पुलिस कर्मचारियों में दिनों दिन बढ़ रही अनुशासनहीनता और मनमानी*
इन्दोर पुलिस विभाग पर देशवासियों की सुरक्षा का जिम्मा होने के नाते इनसे अनुशासित और कर्तव्य परायण होने की अपेक्षा की जाती है परंतु आज देश मे अनेक पुलिस कर्मचारी अपने आदर्शों से भटक कर नशाखोरी,लूटमार बलात्कार व रिश्वतख़ोरी जैसे अपराधो में संलिप्त पाए जा रहे है इसका ताज़ा उदाहरण स्मार्ट सिटी कहे जाने वाले इन्दोर में देखने को मिला एरोड्रम थाना क्षेत्र में दो दिन पूर्व कुछ लोगो से अवैध वसूली करने के मामले में निलंबित हुए तीन आरक्षकों के मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए गए मामला अवैध शराब से जुड़ा हुआ है जिसके लेनदेन के मामले में सिपाहियों पर गाज गिरी है इस मामले में क्राइम ब्रांच में पदस्थ राजेश डिडवानिया, विक्रम चक्रवर्ती,चंदन नगर, अखिलेश मंडलोई थाना सदर बाजार के नाम सामने आए है इस मामले को जमाने मे सदर बाजार थाना क्षेत्र के जूना रिसाला में रहने वाले मुखबिर की भूमिका भी संदिग्ध है वही एस.पी ने सदर बाजार थाने में पदस्थ आरक्षक लक्की चौधरी, कमल बिछाड़े के खिलाफ कार्यवाही के आदेश दिए गए है इन आरक्षकों ने विनोबा नगर में रहने वाले प्रतीक बघारे, का पीछा कर उसे तुकोगंज थाना क्षेत्र में पकड़कर दबाव बनाया और उसे धमकाया की तू अवैध शराब का व्यवसाय करता है तुझे अवैध शराब के केस में जेल भिजवा देंगे उसे धमकाते हुए उससे करीब एक लाख रुपये नकद ले लिए इस अवैध वसूली के घटनाक्रम की शिकायत प्रतीक ने तुकोगंज थाना प्रभारी को की जिसके बाद सिपाहियों के कारनामे का खुलासा हुआ जिसके बाद उच्च अधिकारियो ने मामले की जांच के आदेश दिए गए है ।दोषी पाए जाने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी गौरतलब है कि दो दिन पूर्व एरोड्रम थाना क्षेत्र शराब के अड्डे से अवैध वसूली के मामले में जिन सिपाहियों पर गाज गिरी उसमे तीन जवानों के नाम सामने आए है जिसमे अखिलेश मंडलोई सदर बाजार थाने का जवान है वही राजेश डिडवानिया भी एक माह पहले ही सदर बाजार थाने से क्राइम ब्रांच पदस्थ हुआ था वहीं दूसरे मामले पर नज़र डालें तो उसमें में भी सदर बाजार थाने के जवानों के नाम सामने आए है आरक्षक लक्की चौधरी, आरक्षक कमल बिछाड़े अवैध वसूली के दोनों मामले के तार सदर बाजार थाना क्षेत्र के मुखबिर से जुड़े है विश्वसनीय सूत्र इस पूरे मामले को जूना रिसाला में रहने वाले सदर बाजार पुलिस के मुखबिर ने जमाया था लेकिन फरियादी प्रतीक ने पूरा रायता ढोल दिया सदर बाजार थाने पर बिचौलियों की भीड़ लगे रहती है जो सब काम का खुद ठेका लेकर ग्यारेन्टी से काम निपटा देते है वही क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर भी आम तौर पर थाने में घूमते दिखाई देते है जिस मुखबिर के कहने में सदर बाजार थाने के जवानों ने अवैध वसूली जैसे घटनाक्रम को अंजाम दिया था वो भी अक्सर सदर बाजार थाने में घूमता नज़र आता है सूत्रों की माने तो सदर बाजार के कथित पुलिसकर्मी *थाना प्रभारी अजय वर्मा के नक्शे कदम पर चल रहे है ? थाना प्रभारी की लापरवाह कार्यप्रणाली का जवानों के विवेक पर हो रहा असर कर रहे अनैतिक कार्य। थाना तो दलाल व बिचोलिये चला रहे है थाना क्षेत्र में होने वाले मोहल्ले के आपसी झगड़े हो या कोई गंभीर अपराध सब काम क्षेत्र के कुछ छुटभैय्ये नेता अपने हिसाब से निपटा देते है किस पर कार्यवाही होगी और किस मामले में राजीनामा होगा अधिकतर थाने पर आने वाले मामलों में क्षेत्र के छुटभैय्ये नेताओ का हस्तक्षेप रहता है थाना प्रभारी के कक्ष में छुटभैय्ये नेताओ का बेख़ौफ़ आना जाना लगा रहता है अधिकतर मामलों में बिचोलिये थाने पर दोनों पक्ष पर दबाव बनाकर राजीनामा करवा देते है और उसके एवज में दोनों पार्टियों से खुद की जेब भी गरम कर लेते है। थाना प्रभारी अजय वर्मा क्षेत्र में छुटभैय्ये नेताओ से इतने ज्यादा घुले मिले हुए है कि कोई भी छुटभैय्या नेता उठ कर थाने पर किसी भी मामले में हस्तक्षेप करने पोहच जाता है और अपनी तिकड़म बिठा कर किसी भी मामले को रफा दफा करवा देता है अभी कुछ दिनों में सदर बाजार के जवानों ने दो कारनामे कर दिखाए जिससे पुलिस की क्षवि धूमिल हुई है *पुलिसकर्मियों में अनुशासनहीनता इतनी क्यों बढ़ रही है?*
*क्या थाना प्रभारी द्वारा जवानों की सही मॉनिटरिंग की जा रही थी?*
*किसके नक्शे कदम पर चल रहे कथित पुलिसकर्मी?*
*अनुशासनहीन पुलिसकर्मियों पर तो हो रही कार्यवाही*
*थाने पर पुलिसकर्मियों को अनुशासन में रखने की जिम्मेदारी थाना प्रभारी की होती है*
*क्या लापरवाह थाना प्रभारी पर होगी कोई कार्यवाही?*
इन्दोर पुलिस के आला अधिकारियों ने पहले भी शहर के सम्पूर्ण थाना प्रभारियों को सख्त लहजे में कहा गया था कि जवान अगर अनैतिक कार्यो में लिप्त पाए जायेगे और किसी भी तरह की गड़बड़ी करेंगे तो उसका खामयाजा थाना प्रभारियों को भुगतना पड़ेगा लेकिन जिस तरह के पुलिसकर्मियों के अनैतिक कार्यो के मामले सामने आ रहे है उससे साफ जाहिर होता है कि शहर के थाना प्रभारियों में आला अधिकारियों का कोई खोफ नही है





