का सालों पुराना नियम इस साल टूटने जा रहा है। दरअसल क्लब के चुनाव इस साल 19 जून यानी महीने के तीसरे रविवार को होने वाले है। यशवंत क्लब नियमों के अनुसार क्लब के चुनाव हर दो साल में जून के आखिरी रविवार को होते है। लेकिन इस बार यह चुनाव 19 जून को होंगे। 19 जून को चुनाव होने के पीछे की वजह मप्र में 25 जून को होने वाले पंचायत चुनाव है।
2 साल में होने वाले क्लब के चुनाव कोरोना संक्रमण के कारण 2020 में नहीं हो सके थे, इसलिए यह चुनाव अब 2024 में किए जा रहे है। 19 जून को होने वाले चुनाव को देखते हुए क्लब के दोनों ही पैनल ने अपने अपने सभी 9 उम्मीदवार मैदान में उतार दिए है। क्लब में लगभग 4 हजार 5 सौ से अधिक मतदाता हैं और औसतन हर चुनाव में 2500 तक वोटिंग होती है।
ओल्ड डेलियंस पर खासा ध्यान
इस बार भी पम्मी और टोनी की पैनल मैदान आमने सामने है। दोनों पैनलों ने उम्मीदवार घोषित करने में वोट बैंक पर खासा ध्यान दिया है। क्लब में ओल्ड डेलियंस के 800 से अधिक वोट हैं, इसी को देखते हुए पम्मी ने 2 ओल्ड डेलियंस को तो टीम सचदेवा ने 3 ओल्ड डेलियंस को मैदान में उतारा है।
2018 में पम्मी 342 मतों से जीते थे।
पम्मी का पलड़ा भारी
ओल्ड डेलियंस के बाद क्लब में सबसे ज्यादा वोट डॉक्टर्स के है। क्लब में 400 से अधिक वोट रखने वाली डॉक्टर लॉबी पर पम्मी ने ध्यान दिया है। पम्मी ने अपनी तरफ से डॉ. मनोज पहाड़िया को कार्यकारिणी से उम्मीदवार बनाया है। इससे पम्मी को फायदा होते दिख रहा है क्योंकि टोनी पैनल ने एक भी डॉ. को प्रत्याशी नहीं बनाया है।
महिला वोट बैंक पर भी ध्यान
चुनाव में महिला वोट बैंक में दबदबा रखने के लिए टोनी पैनल ने सुरभी चौधरी को मैदान में उतारा है, वहीं पम्मी पैनल ने कोई महिला उम्मीदवार नहीं उतारा है। बता दें कि पम्मी ने पहले रिशिका कोठारी को उतारना तय किया था। सूत्रों के अनुसार चुनाव न लड़ने के लिए रिशिका पर काफी दबाव था, जिसके चलते उन्होंने कदम पीछे खींच लिए।
2018 में सुबह 10.30 बजे से मतदान शुरू हो गया था।
यह विवाद हुए थे पिछले चुनाव में-
2018 में बटा था विवादित पर्चा
2018 में यशवंत क्लब चुनाव के ठीक एक दिन पहले उस समय पम्मी पैनल से चुनाव लड़ रही महिला उम्मीदवार सुरभी चौधरी के खिलाफ आपत्तिजनक पर्चे वायरल हुए थे। जिसे लेकर विवाद की स्थिति बनी थी ओर महिला सदस्य क्लब के चेयरमैन पम्मी छाबड़ा व अन्य के साथ एडीजी, फिर डीआईजी और एसपी मुख्यालय पहुंचे थे। बता दें कि सुरभी इस बार टोनी पेनल से जॉइंट सेक्रेटरी का चुनाव लड़ रही है।
चुनाव के दिन सुबह से थी गहमागहमी
2018 में सुबह 10.30 बजे से मतदान शुरू हो गया था। चेयरमैन पद के उम्मीदवार पम्मी का विरोधी पैनल के उम्मीदवार से हलका विवाद हो गया था। जिसके बाद तुकोगंज पुलिस को सूचना दी गई। बाद में वहां पुलिस तैनात कर दी गई। यहां बार- बार नारे लगाए जाने से दोनों पैनल के बीच में नोकझोंक भी होती रही।
यशवंत क्लब में शहर के हर वर्ग के प्रतिष्ठी लोग जुड़े हुए है।
चुनाव में पार्टियों पर होते है करोड़ों रुपए खर्च
हर बार क्लब के चुनाव शहर में चर्चा का विषय रहते है। क्लब के चुनाव के लिए महंगी होटलों में होने वाली पार्टियों का सिलसिला करीब एक माह तक चलता हैं। इन पार्टियों के कारण ही चुनाव में करोड़ों रुपये खर्च हो जाते है। कई बार इन पार्टियों पर रोक लगाने की मांग भी की जा चुकी है।
पिछले चार चुनावों की स्थिति
2018 : चार हजार में से 2371 सदस्यों ने वोट डाले। पम्मी छाबड़ा ने 1346 मत हासिल किए, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी संतोष वागले को 1004 मत मिले।
2016 : चार हजार सदस्यों में से 2437 सदस्यों ने मतदान किया। इनमें 1283 वोट टोनी सचदेवा को मिले, जबकि परमजीत सिंह छाबड़ा को 1157 वोट मिले।
2014 : चार हजार सदस्यों में से 2205 ने वोट डाले। इसमें टोनी सचदेवा को 1153 और उनके प्रतिद्वंद्वी डॉ. अनिल विजयवर्गीय को 1038 वोट मिले।
2012 : इस चुनाव में पम्मी छाबड़ा ने भोलू मेहता को 262 वोट से हराया। छाबड़ा को 1180 वोट मिले थे। इस दौरान क्लब में 3873 सदस्य थे। इनमें से 2108 सदस्यों ने वोट डाले।
पम्मी के पैनल के उम्मीदवार वरिष्ठ सीटी इंजीनियर अतुल सेठ।
| यह पैनल हैं आमने- सामने |
| पद | पम्मी छाबड़ा पैनल | टोनी सचदेवा पैनल |
| चेयरमैन | पम्मी छाबड़ा | टोनी सचदेवा |
| सेक्रेटरी | सुदीप भंडारी | संजय गोरानी |
| ट्रैजरर | विजय कस्तूरी | आदित्य उपाध्याय |
| जॉइंट सेक्रेटरी | अतुल सेठ | सुरभी मनोचा चौधरी |
| कमेटी मेंबर | अनिमेश सोनी, नितेश गुप्ता,शिखर वर्मा, मनीष महासे, डॉ. मनोज पहाड़िया। | रुपल पारिख, विपिन कोलवाल,नितेश दानी, संदीप जैन, शैलेंद्र खरे। |

