डॉ. प्रिया मानवी
_जोड़ों में दर्द होना पहले बुजुर्गों की समस्या थी लेकिन आजकल यह हर उम्र के लोगों में होने लगी है। इसके कई कारण हो सकते हैं। यहां जानें ऐसे 5 फूड जिनके सेवन से जोड़ों को मजबूत बनाया जा सकता है।_
अगर आपके जोड़ों से हमेशा कट-कट की आवाज आती है या दर्द रहता है, तो इसका मतलब है कि आप जोड़ों से जुड़ी किसी बीमारी से जूझ रहे हैं।
_जोड़ों में दर्द होना पहले बुजुर्गों की समस्या थी लेकिन आजकल युवा और बच्चे भी जोड़ों और हड्डियों की समस्याओं से जूझ रहे हैं। खराब खान-पान और सुस्त जीवनशैली इसका सबसे बड़ा कारण हैं।_
जोड़ों के स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देने से ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटाइड गठिया, गठिया और बर्साइटिस जैसे जोड़ों के विकार हो सकते हैं।
अगर बात करें जोड़ों के रोगों के लक्षणों की तो इनमें दर्द, कठोरता, कोमलता, लचीलापन, सनसनी और सूजन आदि शामिल हैं। इस तरह के लक्षण दिखने पर आपको तुरंत अपनी डाइट में बदलाव कर देने चाहिए।
इन 5 तरह की खाने-पीने की चीजों के सेवन से जोड़ों को स्वस्थ और मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है :
बायोफ्लेवोनोइड्स वाले फुड्स :
ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी, चेरी, दालचीनी, अकाई, लाल गोभी और प्याज जैसी चीजों में बायोफ्लेवोनोइड्स तत्व एंथोसायनिडिन होते हैं.
ये कोलेजन और फाइबर को जोड़कर ऊतक को मजबूत करने में मदद करते हैं।
कैल्शियम वाली चीजें :
जोड़ों को मजबूत बनाने के लिए आपको कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, सिलिकॉन और सल्फर जैसे तत्वों से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए।
इसके लिए डेयरी उत्पाद और फल-सब्जियों का सेवन कर सकते हैं।
कॉपर से भरपूर खाद्य पदार्थ :
कोलेजन बढ़ाने के लिए आपको एवोकैडो, कोको, काजू और अन्य कॉपर से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए।
इन चीजों के सेवन से जोड़ों में मजबूती आती है।
सल्फेट वाले खाद्य :
ब्रोकली, फूलगोभी, पत्तागोभी और अन्य सल्फेट युक्त सब्जियां चोंड्रोइटिन के साथ मिलकर कार्टिलेज बनाती हैं।
इनके नियमित सेवन से आपको जोड़ों और हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।
जिंक युक्त फुड्स :
जोड़ों को मजबूत बनाने और हड्डियों की समस्यायों को सुलझाने के लिए आपको कद्दू के बीज जैसी जिंक से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए।
यह ऊतक के उत्पादन के लिए आवश्यक है।
नोट : जोड़ो में दर्द, बैक पैन, सर्वाइकल जैसी समस्याओं के नि:शुल्क स्थायी समाधान के लिए हमसे संपर्क किया जा सकता है.
(चेतना विकास मिशन)

