भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट बैठक के बाद काेरोना को लेकर अफसरों की आपात बैठक बुलाई थी। जिसमें सांसद- विधायक निधि के उपयोग हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर में करने पर चर्चा की गई। इस दौरान सिर्फ सघन आबादी वाले शहरी इलाकों में लंबा लॉकडाउन लगाने पर विचार किया गया। प्रदेश में सिर्फ सघन आबादी क्षेत्र में अधिक दिन तक लॉकडाउन की व्यवस्था कोलार क्षेत्र भोपाल से प्रारंभ की गई है।
बेठक में प्रदेश के शेष नगरीय क्षेत्रों में शनिवार और रविवार को लॉक डाउन रखने पर सहमति हुई है। सभी शहरों में कोरोना कर्फ्यू की अवधि शुक्रवार की शाम 6 बजे से सोमवार की सुबह 6 बजे तक रखी गई है। यही व्यवस्था जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के स्थान पर कोरोना कर्फ्यू शब्द का प्रयोग किया जाए। इससे लोगों में कोरोना के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि कोरोना नियंत्रण के लिये छोटे-छोटे कंटेनमेंट जोन बनाए जाए। जिलों की स्थिति अनुसार बड़े कंटेनमेंट जोन भी बनाए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश की जनता की स्वास्थ्य रक्षा सरकार का दायित्व है। कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण और संक्रमित नागरिकों के बेहतर से बेहतर उपचार का कार्य सुनिश्चित किया जा रहा है। ऑक्सीजन की कमी या अन्य अफवाहों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रतिदिन प्रदेश में उपलब्ध बिस्तर क्षमता और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी प्रदान करे। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान और अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन द्वारा कोरोना नियंत्रण की व्यवस्थाओं के लिए राशि की कोई कमी आड़े नहीं आएगी। अनेक विधायक एवं सांसद अपनी निधि से भी हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए सहमत हैं। इस संबंध में विचार विमर्श कर निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री के अफसरों को निर्देश
- – कोविड केयर सेंटर अधिक सक्षम बनाए जाएं। इनमें आइसोलेशन की व्यवस्था के साथ ही ऑक्सीजन और अन्य मेडिकल व्यवस्थाएं भी हो।
- – प्रदेश में पंजीकृत 82 हजार वालेंटियर्स को दायित्व दिया जाए। वालेंटियर्स मास्क उपयोग जागरूकता, रोको टोको जैसे कार्य करें। विशेष ऐप निर्मित कर व्यवस्थाओं को रिव्यू किया जाए।
- – पुलिस प्रशासन, जन अभियान परिषद और अन्य संगठन समन्वय का कार्य करें। वालेंटियर जनता और सरकार के बीच सेतु हैं। इनकी महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित की जाए।





