अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

*वक्फ इस्लाम का जरूरी हिस्सा नहीं… केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से ऐसा क्यों कहा?*

Share

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में वक्फ पर बहस के दौरान एक अहम बात कही। सरकार ने कहा कि वक्फ, जो कि एक इस्लामिक अवधारणा है, इस्लाम का जरूरी हिस्सा नहीं है। इसलिए इसे संविधान के तहत मौलिक अधिकार के तौर पर नहीं माना जा सकता। सरकार वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं के जवाब में यह बात कह रही है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि जब तक यह साबित नहीं हो जाता कि वक्फ इस्लाम का जरूरी हिस्सा है, तब तक बाकी तर्क बेकार हैं।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, जो केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वक्फ को मौलिक अधिकार नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि जब तक यह साबित नहीं हो जाता कि वक्फ इस्लाम का एक जरूरी हिस्सा है, तब तक इस पर कोई दावा नहीं किया जा सकता। लाइव लॉ के अनुसार, मेहता ने कहा, ‘वक्फ एक इस्लामिक अवधारणा है, इस पर कोई विवाद नहीं है, लेकिन जब तक यह नहीं दिखाया जाता कि वक्फ इस्लाम का एक अनिवार्य हिस्सा है, तब तक बाकी सभी तर्क बेकार हैं।’

मेहता ने अधिनियम का बचाव करते हुए अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को सरकारी जमीन पर दावा करने का अधिकार नहीं है। भले ही उसे ‘वक्फ बाय यूजर’ सिद्धांत के तहत वक्फ के रूप में कैटगराइज किया गया हो। ‘वक्फ बाय यूजर’ का मतलब है कि अगर कोई जमीन लंबे समय से धार्मिक या दान के काम के लिए इस्तेमाल हो रही है, तो उसे वक्फ घोषित कर दिया जाता है। मेहता ने साफ कहा, ‘किसी को भी सरकारी जमीन पर अधिकार नहीं है।’

उन्होंने एक पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अगर कोई संपत्ति सरकार की है और उसे वक्फ घोषित कर दिया गया है, तो सरकार उसे बचा सकती है। सॉलिसिटर जनरल ने आगे कहा, ‘वक्फ बाय यूजर मौलिक अधिकार नहीं है, इसे कानून द्वारा मान्यता दी गई थी। फैसले में कहा गया है कि अगर कोई अधिकार विधायी नीति के रूप में दिया गया है, तो उस अधिकार को हमेशा वापस लिया जा सकता है।’

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें