*खरीदार, बेचवाल, वकील और अफसर सभी की परेशानी बड़ी*
इंदौर । शासन ने बगैर सोचे समझे संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए संपदा-2 सॉफ्टवेयर लागू तो कर दिया, लेकिन उसने खरीदार बेजवाल वकील और शासन सभी की परेशानी बढ़ा दी है। इससे पहले होने वाली रजिस्ट्री के मुकाबले अब 20% रजिस्ट्री भी प्रतिदिन नहीं हो पा रही है । जिससे शासन का राजस्व लगातार घट रहा है।

लोहिया विचार मंच मध्यप्रदेश के अध्यक्ष रामबाबू अग्रवाल एवं समाजवादी पार्टी के प्नेरदेश महासचिव रामस्वरूप मंत्री ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि संपदा-2 सॉफ्टवेयर लॉन्च करते समय दावा किया गया था कि बगैर परेशानी के घर बैठे रजिस्ट्री होगी, लेकिन अब यही सॉफ्टवेयर परेशानी का सबब बन गया है ।
थम्ब, आई इंप्रेशन नहीं मिलने की वजह से कई सौदे खटाई में पढ़ने की स्थिति में आ गए हैं । कई खरीददार बेचवाल 10-10 दिन से रजिस्टार कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं । विभाग के अफसर को भी कई बार परेशानी से अवगत कराया गया, लेकिन वे भी स्थिति में कोई सुधार नहीं ला पाए ।
श्री अग्रवाल एवं मंत्री ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि या तो स्थिति में सधार करें या फिर रजिस्ट्री की पुरानी व्यवस्था लागू की जाए।





