दिल्ली में आज 12 वार्ड समितियों के चुनाव
तीनों पार्टियां अपने पार्षदों को एकजुट रखने के साथ विरोधी खेमे के पार्षदों को अपने खेमे में लाने की कोशिशों में भी जुटी हैं।
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अमेरिका के माल में आंतकी हमला
अमेरिका के मॉल में आतंकी हमला; कई लोगों के हताहत होने की खबर; FBI चीफ बोले- जांच जारी
अमेरिका के कोलोराडो में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा के मद्देनज़र ब्रॉडवे से पश्चिम, पाइन स्ट्रीट से उत्तर, 16वीं स्ट्रीट से पूर्व और वॉलनट स्ट्रीट से दक्षिण तक का पूरा इलाका क्षेत्र खाली करा लिया गया है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक एक हमलावर ने बोल्डर के पर्ल स्ट्रीट मॉल में वारदात को अंजाम दिया। इस लक्षित आतंकी हमले में कई लोग घायल हुए हैं। स्थानीय समय के मुताबिक रविवार को एक मॉल में हुए इस हमले में कुछ लोग झुलस भी गए हैं। कोलोराडो के गवर्नर जैरड पोलिस ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि नफरत से भरा कोई भी कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका
समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक एफबीआई ने बताया कि कोलोराडो लक्षित आतंकी हमले के संदिग्ध शख्स ने ‘फ्री फलस्तीन’ जैसे नारे लगाए। उसने अस्थायी आग फेंकने वाले हथियार (makeshift flamethrower) का इस्तेमाल किया, जिससे छह लोग घायल हो गए। हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
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रूस के सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, ‘आज एक शानदार अभियान चलाया गया — दुश्मन की ज़मीन पर, केवल सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। विशेष रूप से उन उपकरणों को निशाना बनाया गया जिनका इस्तेमाल कर यूक्रेन पर हमला किया गया।
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Russia-Ukraine War: ‘दुश्मन देश में शानदार ऑपरेशन, केवल सैन्य लक्ष्य निशाना’; हमले के बाद जेलेंस्की सीजफायर…
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव। Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 02 Jun 2025 04:03 AM IST
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की (फाइल) – फोटो : एएनआई
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रूस के सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, ‘आज एक शानदार अभियान चलाया गया — दुश्मन की ज़मीन पर, केवल सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। विशेष रूप से उन उपकरणों को निशाना बनाया गया जिनका इस्तेमाल कर यूक्रेन पर हमला किया गया। बकौल जेलेंस्की, रूस को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने यूक्रेन की कार्रवाई पूरी तरह से उचित और न्यायसंगत बताया।
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श्रेयस की दमदार बल्लेबाजी, फाइनल में पंजाब बनाम बेंगलुरु; 18वें सत्र में मिलेगा नया आईपीएल चैंपियन
मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में छह विकेट पर 203 रन बनाए थे, जवाब में पंजाब ने श्रेयस की दमदार अर्धशतकीय पारी की मदद से 19 ओवर में पांच विकेट पर 207 रन बनाकर जीत दर्ज की

सिंधु जल संधि : हरिके पत्तन और हुसैनीवाला हेड के गेट बदल पाकिस्तान जाने वाला पानी रोका, उधर सूखने लगी सतलुज
इससे पाकिस्तान में बहने वाली सतलुज नदी सूखने लगी है। हुसैनीवाला हेड से करीब 4600 से दस हजार क्यूसेक पानी लीक होता था। इस पानी से पंजाब क्षेत्र में खेती होती थी।
