आज के बड़े इवेंट
- बिहार में महागठबंधन की चौथी मीटिंग आज, तेजस्वी यादव भी होंगे शामिल।
- बिहार में ‘रोजगार के सवाल पर’ कांग्रेस आज 25 जिलों में प्रदर्शन करेगी।
आधा भारत भीषण गर्मी की चपेट में, IMD ने किया अलर्ट
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी की चपेट में है। आसमान से आग बरस रही है और राजस्थान के श्रीगंगानगर में पारा 48 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है जो देश में सर्वाधिक है। इस बीच, भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने भीषण गर्मी और लू को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। लेकिन दो हफ्ते के ठहराव के बाद दक्षिण पश्चिम मानसून के बृहस्पतिवार से फिर सक्रिय होने और ताजा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 14 जून की रात से उत्तर पश्चिम भारत में हल्की बारिश होने की उम्मीद है, जिससे तपिश से थोड़ी राहत मिल सकती है।
आईएमडी ने ट्वीट कर कहा कि 14 जून से उत्तर-पश्चिम भारत में हीट वेव की स्थिति में धीरे-धीरे राहत मिलने की संभावना है। अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव होने की संभावना नहीं है और उसके बाद धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव होने की संभावना नहीं है और उसके बाद अगले 3 दिनों तक धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी और उसके बाद कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा। देश के बाकी हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव होने की संभावना नहीं है।

इन राज्यों में चलेगी लू
आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि उत्तर पश्चिम भारत में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। अगले 3-4 दिनों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तरी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में लू चलने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान अगले तीन दिनों तक रेड अलर्ट पर रहेंगे। दिल्ली-एनसीआर बुधवार और बृहस्पतिवार को रेड अलर्ट पर हैं उसके बाद 13 जून को ऑरेंज अलर्ट रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 13 की रात से हल्की बारिश और आंधी-तूफान के बाद कुछ राहत मिल सकती है।

आज से फिर सक्रिय होगा मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर भी अच्छी खबर है। लगभग दो हफ्ते के ठहराव के बाद बृहस्पतिवार से मानसून के फिर सक्रिय होने और आगे बढ़ने की संभावना है। आईएमडी ने 12-15 जून के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और 13 जून और 14 जून को कोंकण और गोवा में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा का अनुमान जताया है।
आधा देश भीषण गर्मी की चपेट में
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बुधवार सुबह 8:30 बजे तक बीते 24 घंटे के दौरान जम्मू-कश्मीर, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भीषण गर्मी के साथ तीव्र लू चली। हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भी लू चली और झुलसा देने वाली गर्मी महसूस की गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों में रात में भी अत्यधिक गर्मी रही। पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी कई स्थानों पर रात में उमस के साथ तेज गर्मी की स्थिति बनी रही।

दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस
