इंदौर इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने कोरोना के कारण शहर के हालात को देखते हुए पांच दिन का कोरोना कर्फ्यू और बढ़ा दिया है। पिछले पांच दिनों की तरह ही सख्ती और छूट रहेगी। इसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। कर्फ्यू को आगे बढ़ाते हुए कलेक्टर ने कहा कि अस्पतालों में प्रदेशभर के मरीजों का प्रेशर है। आईसीयू और एचडीयू बेड की स्थिति को देखते हुए अभी कोरोना कर्फ्यू को आगे बढ़ाया जाना अनिवार्य और उचित है। जो एक्टिविटी हमने बंद की हैं, उस कारण संक्रमण दर स्थिर हुआ है। केस आ रहे हैं कि ज्यादा जंप नहीं ले रहा है। सोमवार से लेकर शुक्रवार तक 5 दिन इन्हीं परिस्थितियों के साथ एक आदेश जारी करेंगे। अभी 23 अप्रैल तक इसे बढ़ाया जा रहा है। क्राइसिस मैनेजमेंट के सदस्य भी यानी शनिवार और रविवार को मिलाकर यह अब कर्फ्यू 26 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक रहेगा।
इंदौर में शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने वाले वाहनों की अवैध वसूली पर कलेक्टर मनीष सिंह ने सख्ती की है। अब शहर में बॉडी लेकर जाने के लिए सिर्फ 400 रुपए लगेंगे। इसके अलावा कोविड बॉडी को पैक करने और शिफ्ट करने के 200 रुपए अलग से देने होंगे। यदि इससे ज्यादा किसी ने राशि वसूली तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। शहर के बाहर बॉडी लेकर जाने पर किलोमीटर के हिसाब से रुपए देने होंगे। कलेक्टर ने इस संबंध में शनिवार को वाहन चालकों के साथ बैठक भी की।
शहर में लगातार शिकायत मिल रही थी, बॉडी को लेकर जाने के लिए वाहन चालक मनमाने रुपए वसूल रहे हैं। कई तो 3 हजार रुपए तक ले रहे हैं। इसके बाद कलेक्टर ने इन पर नकेल कसते हुए कोविड और नॉन कोविड शव को इंदौर लोकल में ले जाने के रेट तय कर दिए।
कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा, शव वाहनों को लेकर मनमाने रेट वसूलने का मामला सामने आया था। उसे लेकर सभी के मन में पीड़ा थी। यदि कोई पुराना संगठन रहता है, उसमें काफी पहले से लोग जमे रहते हैं, तो वास्तविक तौर पर एक गिरोह टाइप का काम करने लगता है। कुछ लोग ऐसे वक्त का नाजायज फायदा उठाते हैं। एमवाय हॉस्पिटल के अधीक्षक से बात करके शव वाहन वालों की बैठक ली है। उन्हीं से हमने पूछा, आप लोग शव लाने- ले जाने का क्या चार्ज करते हैं।
उनसे बात करने के बाद कोविड और नाॅन कोविड बॉडी को लाने- ले जाने का चार्ज अब 400 रुपए रहेगा। यह रेट फिक्स है। यदि कोविड बॉडी है, तो उसकी पैकिंग, उठाने और शिफ्टिंग के लिए अलग से 200 रुपए देने होंगे। यह व्यवस्था ट्रांसपोर्ट वाले ही करेंगे। शहर के अलावा जिले के लिए भी रेट फिक्स कर दिए गए हैं। यदि ये शहर के बाहर बॉडी लेकर जा हैं, तो किलोमीटर के हिसाब से रुपए देने होंगे।