सिंधु जल संधि रद्द होने के बाद से परेशानी में घिरे पाकिस्तान की मुसीबत और बढ़ गई है। पंजाब के सिंचाई विभाग ने हरिके पत्तन व हुसैनीवाला हेड के गेट बदल कर पाकिस्तान की तरफ जाने वाले पानी को पूरी तरह रोक दिया गया है। इससे पाकिस्तान में बहने वाली सतलुज नदी सूखने लगी है। हुसैनीवाला हेड से करीब 4600 से दस हजार क्यूसेक पानी लीक होता था। इस पानी से पंजाब क्षेत्र में खेती होती थी।
फिरोजपुर के हुसैनीवाला हेड से सतलुज नदी पाकिस्तान में प्रवेश करती है। रोके गए पानी को भारत के पंजाब की नहरों में पानी की कमी पूरी की जा रही है। इससे किसानों को ट्यूबवेल कम चलाने पड़ रहे हैं और नहरी पानी से सिंचाई की जा रही है। अब धान की रोपाई शुरू हो चुकी है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हरिके पत्तन व हुसैनीवाला हेड पर लगे कई गेट खराब होने के चलते सतलुज का पानी लीक होकर पाकिस्तान की तरफ बह जाता था। अब उन्होंने गेटों को बदल कर इस लीकेज को बिल्कुल रोक दिया है। अब पाकिस्तान की तरफ बिल्कुल पानी नहीं जा रहा है।
कई जगह से पाकिस्तान में प्रवेश करती है सतलुज
हरिके पत्तन व हुसैनीवाला हेड से निकल कर सतलुज नदी पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र में प्रवेश करती है। उसके बाद यह भारत के गांव मुठियां वाली में प्रवेश कर फिर पाक में प्रवेश कर जाती है। फिर पाकिस्तान के गांव भिखीविंड व गट्टी कलंजर से भारत के गांव कालू वाला व टेंडी वाला में प्रवेश करती है।
कनाडा में जंगल की आग का कहर, 25,000 से अधिक लोग सुरक्षित जगहों पर भेजे गए; सूखा मौसम बना चुनौती

नशा मुक्ति केंद्र में लगी भीषण आग, 12 लोगों की मौत और कई घायल
मेक्सिको के गुआनाजुआटो राज्य में एक नशा मुक्ति केंद्र में आग लगने से 12 लोगों की मौत हो गई और 3 घायल हो गए। हादसा रविवार तड़के सैन होसे इतुर्बे में हुआ। प्रशासन ने शोक जताते हुए मृतकों के अंतिम संस्कार का खर्च उठाने की घोषणा की है।
मेक्सिको से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां गुआनाजुआटो राज्य के सैन होसे इतुर्बे कस्बे में रविवार तड़के एक नशा मुक्ति केंद्र में आग लगने से 12 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 3 अन्य घायल हो गए। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच जारी है। साथ ही ये भी बताया जा रहा है कि हादसे में हताहत होने वालों का आंकड़ा अभी और भी बढ़ सकता है।
नगर प्रशासन ने व्यक्त की संवेदना
मामले में नगर प्रशासन ने बयान में कहा कि हम उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपनों को खो दिया, जो अपनी लत से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। साथ ही प्रशासन ने यह भी कहा कि मृतकों के अंतिम संस्कार का खर्च वहन किया जाएगा।

कनाडा में जंगल की आग का कहर, 25,000 से अधिक लोग सुरक्षित जगहों पर भेजे गए; सूखा मौसम बना चुनौती
कनाडा के मैनिटोबा, अल्बर्टा और सस्केचेवान में भीषण जंगल की आग से अब तक 25,000 से ज्यादा लोगों को निकाला गया। मीडिया रिपोर्ट की माने तो अभी भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। कारण है कि गर्म और सूखा मौसम आग को और भड़का रहा है, जिसके चलते वायु गुणवत्ता भी बेहद खराब हो गई है।
दिल्ली में धूल भरी आंधी में फंस गया विमान
दिल्ली-एनसीआर में रविवार शाम धूल भरी आंधी और खराब मौसम के कारण इंडिगो की रायपुर से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट को लैंडिंग रद्द करनी पड़ी। फ्लाइट 6E 6313 दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने ही वाली थी कि तेज हवाओं और धूल भरी आंधी ने दिल्ली-एनसीआर को अपनी चपेट में ले लिया। इससे पायलट को लैंडिंग रद्द करनी पड़ी और विमान को हवा में चक्कर काटना पड़ा। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है


दिल्ली-एनसीआर में रविवार शाम धूल भरी आंधी और खराब मौसम के कारण इंडिगो की रायपुर से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट को लैंडिंग रद्द करनी पड़ी। फ्लाइट 6E 6313 दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने ही वाली थी कि तेज हवाओं और धूल भरी आंधी ने दिल्ली-एनसीआर को अपनी चपेट में ले लिया। इससे पायलट को लैंडिंग रद्द करनी पड़ी और विमान को हवा में चक्कर काटना पड़ा। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
विमान में सवार एक यात्री ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बाद में, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से अनुमति मिलने के बाद विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरा। पायलट ने घोषणा की कि हवा की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक थी, जिसके कारण उन्हें लैंडिंग रोकनी पड़ी और मौसम साफ होने तक विमान को ऊपर ले जाना पड़ा।
मौसम विज्ञान ने पहले ही अनुमान लगाया था कि मई के अंतिम तीन दिनों में दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में 50-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। यह घटना बताती है कि मौसम कभी भी बदल सकता है। इसलिए, यात्रा करते समय मौसम की जानकारी रखना बहुत जरूरी है। खासकर विमान यात्रा के दौरान, मौसम की जानकारी रखना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि खराब मौसम के कारण विमान को लैंडिंग रद्द करनी पड़ सकती है या उड़ान में देरी हो सकती है।
महाराष्ट्र में कोरोना रिटर्न, एक दिन में 65 नए मामले
महाराष्ट्र में कोविड-19 के मामलों में तेजी से वृद्धि देखने को मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को राज्य में कोरोना के 65 नए मामले सामने आए। इनमें से 22 मामले मुंबई से, 25 पुणे से, नौ ठाणे से, छह पिंपरी-चिंचवड से, दो कोल्हापुर से और एक नागपुर से सामने आए हैं।
महाराष्ट्र में कोविड-19 के मामलों में तेजी से वृद्धि देखने को मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को राज्य में कोरोना के 65 नए मामले सामने आए। इनमें से 22 मामले मुंबई से, 25 पुणे से, नौ ठाणे से, छह पिंपरी-चिंचवड से, दो कोल्हापुर से और एक नागपुर से सामने आए हैं। हालांकि, राहत भरी खबर यह है कि राज्य में 300 मरीज ठीक भी हुए हैं। वर्तमान में सक्रिय कोविड-19 मरीजों की कुल संख्या 506 है।
11501 सैंपल में इस साल 814 लोग संक्रमित
दरअसल जनवरी से अब तक राज्य में 11,501 स्वैब नमूनों की जांच की गई, जिनमें से 814 लोग इस संक्रामक बीमारी से पीड़ित पाए गए। इनमें से 463 मामले अकेले मुंबई से सामने आए हैं। जनवरी से अब तक कोविड-19 के कारण महाराष्ट्र में कुल आठ लोग जिंदगी की जंग हार चुके हैं। इनमें से सात मरीजों की मृत्यु के पीछे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं थीं।
मरने वाले किस बीमारी से थे पीड़ित?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पहला मरीज हाइपोकैल्सेमिक दौरे (हाइपोकैल्सेमिया) और नेफ्रोटिक सिंड्रोम से पीड़ित था। दूसरा मरीज कैंसर से ग्रस्त था। तीसरे मरीज को स्ट्रोक (सेरेब्रोवास्कुलर डिजीज) हुआ था और उसे दौरे पड़ रहे थे। चौथा मरीज डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (डीकेए) और निचले श्वसन तंत्र के संक्रमण (एलआरटीआई) से पीड़ित था। पांचवें मरीज को इंटरस्टीशियल लंग डिजीज (आईएलडी) था।
क्या दिक्कत आई सामने?
