अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

 बांग्लादेश में चुनाव आज,मुख्य मुकाबला बीएनपी और जमात के बीच

Share

 बांग्लादेश में आज (12 फरवरी 2026) अपने राजनीतिक इतिहास के सबसे निर्णायक चुनावों में से एक की ओर बढ़ रहा है. यह 13वां राष्ट्रीय संसदीय चुनाव है. जो ऐसे समय हो रहे हैं जब अगस्त 2024 में छात्रों के आंदोलन ने तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की 15 साल पुरानी सरकार को सत्ता से हटा दिया था. इसके बाद मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी थी. इस बार का चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का सवाल नहीं है, बल्कि देश की संवैधानिक संरचना में बड़े बदलावों पर भी मुहर लगने वाली है. संसदीय मतदान के साथ-साथ 84 बिंदुओं वाले सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह भी कराया जा रहा है.

कब से शुरू होगा मतदान?

मतदान स्थानीय समयानुसार सुबह 7:30 बजे से शुरू होकर शाम 4:30 बजे तक चलेगा. देश की 299 संसदीय सीटों पर वोट डाले जाएंगे. एक सीट (Sherpur-3) पर जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार की मृत्यु के कारण मतदान स्थगित कर दिया गया है. कुल 50 राजनीतिक दल चुनाव मैदान में हैं. 1,755 उम्मीदवार राजनीतिक दलों की ओर से और 273 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं. करीब 12.7 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.

दो बड़े फैसलों पर होगी वोटिंग

इस बार चुनाव सिर्फ संसद के गठन तक सीमित नहीं है. इसके साथ एक जनमत संग्रह भी कराया जा रहा है, जिसमें 84 बिंदुओं वाले सुधार पैकेज पर जनता की राय ली जा रही है. प्रस्तावित सुधारों में प्रधानमंत्री के लिए दो कार्यकाल की सीमा, निष्पक्ष केयरटेकर सरकार प्रणाली की बहाली और संसद में एक ऊपरी सदन के गठन जैसे बड़े बदलाव शामिल हैं. समर्थकों का कहना है कि इससे लोकतांत्रिक संतुलन मजबूत होगा, जबकि आलोचक मानते हैं कि लागू करने के तरीके पर सब कुछ निर्भर करेगा. सफेद बैलेट अपने संसदीय प्रतिनिधि के चुनाव के लिए होगा. गुलाबी बैलेट ‘जुलाई नेशनल चार्टर’ पर जनमत संग्रह के लिए.

शेख हसीना की पार्टी सत्ता से गायब

इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि दशकों से राजनीति के केंद्र में रही आवामी लीग इस बार मैदान में नहीं है. उसका पंजीकरण निलंबित होने के कारण मुकाबला मुख्य रूप से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच माना जा रहा है. बीएनपी प्रमुख तारीक रहमान, जो 17 साल के आत्मनिर्वासन के बाद देश लौटे हैं, चुनाव में मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. उन्होंने रोजगार सृजन, कानून-व्यवस्था की बहाली और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रमुख मुद्दा बनाया है.

वोटिंग से पहले मिले कैश

Bangladesh Mein Chunav: चुनाव से ठीक पहले बांग्लादेश के अलग-अलग जिलों में नकदी बरामद होने, मतदान केंद्रों में घुसपैठ और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के बीच कम से कम 21 लोगों को हिरासत में लिया गया या जेल भेजा गया. रिपोर्ट के मुताबिक जिन लोगों को पकड़ा गया और बाद में छोड़ा गया, उनमें ठाकुरगांव जिले के जमात-ए-इस्लामी के नेता बेलाल उद्दीन प्रधान और बीएनपी उम्मीदवार शाहिद उद्दीन चौधरी अनी के करीबी सहयोगी बदरुल आलम श्यामल भी शामिल थे. इन घटनाओं ने चुनाव से पहले माहौल को और संवेदनशील बना दिया है और प्रशासन की सतर्कता बढ़ा दी गई है.

महिलाओं और युवाओं की अहम भूमिका

Bangladesh Chunav Live: इस चुनाव में युवाओं की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है. करीब 44 प्रतिशत मतदाता 18 से 37 वर्ष आयु वर्ग के हैं. 2024 के आंदोलन में यही युवा सबसे आगे थे और अब वे पहली बार बड़े पैमाने पर वोट डाल रहे हैं. महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार उनके प्रमुख मुद्दे हैं. महिला मतदाताओं की संख्या भी उल्लेखनीय है. कुल मतदाताओं में 6 करोड़ से अधिक महिलाएं शामिल हैं और लगभग 27 लाख महिलाएं पहली बार मतदान कर रही हैं.

9 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात

चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. करीब नौ लाख से अधिक सुरक्षा कर्मियों को देशभर में तैनात किया गया है. सेना, पुलिस, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश, रैपिड एक्शन बटालियन और अन्य एजेंसियां निगरानी में लगी हैं. 42 हजार से अधिक मतदान केंद्रों में से अधिकांश पर सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है और ड्रोन के जरिए भी नजर रखी जा रही है. 45 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के पर्यवेक्षक चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखे हुए हैं.

Ramswaroop Mantri

Add comment

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें