इंदौर
15 साल की बेटी का अपहरण हुआ था। उसे इंदौर ले गए। छुड़ाने पहुंचे मामा के साथ मारपीट की, कार जला दी। किसी तरह बेटी को छुड़ा पाए। पुलिस पहले एफआईआर को तैयार नहीं हुई। डीआईजी से गुहार लगाई तब सिर्फ आगजनी की रिपोर्ट लिखी।
कोर्ट के आदेश पर अपहरण का केस तो दर्ज हुआ, लेकिन पुलिस का रवैया नहीं बदला। 29 दिन हो गए हैं, आरोपी भाजपा नेता गोलू शुक्ला का कर्मचारी है, उन्हीं के बाड़े में रहता है, बावजूद इसके पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई है। यह पीड़ा है उज्जैन की एक महिला की, जो अपनी नाबालिग बेटी को न्याय दिलाने दफ्तरों के चक्कर लगा रही है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
पुलिस का कारनामा: डीआईजी के निर्देश पर सिर्फ आगजनी का केस, कोर्ट के आदेश पर जोड़ी अपहरण की धारा, मेडिकल तक नहीं कराया
- 13 जनवरी को उज्जैन से नाबालिग को आरोपी बादल चुड़िया और प्रफुल्ल इंदौर लाए। उसे शुक्ला के बाड़े में रखा।
- लड़की के मामा और अन्य रिश्तेदार कार से गोलू शुक्ला के बाड़े पहुंचे।
- बादल, प्रफुल्ल ने कहा- लड़की यहां नहीं है, तभी भीतर से लड़की की आवाज आई।
- मामा और रिश्तेदार ने बच्ची को निकालना चाहा तो आरोपियों ने हमला कर दिया। कार में आग लगा दी। जैसे-तैसे लड़की को छुड़ा लाए।
- फरियादी बाणगंगा थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने टाल दिया। उज्जैन पुलिस ने भी नहीं सुनी।
- पीड़ित इंदौर डीआईजी से मिले उसके बाद 16 जनवरी को बाणगंगा थाने में केस दर्ज हुआ पर मेडिकल नहीं कराया। नाबालिग के बयान पर कोर्ट ने अपहरण की धारा बढ़ाने को कहा।
- 8 फरवरी को परिजन फिर डीआईजी के पास पहुंचे, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
मुझे नहीं पता यह किसका मामला है
बाड़े में किराए से 450 लोग रहते हैं। ये किसका मामला है, मुझे नहीं मालूम। केस से मेरा लेना-देना नहीं है।
-गोलू शुक्ला, भाजपा नेता
तीन बार दबिश दी नहीं मिले आरोपी
तीन बार दबिश दी। आरोपी नहीं मिले। हम पर किसी नेता का दबाव नहीं है।
-राजेंद्र सोनी, टीआई