छठा मरीज डायबिटीज से पीड़ित था और 2014 से पक्षाघात (पैरालिसिस) का शिकार था। सातवां मरीज गंभीर एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (एआरडीएस) और डायलेटेड एओर्टिक रेगर्जिटेशन से पीड़ित था। वहीं, आठवां मरीज एक 47 वर्षीय महिला थी, जिसे बुखार और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत थी।
मास्क पहनने की सलाह
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में कोविड मामलों की संख्या में समय-समय पर वृद्धि देखी जा रही है, जो केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य राज्यों और कुछ देशों में भी इसी तरह की स्थिति देखी जा रही है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग नागरिकों से सतर्क रहने, मास्क पहनने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचने की अपील कर रहे हैं। (इनपुट एजेंसी)
सऊदी अरब में बिना अनुमति हज करने पहुंचे 269678 मुसलमान
सऊदी अरब ने वार्षिक हज यात्रा के लिए बिना अनुमति वाले 2,69,000 से अधिक लोगों को मक्का में प्रवेश करने से रोक दिया है। सरकार हज में भीड़भाड़ के लिए अनधिकृत यात्रियों को दोषी ठहराती है,।
सऊदी अरब ने वार्षिक हज यात्रा के लिए बिना अनुमति वाले 2,69,000 से अधिक लोगों को मक्का में प्रवेश करने से रोक दिया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। सरकार हज में भीड़भाड़ के लिए अनधिकृत यात्रियों को दोषी ठहराती है। सरकार ने कहा है कि पिछले साल की भीषण गर्मी में मरने वालों में बड़ी संख्या अनधिकृत रूप से आने वाले लोगों की थी।
14 लाख मुसलमान मक्का पहुंचे
आधिकारिक तौर पर मक्का में वर्तमान में लगभग 14 लाख मुसलमान पहुंच चुके हैं, और आने वाले दिनों में और भी अधिक लोगों के आने की उम्मीद है। बिना अनुमति के हज करने वाले किसी भी व्यक्ति को 5,000 अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना और निर्वासन जैसे अन्य दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
मक्का में प्रेसवार्ता में अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने बिना अनुमति वाले 2,69,678 मुसलमानों को शहर में प्रवेश करने से रोक दिया है। नियमों के अनुसार, केवल वैध अनुमति वाले लोगों को ही हजयात्रा करने की अनुमति है, भले ही वे साल भर से शहर में रह रहे हों। अधिकारियों ने हज नियमों का उल्लंघन करने के लिए 23,000 से अधिक सऊदी निवासियों पर जुर्माना लगाया है और हजयात्रा से जुड़ी 400 कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं।
हज क्या है?
हज सऊदी अरब के मक्का की वार्षिक तीर्थयात्रा है। यह इस्लाम का पांचवां और अंतिम स्तंभ है, जिसमें आस्था की घोषणा (शहादत), पांच दैनिक प्रार्थनाएं, अनिवार्य दान (ज़कात) और रमज़ान के महीने में उपवास शामिल हैं। यह शब्द अरबी मूल “h-j-j” से आया है, जिसका अर्थ है “यात्रा का इरादा करना” या “किसी निश्चित उद्देश्य के लिए निकलना”। यह उन सभी वयस्क मुसलमानों के लिए जीवन में एक बार अनिवार्य है जो शारीरिक और आर्थिक रूप से यात्रा करने में सक्षम हैं।
हज कब किया जाता है?
हज इस्लामी कैलेंडर के 12वें और अंतिम महीने, जुल-हिज्जा की 8वीं और 12वीं (या 13वीं) तारीख के बीच किया जाता है। यह समय रमजान के खत्म होने के लगभग 70 दिन बाद आता है, हालांकि यह चंद्र चक्र के आधार पर थोड़ा भिन्न हो सकता है।
एमपी में अज्ञात जानवर के काटने से पांचवी मौत! मचा हड़कंप
