मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में आंधी, पानी और ओले से फसल बर्बाद होने के कारण बुधवार सुबह 30 साल के एक किसान ने सुसाइड कर लिया. किसान का शव खेत में फांसी के फंदे पर लटका मिला. फांसी लगाने से पहले किसान ने खराब फसल के वीडियो के साथ, “तड़प-तड़प के इस दिल से आह निकलती रही, मुझको सजा दी प्यार की, ऐसा क्या गुनाह किया” गाने का वॉट्सएप स्टेटस लगाया था. पुलिस के अनुसार, मृत किसान का नाम पंकज मालवीय था. वह तराना तहसील के खेड़ा जामुनिया गांव का रहने वाला था. पंकज ने करीब छह बीघा जमीन पर गेहूं की फसल लगाई थी, जो बारिश में बर्बाद हो गई. फसल खराब होने से पंकज काफी परेशान था. वह मंगलवार रात घर नहीं लौटा. सुबह जब परिवार के लोग खेत पहुंचे तो उसका शव मिला. पंकज के परिवार में मां, पत्नी, दो छोटे बच्चे हैं. पिता की मौत हो चुकी थी. वह घर में अकेला कमाने वाला था.
उज्जैन के तराना में एक किसान ने फसल मावठे खराब होने पर आत्म हत्या कर ली। उज्जैन में मंगलवार को तेज आंधी, पानी और ओले से फसल बर्बाद होने के कारण 30 साल के किसान ने आत्महत्या कर ली । उनका शव खेत में फांसी के फंदे पर मिला। फांसी लगाने से पहले किसान ने खराब फसल के वीडियो के साथ तड़प-तड़प के इस दिल से आह निकलती रही, मुझको सजा दी प्यार की, ऐसा क्या गुनाह किया… गाने का वॉट्सएप स्टेटस लगाया था। उज्जैन के तराना विधानसभा के गांव खेड़ा जामुनिया गांव में रहने वाले मृत किसान का नाम पंकज मालवीय था। उन्होंने करीब 6 बीघा जमीन पर गेहूं की फसल लगाई थी, जो नष्ट हो गई। फसल खराब होने से पंकज काफी परेशान थे। वे मंगलवार रात घर नहीं लौटा। सुबह जब परिवार के लोग खेत पहुंचे तो उसका शव मिला। पंकज के परिवार में मां, पत्नी, दो छोटे बच्चे 8 वर्षीय बेटा और 5 वर्षीय बेटी है। उसकी दो बहनो में से एक की अप्रैल में शादी होने वाली है। पंकज के पिता की मौत पहले ही हो चुकी है। वह घर में अकेला कमाने वाला था। फसल खराब होने और बहन की शादी की चिंता को लेकर उसने आत्महत्या की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है।
जानकारी के अनुसार, शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर तराना तहसील के ग्राम खेड़ा जामुनिया में रहने वाले किसान पंकज मालवीय (30) ने अपने छह बीघा खेत में गेहूं की फसल बोई थी. मंगलवार शाम को आंधी के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि से पूरी फसल खराब हो गई. इससे आहत होकर पंकज रात को घर नहीं गया. बुधवार सुबह जब परिजन खेत पर पहुंचे तो वह फांसी के फंदे पर लटका मिला. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी. प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने की बात कही है.
पिता की पहले ही हो चुकी है मौत
बताया गया कि पंकज के दो बच्चे हैं, एक आठ साल का बेटा और पांच साल की बेटी. उसकी दो बहनें हैं, जबकि पिता की पहले ही मौत हो चुकी है. पंकज ही घर का अकेला कमाने वाला था. फसल चौपट होने से वह गहरे तनाव में था. उसने मरने से पहले दर्दभरे गीत ‘ऐसा क्या गुनाह किया…’ पर अपनी खराब फसलों का वीडियो स्टेटस पर लगाया था.
बहन की शादी को लेकर था चिंतित
रिश्तेदार ईश्वर लाल परमार ने बताया कि दो दिन पहले पंकज की बहन की सगाई हुई थी. अप्रैल में शादी होनी है. ओलावृष्टि के बाद शाम करीब सात बजे पंकज ने फोन कर बहनों की शादी को लेकर चिंता जाहिर की थी. उसने कहा था कि फसल बर्बाद हो गई है, अब शादी कैसे होगी. समझाने के बावजूद उसने यह कदम उठा लिया.
विधायक ने की 50 लाख के मुआवजे की मांग
किसान की मौत के बाद विधायक महेश परमार परिजनों को सांत्वना देने उसके घर पहुंचे. इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि फसल बर्बाद होने के चलते किसान ने आत्महत्या की है. उन्होंने कहा कि किसान के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय का घेराव करेंगे. जिससे परिवार की आर्थिक मदद हो सके.