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के ग्रामीण इलाके अज्ञात जानवर ने 17 लोगों को काटा था। जानवर के काटने के बाद रविवार को हुई पांचवी मौत से जिला प्रशासन चिंता में पड़ गया है। एंटी रैबीज इंजेक्शन के डोज दिए जाने के बाद भी रैबीज से मरने की बात सामने आई है। मृतक की पहचान चैन सिंह उमराव (50 साल) के रूप में हुई है। इन मौतों के बाद अब जिला कलेक्टर ने एंटी रैबीज इंजेक्शन की जांच के निर्देश दिए हैं।
जिले के ग्रामीण इलाके अज्ञात जानवर ने 17 लोगों को काटा था। जानवर के काटने के बाद रविवार को हुई पांचवी मौत से जिला प्रशासन चिंता में पड़ गया है। एंटी रैबीज इंजेक्शन के डोज दिए जाने के बाद भी रैबीज से मरने की बात सामने आई है। मृतक की पहचान चैन सिंह उमराव (50 साल) के रूप में हुई है। इन मौतों के बाद अब जिला कलेक्टर ने एंटी रैबीज इंजेक्शन की जांच के निर्देश दिए हैं।
जिला कलेक्टर ने दी जानकारी
जिला कलेक्टर गुंचा सनोबर ने बताया कि इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल में भर्ती एक अन्य व्यक्ति की मृत्यु हो गई है। इसके साथ अज्ञात जानवर के काटने के चलते होने वाली मौतों की संख्या 5 हो गई है। उन्होंने बताया कि इंदौर के डॉक्टरों ने प्रारंभिक रूप से इस मौत का कारण रैबीज वायरस बताया है। हालांकि विसरा के वायरोलॉजी लैब में परीक्षण के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने बताया कि चूंकि अज्ञात जानवर के काटे जाने के उपरांत सभी 17 लोगों को प्रोटोकॉल के मुताबिक एंटी रैबीज इंजेक्शन (वैक्सीन) के तीन डोज दिए जाने के साथ-साथ मेडिकल ट्रीटमेंट दिया गया था।
कलेक्टर ने कहा कि एंटी रैबीज इंजेक्शन दिए जाने के बावजूद रैबीज वायरस से मौत होना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि एंटी रैबीज इंजेक्शन वैक्सीन में यदि प्रभावशीलता की कोई कमी थी, तो उन्हें भी जांच हेतु भेजा जा रहा है। कलेक्टर ने बताया कि अज्ञात जंगली जानवर के काटे जाने से प्रभावित कई लोग बेहतर इलाज हेतु इंदौर नहीं जाना चाह रहे हैं। लेकिन एसडीएम राजपुर और टीम के माध्यम से उन्हें काउंसलिंग देकर भेजने की कोशिश की जा रही है।
हॉस्पिटल से भागा मरीज
बड़वानी की सीएमएचओ डॉक्टर सुरेखा जमरे ने बताया कि जंगली जानवर से काटे जाने पर सभी 17 लोगों को एंटी रैबीज इंजेक्शन (वैक्सीन) लगाए गए थे। इसके अलावा अधिक प्रभावितों की इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए इम्यूनोग्लोबिन के इंजेक्शन भी दिए गए थे। उन्होंने बताया कि मरने वालों में इस इंजेक्शन को लगवाने वाले भी शामिल हैं। इसके बाद जिले की संयुक्त टीम ने लिम्बई का दो बार दौरा किया है। इनमें चार लोगों ने कमजोरी और पैरालिसिस की शिकायत की थी। इस पर उन्हें इंदौर रेफर किया गया था। इनमें से 15 वर्ष का विजय का एमवाय हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड से भाग गया।
पाकिस्तान को प्रोपेगेंडा युद्ध में जीत दे दी… CDS के इंटरव्यू पर भड़के एक्सपर्ट
भारत के दिग्गज जियो-स्ट्रैटजिस्ट ब्रह्मा चेलानी ने भारत के CDS जनरल अनिल चौहान के इंटरव्यू को भारत का ‘बहुत खराब डिप्लोमेसी’ बताया है। ब्रह्मा चेलानी ने रविवार को भारत सरकार की संघर्ष के बाद संदेश देने की रणनीति की आलोचना की है। उन्होंने सिंगापुर में आयोजित सांगरी-ला डायलॉग फोरम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की तरफ से भारतीय विमानों के नुकसान की बात स्वीकार करने को ‘खराब सार्वजनिक कूटनीति’ बताया है।
भारत के दिग्गज जियो-स्ट्रैटजिस्ट ब्रह्मा चेलानी ने भारत के CDS जनरल अनिल चौहान के इंटरव्यू को भारत का ‘बहुत खराब डिप्लोमेसी’ बताया है। ब्रह्मा चेलानी ने रविवार को भारत सरकार की संघर्ष के बाद संदेश देने की रणनीति की आलोचना की है। उन्होंने सिंगापुर में आयोजित सांगरी-ला डायलॉग फोरम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की तरफ से भारतीय विमानों के नुकसान की बात स्वीकार करने को “खराब सार्वजनिक कूटनीति” बताया है। उनकी यह टिप्पणी पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना के चार दिवसीय अभियान ऑपरेशन सिंदूर के बाद आई है, जिसको लेकर प्रोपेगेंडा और नैरेटिव युद्ध चरम पर है। कई लोगों का मानना है कि भारत ने आक्रामक तरीके से नैरेटिव युद्ध नहीं चलाया, जबकि बुरी तरह से हारने के बाद भी पाकिस्तान प्रोपेगेंडा फैलाने में आगे रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शांगरी-ला डायलॉग के दौरान भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान द्वारा भारतीय लड़ाकू विमानों के नुकसान को स्वीकार करने से पाकिस्तान को प्रचार में बढ़त मिलने की बात कही गई है।
आपको बता दें कि शांगरी-ला डायलॉग में जनरल चौहान ने स्वीकार किया है कि भारत ने पाकिस्तान से संघर्ष के दौरान कुछ लड़ाकू विमान खोए। हालांकि उन्होंने संख्या या प्रकार का खुलासा नहीं किया। उन्होंने जोर दिया कि महत्वपूर्ण यह है कि इन नुकसानों से क्या सीखा गया और कैसे रणनीति में सुधार किया गया। उनके मुताबिक भारतीय वायुसेना ने रणनीतिक गलतियों की पहचान की और उन्हें तत्काल सुधारते हुए फिर से हमले किए, जिससे पाकिस्तान को गहरा नुकसान हुआ। लेकिन उनके बयान की टाइमिंग और स्थान पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील स्वीकारोक्ति को विदेशी मंच पर करने से पाकिस्तान को प्रोपेगेंडा फैलाने में और बढ़त मिलेगी।
जनरल चौहान के इंटरव्यू पर भड़के ब्रह्मा चेलानी
ब्रह्मा चेलानी ने एक्स पर लिखा कि “मोदी सरकार ने सिंगापुर में एक मंच पर भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ को अनावश्यक रूप से भेजा, जहां उन्होंने रॉयटर्स के साथ एक साक्षात्कार में भारतीय लड़ाकू विमानों के नुकसान को स्वीकार करके पाकिस्तान को एक प्रोपेगेंडा युद्ध में जीत दिलाई।” उन्होंने कहा कि “ऐसी स्वीकारोक्ति भारतीय धरती से की जानी चाहिए थी साथ ही संक्षिप्त युद्ध में पाकिस्तान को हुए नुकसान के बारे में भारत के अपने अनुमान भी होने चाहिए थे।” उन्होंने कहा कि “तथ्य यह है कि सिंगापुर मंच में पाकिस्तान के संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष ने भी भाग लिया था, जिसने भारत और पाकिस्तान को एक स्तर पर ला दिया।” आपको बता दें कि जनरल चौहान ने ब्लूमबर्ग टीवी से कहा कि “अच्छी बात यह है कि हम अपनी सामरिक गलतियों को समझने में सक्षम थे, उन्हें सुधारा और फिर दो दिनों के बाद फिर से लागू किया और अपने सभी जेट विमानों को फिर से लंबी दूरी पर निशाना लगाने के लिए उड़ाया।” आपको बता दें कि भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था जिसमें पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए सटीक हवाई हमले किए गए।
ब्रह्मा चेलानी के अलावा एक और जियो-पॉलिटिकल एक्सपर्ट सुशांत सरीन ने तर्क दिया कि ऑपरेशन का मूल्यांकन विमान के नुकसान के बजाय इसके मकसदों से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर के दो उद्देश्य थे। 1) पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों पर हमला करना, जिसमें 9 ठिकानों को नष्ट कर दिया गया और मकसद पूरा हो गया। 2) पाकिस्तान को संघर्षविराम के लिए मजबूर करना। ये मकसद भी हासिल कर लिया गया, क्योंकि शुरुआती नुकसान के बावजूद, भारत ने न सिर्फ पाकिस्तानी हमलों को पीछे धकेला बल्कि तब तक आगे बढ़ता रहा जब तक कि पंजाबी जनरलों ने युद्ध विराम की भीख नहीं मांगी।” उन्होंने कहा कि ‘पाकिस्तान ने 7 मई की रात के बाद अपने लड़ाकू विमानों को एक बार भी नहीं उड़ाया और उसके तुर्की के सभी ड्रोन नष्ट कर दिए गये। भारत ने पाकिस्तान के सभी चीनी रडार और एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट कर दिए।’ लेकिन चेलानी ने चेतावनी दी कि भारत का स्ट्रैटजिक कम्युनिकेशन युद्ध के मैदान में मिली बढ़त को कमजोर कर रहा है।
भारत अपने पत्ते सही खेलता है तो… रघुराम राजन
आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने रविवार को भारत की आर्थिक नीति के संबंध में कई सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर भारत विदेशी कंपनियों या ग्लोबल मैन्यूफैक्चरर्स के लिए एक ऐसा माहौल बनाए जहां वे भरोसा कर सकें और उनका स्वागत हो तो भारत में बहुत सारा पैसा आ सकता है। भारत के लिए यह शानदार मौका है। कोरोना महामारी के बाद और चीन के दबदबे के कारण दुनियाभर की कंपनियां अपनी सप्लाई चेन (सामान बनाने और पहुंचाने का नेटवर्क) के बारे में दोबारा सोच रही हैं। वे इसमें बदलाव कर रही हैं। अगर भारत सही कदम उठाए तो ये कंपनियां भारत में आकर निवेश कर सकती हैं। राजन ने सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत अगर अपने पत्ते सही से खेलता है तो यह उसका पल बन सकता है।
राजन ने यह भी संकेत दिया कि ट्रंप की व्यापार नीतियां चीन के लिए चुनौतियां पैदा कर सकती हैं। इससे ग्लोबल सप्लाई चेन में और बदलाव हो सकते हैं। अगर भारत अपनी नीतियों को सही तरीके से लागू करता है तो वह ग्लोबल चेन में चीन की आर्थिक ताकत को चुनौती दे सकता है। राजन ने कहा कि सभी कंपनियां अपनी सप्लाई चेन को फिर से देख रही हैं। अगर भारत एक अच्छा माहौल बनाए, जैसे कि टैक्स और पॉलिसी में स्थिरता लाए तो यह बहुत अच्छा होगा। भारत को विदेशी कंपनियों को घरेलू बाजार के लिए उत्पादन करने की अनुमति देनी चाहिए। भारतीय उद्योगों को डरने की जरूरत नहीं है। अगर भारत ये सब करता है तो एफडीआई में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है।
विकसित देश नहीं चाहते कि सप्लाई चेन चीन से भारत जाएं
रघुराम राजन ने यह भी कहा कि विकसित देश नहीं चाहते कि सप्लाई चेन चीन से भारत जाएं और फिर वापस उनके देश में न आएं। उन्होंने कहा कि अगर भारत अच्छी तरह से अपने पत्ते खेले और सिर्फ सब्सिडी पर ध्यान न दे तो यह एक बेहतर उत्पादन वातावरण बना सकता है। भारत एक अच्छा विकल्प दे सकता है। भारत के कुछ राज्य ऐसा करने में बहुत रुचि रखते हैं। अगर हम ऐसा कर सकते हैं तो यह भारत का क्षण हो सकता है। लेकिन, इसके लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है।
राजन ने चेतावनी दी कि ऐक्शन सक्रिय और सुसंगत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रतिक्रियात्मक नहीं होना चाहिए। भारत में FDI के लिए एक बेहतर माहौल बनाने की जरूरत है। हमने पिछले कुछ सालों में इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया है।
राजन की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐपल को भारत में मैन्यूफैक्चरिंग का विस्तार करने की योजनाओं पर कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि ऐपल भारत में कारखाने स्थापित कर सकता है। लेकिन, उत्पादों को अगर अमेरिका में बेचा जाता है तो उसे टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने पिछले महीने परमाणु ऊर्जा पर कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर करते हुए कहा, ‘भारत जाना ठीक है, लेकिन आप यहां बिना टैरिफ के नहीं बेचेंगे।’ ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी अपनी बात दोहराई और लिखा, ‘अगर ऐसा नहीं है तो ऐपल को अमेरिका को कम से कम 25 फीसदी का टैरिफ देना होगा।’