दिल्ली-एनसीआर के ज्यादातर स्थानों पर अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो इस साल का सर्वाधिक है। दिल्ली के आयानगर में सबसे अधिक 45 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। लेकिन हीट इंडेक्स 51.9 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे अधिक गर्मी महसूस की गई। सुबह 10 बजे के बाद ही घर से निकलना मुश्किल हो गया और झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही है। आईएमडी की तरफ से दोपहर दो बजे जारी बुलेटिन के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में कई स्थानों पर लू की स्थिति बन रहेगी और पारा 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। राजधानी में सुबह के समय आर्द्रता का स्तर 39 प्रतिशत रहा, लेकिन गर्मी और गर्म दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण परेशानी और बढ़ गई है। अगले दो दिन समूचा दिल्ली-एनसीआर रेड अलर्ट पर है।
धूप में जाने से बचे
दिल्ली-एनसीआर में हवा की सेहत भी खराब हो गई है और वायु गुणवत्ता सूचकांक 225 पर पहुंच गया है जो खराब श्रेणी में है। आईएमडी ने 12 और 13 जून को आसमान में आंशिक बादल छाए रहने और धूल भरी आंधी चलने का पूर्वानुमान जताया है। विशेषज्ञों ने लोगों को धूप में जाने से बचने, लगातार पानी पीते रहने और घर के बाहर की गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी है। भीषण गर्मी और लू से सभी वर्ग के लोगों को खतरा है, लेकिन बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ा
दिल्ली-एनसीआर में हवा भी खराब हो गई है और वायु गुणवत्ता सूचकांक 225 पर पहुंच गया है जो खराब श्रेणी में है। आईएमडी ने 12 और 13 जून को आसमान में आंशिक बादल छाए रहने और धूल भरी आंधी चलने का पूर्वानुमान जताया है और हवा की गति 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
केरल में झमाझम बारिश
केरल में मानसून की भारी बारिस हो रही है और आईएमडी ने एर्नाकुलम, इदुक्की, त्रिसूर और कासरगौड़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया। बृहस्पतिवार को दो जिलो में, शुक्रवार को चार जिलों में, शनिवार को नौ जिलों में और रविवार को 14 जिलों में बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि भारी बारिस होगी और जिसकी मात्रा 11 से 20 सेंटीमीटर के बीच हो सकता है।
गाजा में युद्ध से भयंकर तबाही: अबतक कुल 55,000 से ज्यादा मौतें
इस्राइल और हमास के बीच जारी संघर्ष के लगभग 20 महीने होने जा रहे है। लंबे समय से चल रहे इस संघर्ष में इस्राइल ने गाजा में भयंकर तबाही मचाई है। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस्राइल और हमास के बीच 20 महीने से जारी युद्ध में मरने वालों की संख्या अब 55,000 को पार कर चुकी है। मंत्रालय ने बताया कि मृतकों में आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे हैं। वहीं, इस्राइल ने दावा किया है कि उसका निशाना सिर्फ हमास के आतंकियों पर होता है, लेकिन हमास नागरिक इलाकों में छिपकर हमला करता है, जिससे आम लोगों की जान जाती है।
मंत्रालय के अनुसार, अब तक 55,104 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 1,27,394 लोग घायल हुए हैं। माना जा रहा है कि मलबे और पहुंच से दूर इलाकों में अभी भी कई लोग दबे हुए हैं। गाजा का स्वास्थ्य मंत्रालय भले ही हमास की सरकार का हिस्सा हो, लेकिन यहां काम कर रहे डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी पेशेवर हैं और वे पूरी जानकारी के साथ आंकड़े जारी करते हैं। हालांकि इस्राइल ने इन आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं।
इस्राइल ने दो बंधकों के शव किए बरामद
इस बीच इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने बताया कि सेना ने गाजा से दो बंधकों के शव बरामद किए हैं। इनमें से एक की पहचान याइर याकोव के रूप में हुई है, जो 7 अक्तूबर 2023 को हमास के हमले में मारे गए थे और उनका शव गाजा ले जाया गया था। दूसरे बंधक की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ ने बताया कि यह एक जटिल ऑपरेशन के जरिए किया गया, लेकिन इसकी ज्यादा जानकारी नहीं दी गई।
गाजा में तबाही और मानवीय संकट
इस्राइली सेना ने गाजा के बड़े हिस्से को तबाह कर दिया है और लगभग 90% आबादी को विस्थापित कर दिया है। हाल ही में गाजा के दक्षिणी शहर राफा का बड़ा हिस्सा खाली हो चुका है और उसे सैन्य बफर ज़ोन में बदल दिया गया है।
भोजन पहुंचाने में भारी दिक्कते- यूएन
वहीं दो महीने से ज्यादा चले ब्लॉकेड के चलते भुखमरी की आशंका बढ़ गई थी। मई में कुछ राहत दी गई, लेकिन नई सहायता व्यवस्था अब भी अव्यवस्था और हिंसा से जूझ रही है। संयुक्त राष्ट्र और सहायता एजेंसियों ने कहा है कि भोजन पहुंचाने में भारी दिक्कतें आ रही हैं क्योंकि इस्राइल की पाबंदियां, कानून व्यवस्था की खराब स्थिति और लूटपाट से हालात बिगड़ रहे हैं। वहीं इस्राइल ने आरोप लगाया है कि हमास राहत सामग्री को हड़प रहा है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और राहत समूहों ने इससे इनकार किया है।
चीन ने मनवा ली अपनी बात या ट्रंप मार गए बाजी
अमेरिका और चीन के बीच व्यापार समझौता होने की संभावना है। राष्ट्रपति ट्रम्प और शी जिनपिंग की मंजूरी बाकी है। अमेरिका, चीन पर 55% टैरिफ लगाएगा। चीन 10% टैरिफ लगाएगा। चीन से अमेरिका को मैग्नेट और दुर्लभ खनिज मिलेंगे। चीनी छात्र अमेरिकी कॉलेजों में पढ़ सकेंगे। इस समझौते से भारत के निर्यात पर असर पड़ सकता है।
अमेरिका और चीन के बीच व्यापार समझौते को लेकर इंतजार खत्म हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार समझौता लगभग पूरा हो गया है। अब बस उनकी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मंजूरी बाकी है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका चीन पर 55% टैरिफ लगाएगा। वहीं, चीन 10% टैरिफ लगाएगा। इस समझौते के तहत अमेरिका को चीन से मैग्नेट और रेयर अर्थ मिनरल्स (दुर्लभ खनिज) मिलेंगे। समझौते में यह भी शामिल है कि चीनी छात्र अमेरिकी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अपनी शिक्षा जारी रख सकेंगे। यह ट्रंप की उस नीति से अलग है जिसमें उन्होंने चीनी नागरिकों के अमेरिकी शिक्षण संस्थानों में आने पर रोक लगा दी थी।
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, ‘चीन के साथ हमारा समझौता पूरा हो गया है। अब बस राष्ट्रपति शी और मेरी अंतिम मंजूरी बाकी है। चीन की तरफ से पूरे मैग्नेट और जरूरी दुर्लभ खनिज दिए जाएंगे। इसी तरह, हम चीन को वो देंगे जिस पर सहमति हुई है, जिसमें चीनी छात्रों को हमारे कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने की अनुमति देना शामिल है (यह हमेशा से मुझे अच्छा लगता रहा है!)। हमें कुल 55% टैरिफ मिल रहा है, चीन को 10% मिल रहा है। हमारे रिश्ते बहुत अच्छे हैं! इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!’
अगले महीने तक बीजेपी को मिल सकता है नया अध्यक्ष
बीजेपी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष कब मिलेगा, इसकी चर्चा करीब एक साल से चल रही है। अब माना जा रहा है कि अगले एक से डेढ़ महीनों के भीतर बीजेपी अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष तय कर लेगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अगले कुछ हफ्तों में सभी राज्यों में संगठन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। जिसके बाद करीब 20 दिन में राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया भी हो जाएगी। जुलाई आखिर या अगस्त के पहले हफ्ते में यह हो सकता है।
बीजेपी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष कब मिलेगा, इसकी चर्चा करीब एक साल से चल रही है। अब माना जा रहा है कि अगले एक से डेढ़ महीनों के भीतर बीजेपी अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष तय कर लेगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अगले कुछ हफ्तों में सभी राज्यों में संगठन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। जिसके बाद करीब 20 दिन में राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया भी हो जाएगी। जुलाई आखिर या अगस्त के पहले हफ्ते में यह हो सकता है।
अभी एक नाम पर सहमति नहीं
पार्टी सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर अभी एक नाम पर सहमति नहीं बनी है। पार्टी के सीनियर नेताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सीनियर पदाधिकारियों के बीच भी किसी एक नाम पर चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अलग अलग वजहों से सांगठनिक चुनाव की प्रक्रिया में देरी होती रही। पहले विधानसभा चुनाव में अलग अलग राज्य इकाइयां व्यस्त थी और फिर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सारा फोकस वहां शिफ्ट हो गया था। अभी यूपी, गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना जैसे बड़े राज्यों में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष तय नहीं हो पाए हैं। कुल 37 राज्य और यूटी में से अभी तक दो दर्जन में ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त हो पाए हैं।
संघ की सहमति होगी अहम
लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 370 सीटें जीतने का टारगेट रखा था लेकिन मैजिक नंबर 272 तक के करीब भी नहीं पहुंच पाई। जिसके बाद से ही यह माना जा रहा है कि अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी संगठन पर ज्यादा ध्यान देगा। साथ ही जो भी नया अध्यक्ष बनेगा वह संघ की पूरी सहमति से ही बनेगा। केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके कई लोगों को इस बार सरकार में जगह नहीं मिली है माना जा रहा है कि उन्हें संगठन की जिम्मेदारी दी जा सकती है। किसी केंद्रीय मंत्री के भी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की संभावना से पार्टी नेताओं ने इनकार नहीं किया। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कैबिनेट फेरबदल होने की चर्चाएं भी तेज हैँ।
भारत, चीन उभरती हुई शक्तियां बना रही नया संतुलन
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और चीन दोनों उभरती शक्तियां हैं जो अपने और विश्व के बीच एक नया संतुलन बना रहे हैं। भारत जहां लाभ उठाने के साथ-साथ चीन पर नजर रखने के बीच सही संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है, वहीं पड़ोसी देश मौजूदा भू-राजनीतिक अव्यवस्था में अवसर तलाश रहा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि भारत और चीन दोनों उभरती शक्तियां हैं जो अपने और विश्व के बीच एक नया संतुलन बना रहे हैं। भारत जहां लाभ उठाने के साथ-साथ चीन पर नजर रखने के बीच सही संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है, वहीं पड़ोसी देश मौजूदा भू-राजनीतिक अव्यवस्था में अवसर तलाश रहा है।
पिछली सरकारों पर भी सवाल
विदेश मंत्री ने भारत और चीन के संस्कृति का हवाला देते हुए दोनों देशों के उत्थान के सफर का जिक्र किया। जयशंकर ने कहा कि चीन ने हमसे पहले आधुनिकीकरण शुरू कर दिया। मुख्यतः इसलिए क्योंकि उस समय हमारी सरकारों ने वह नहीं किया जो उन्हें करना चाहिए था। जयशंकर ने कहा कि भारत और चीन दोनों ही उभरती हुई शक्तियां हैं जो आपस के साथ ही दुनिया में एक नया संतुलन बना रही हैं। इसके साथ दोनों देशों के बीच अधिक जटिल असंतुलन है।
जयशंकर से पूछा गया कि भारत कैसे सुनिश्चित करता है कि वह लाभ उठा रहा है, लेकिन साथ ही चीन पर नजर भी रख रहा है। साथ ही, बीजिंग की गतिविधियां नई दिल्ली को कैसे प्रभावित करती हैं। इस पर जयशंकर ने कहा कि चीन हमारा निकटतम पड़ोसी है। यह एक ऐसा पड़ोसी है जिसके साथ हमारी सीमाएं अनिश्चित हैं। इसलिए यह हमारे संबंधों में एक बड़ा कारक है।
उन्होंने कहा कि हमारे पास ऐसी स्थिति है जहां चीन और भारत अलग-अलग हैं क्योंकि वे एक अरब से अधिक लोगों वाले दो देश हैं, लेकिन इसलिए भी क्योंकि वे एक तरह से दो सभ्यतागत राज्य हैं। भारत-चीन संबंधों को “अविश्वसनीय रूप से जटिल मैट्रिक्स” कहते हुए, जयशंकर ने कहा कि एक तरह का समानांतर उत्थान है, भले ही चीन ने भारत से पहले अपना आधुनिकीकरण शुरू कर दिया हो।
‘जैसा दिखता है वैसा नहीं है’
विदेश मंत्री ने कहा कि चीन का उदय, भारत का उदय। अब, हर कोई अपने और दुनिया के बीच एक निश्चित नया संतुलन बना रहा है। और फिर दो उभरती शक्तियों के बीच बहुत अधिक जटिल संतुलन, जो पड़ोसी भी हैं और कभी-कभी उनके आम पड़ोसी भी होते हैं। इसलिए, यह एक अविश्वसनीय रूप से जटिल मैट्रिक्स है और इसके विभिन्न आयाम हैं।
उन्होंने कहा कि इसमें सीमा आयाम है, यदि आप चाहें तो संतुलन है, आर्थिक मुद्दे हैं, व्यापार मुद्दे हैं, चिंताएं हैं – हमारे पास अलग-अलग आर्थिक सामाजिक मूल्य, राजनीतिक मॉडल हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दोनों पड़ोसियों के बीच संबंध “सतह पर जितना दिखता है, उससे कहीं अधिक बनावटी और जटिल है।
अमेरिका ने पाकिस्तान को बताया बेहतरीन साझेदार
कांग्रेस ने अमेरिकी सैन्य अधिकारी के पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी में ‘बेहतरीन साझेदार’ बताने पर पीएम मोदी से जवाब मांगा है। पार्टी ने सेना प्रमुख मुनीर के अमेरिकी दौरे की खबर का हवाला देते हुए इसे भारत के लिए ‘कूटनीतिक झटका’ बताया और सरकार की प्रतिक्रिया की अपेक्षा की है।
कांग्रेस ने अमेरिका के एक शीर्ष सैन्य अधिकारी द्वारा पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी दुनिया में ‘बेहतरीन साझेदार’ बताए जाने पर बुधवार को कहा कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बारे में क्या कहना है और क्या यह ‘कूटनीतिक झटका’ नहीं है।
मुख्य विपक्षी दल ने एक खबर का भी हवाला दिया जिसमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल सैयद आसिम मुनीर अमेरिकी सेना दिवस समारोह के लिए वाशिंगटन डीसी का दौरा करने वाले हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि मुनीर का दौरा ‘भारत के लिए एक और बड़ा कूटनीतिक झटका’ है।
अमेरिका की केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के कमांडर जनरल माइकल कुरिल्ला ने कहा है कि उनके देश को पाकिस्तान और भारत दोनों के साथ संबंध रखने होंगे। उन्होंने कहा, ”पाकिस्तान इस समय आतंकवाद विरोधी लड़ाई में सक्रिय है और वह आतंकवाद विरोधी दुनिया में एक बेहतरीन साझेदार रहा है।’
उनकी टिप्पणी का हवाला देते हुए रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘अभी अमेरिकी केंद्रीय कमान के प्रमुख ने पाकिस्तान को ‘आतंकवाद विरोधी अभियान में एक शानदार साझेदार’ बताया है। हमारे प्रधानमंत्री और उनकी गुणगान मंडली इस पर क्या कहेगी? क्या यह भारत के लिए कूटनीतिक झटका नहीं है?’
कुंभ भगदड़ की मौतें छुपाई गईं? राहुल गांधी ने उठाए सवाल
महाकुंभ हादसे में मरने वालों की तादाद को लेकर विपक्ष लगातार बीजेपी सरकार को घेरता जा रहा है। विपक्ष का आरोप रहा है कि वहां हुई भगदड़ व हादसों में मृतकों को तादाद कहीं ज्यादा थी, जिसे छिपाने का काम किया गया। इस मुद्दे को लेकर बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मीडिया रिपोर्ट में किए गए दावे को लेकर एक बार फिर बीजेपी की डबल इंजन सरकार पर सवाल उठाए।
महाकुंभ हादसे में मरने वालों की तादाद को लेकर विपक्ष लगातार बीजेपी सरकार को घेरता जा रहा है। विपक्ष का आरोप रहा है कि वहां हुई भगदड़ व हादसों में मृतकों को तादाद कहीं ज्यादा थी, जिसे छिपाने का काम किया गया। इस मुद्दे को लेकर बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मीडिया रिपोर्ट में किए गए दावे को लेकर एक बार फिर बीजेपी की डबल इंजन सरकार पर सवाल उठाए। उल्लेखनीय है कि इस मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुंभ भगदड़ हादसे में 82 लोगों की जान गई थी। जबकि यूपी सरकार की ओर से आधिकारिक तौर 37 लोगों के मरने की बात कही गई थी।
दरअसल, एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया के हवाले से राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर कहा कि बीजेपी सरकार का यही तरीका है-‘आंकड़े गायब कर दो, तो ज़िम्मेदारी भी खत्म हो जाती है।’ राहुल ने आरोप लगाया कि यही खेल कोविड महामारी के समय भी हुआ था, जब गरीबों की लाशें गंगा किनारे बहती मिलीं, लेकिन सरकारी आंकड़ों में मौतें बहुत कम बताई गईं। कांग्रेस नेता का कहना था कि हर बड़े रेल हादसे के बाद भी यही होता है, असली आंकड़े छुपा दिए जाते हैं। हादसे के बाद मृतकों के आंकड़े छिपाने को उन्होंने ‘बीजेपी मॉडल’ करार देते हुए कहा कि गरीबों की गिनती नहीं तो जवाबदेही भी नहीं।
अखिलेश यादव भी उठाते रहे हैं सवाल
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव महाकुंभ में अव्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि विफलता का स्मारक कहलाएगा 2025 का “कागजी भव्य दिव्य कुंभ। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर वीडियो पोस्ट किया, जिसमें कुंभ की अव्यवस्था के बारे में सवाल उठाया गया। इसे लेकर उन्होंने लिखा कि विश्व गुरु 5 ट्रिलियन विकसित भारत, थर्ड लार्जेस्ट इकोनॉमी की सच्चाई बड़बोली सरकारी की विफलता का स्मारक कहलाएगा 2025 का “कागजी भव्य दिव्य कुंभ।
इसके पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव ने महाकुंभ पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुंभ में आने वालों की सरकार संख्या नहीं बता रही है। सरकार के द्वारा पेश किए गए आंकड़े कुछ और हैं और असली संख्या भिन्न। सरकार ऐसा इसलिए कर रही है ताकि उसकी अव्यवस्था की पोल न खुल सके। हादसे में मृतकों की संख्या भी नहीं बताई जा रही है। बुजुर्ग स्नान करने नहीं जा सके। जबकि सपा सरकार में कुंभ का आयोजन अच्छे से संपन्न हुआ था।
3,000 रुपये से ज्यादा के UPI लेनदेन पर फीस… सरकार ने क्या कहा?
सरकार ने इस तरह की खबरों को खारिज किया है कि वह यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ट्रांजैक्शन पर नया नियम लाने की सोच रही है। उसके मुताबिक, ऐसे दावे गलत और निराधार हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसी अटकलें लगाई गई थीं कि 3,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) फिर से लागू किया जा सकता है। कहा गया था कि इसका मकसद बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऑपरेशनल खर्चों को संभालने में मदद करना है। एमडीआर ट्रांजैक्शन वैल्यू पर आधारित होगा, न कि मर्चेंट टर्नओवर पर। छोटे यूपीआई पेमेंट पर यह नियम लागू नहीं होगा। लेकिन, बड़े ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट फीस लग सकती है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि यह जनवरी 2020 से लागू जीरो-एमडीआर पॉलिसी को बदल देगा।
सरकार के खंंडन से पहले कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर ने बड़े डिजिटल ट्रांजैक्शन को संभालने की बढ़ती लागत पर चिंता जताई है। यूपीआई से लगभग 80% रिटेल डिजिटल ट्रांजैक्शन होते हैं। जीरो-एमडीआर के कारण इस सेक्टर में निवेश के लिए प्रोत्साहन कम हो गया है। 2020 से यूपीआई पर्सन-टू-मर्चेंट ट्रांजैक्शन का मूल्य 60 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इससे पता चलता है कि बाजार में इसकी गहरी पैठ है। उपभोक्ताओं का इस पर बहुत भरोसा है। खासकर बड़े ट्रांजैक्शन में, जहां सर्विस प्रोवाइडर को ज्यादा खर्च उठाना पड़ता है।
2020 से लागू है जीरो-एमडीआर पॉलिसी
रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने यूपीआई ट्रांजैक्शन पर बड़े मर्चेंट के लिए 0.3% एमडीआर का प्रस्ताव रखा है। अभी क्रेडिट और डेबिट कार्ड पेमेंट पर एमडीआर 0.9% से 2% तक है, जिसमें RuPay शामिल नहीं है। रुपे क्रेडिट कार्ड को अभी एमडीआर से बाहर रखा जाएगा। एमडीआर वह शुल्क होता है जो व्यापारी (मर्चेंट) डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देते हैं। वर्तमान में, यूपीआई और रुपे डेबिट कार्ड से होने वाले लेनदेन पर कोई एमडीआर नहीं लगता है। यह ‘जीरो-एमडीआर’ पॉलिसी जनवरी 2020 से लागू है।
यह भी कहा गया था कि इस बारे में एक या दो महीने में फैसला हो सकता है। सरकार बैंकों, फिनटेक कंपनियों और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया जैसे हितधारकों से सलाह लेगी। यह और बात है कि सरकार ने इसे बेबुनियाद बताया है।
11 साल 33 झूठ, कांग्रेस में फूट डालने की कोशिश…. खरगे ने पीएम मोदी को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को कहा कि मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का डर दिखाकर कांग्रेस पार्टी को बांटने की कोशिश कर रही है। खरगे बेल्लारी के सांसद और तीन विधायकों पर वाल्मीकि निगम घोटाले के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई छापेमारी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। बुधवार को यहां प्रेस को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लोकसभा चुनाव के एक साल बाद पार्टी नेताओं को इस मुद्दे को उठाकर परेशान करना अनुचित है। उन्होंने BJP पर ED की छापेमारी के जरिए कांग्रेस विधायकों और सांसदों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार कांग्रेस में फूट नहीं डाल सकती और पार्टी एकजुट है।
झूठ बोलने, युवाओं को धोखा देने में पीएम व्यस्त-खरगे
खरगे ने यह भी पूछा कि BJP के मुख्यमंत्रियों के इस्तीफे की मांग क्यों नहीं की जाती? खरगे ने नरेंद्र मोदी पर भी हमला बोला और PM के रूप में अपने 11 वर्षों के कार्यकाल के दौरान ‘झूठ बोलने, युवाओं को धोखा देने’ के लिए उनकी आलोचना की। उन्होंने कहा, “11 साल हो गए हैं और 33 गलतियां हुई हैं। आप जानते हैं और मैं इसे संसद में भी कह रहा हूं। मैंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में ऐसा PM नहीं देखा जो झूठ बोलने, युवाओं को धोखा देने, गरीबों को फंसाकर वोट हासिल करने में लिप्त रहा हो।”
लोकसभा उपाध्यक्ष का पद खाली रखने के लिए मोदी की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि यह पद मान्यता प्राप्त विपक्षी दल को सौंपा जाना चाहिए, जैसा कि कांग्रेस पार्टी ने उनके कार्यकाल के दौरान किया था। उन्होंने कहा, “यह कदम अवैध है और मोदी विपक्ष को एक छोटा सा पद भी नहीं दे रहे हैं। यह दर्शाता है कि उन्हें लोकतंत्र में कोई विश्वास नहीं है। मैंने इस संबंध में उन्हें पत्र लिखा है।”
केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही सरकार
डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक ED की छापेमारी पर वापस आते हुए खरगे ने कहा, “पार्टी इस पर तब तक कोई टिप्पणी नहीं करेगी जब तक कि कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि ST विकास निगम (KMVSTDC) में पूरी जांच नहीं हो जाती।” कांग्रेस के दिग्गज नेता ने जोर देकर कहा, “हम यह जानने का इंतजार कर रहे हैं कि प्रवर्तन निदेशालय घोटाले को कैसे मोड़ देगा। धन के दुरुपयोग का मुद्दा केंद्रीय एजेंसी पर छोड़ दिया गया है और हम जांच में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। हर कोई जानता है कि चुनावों में कौन और कितना पैसा खर्च करता है। ऐसी छापेमारी करना नया नहीं है। लेकिन, ऐसी छापेमारी के जरिए कांग्रेस पार्टी कोविभाजित करना असंभव है।”
कर्नाटक कैबिनेट में अभी कोई फेरबदल नहीं
खरगे ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में तत्काल कोई मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल नहीं होगा और CM सिद्धारमैया और उनके डिप्टी डीके शिवकुमार के साथ वरिष्ठ पार्टी नेता राहुल गांधी की उपस्थिति में मंगलवार को हुई बैठक के दौरान केवल बेंगलुरु भगदड़ सहित कुछ मुद्दों पर चर्चा की गई। खरगे ने कहा कि पिछले 11 साल देश के लोकतंत्र, अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने के लिए एक झटका थे।
राज्य में एक नई जाति जनगणना कराने के सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह आवश्यक है क्योंकि पिछला सर्वेक्षण 10 साल पुराना था और पिछले एक दशक के दौरान कई जातियों को OBC, SC और ST श्रेणी में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा, “सरकार ने पहले ही जाति जनगणना में सामाजिक-आर्थिक मानदंडों को अपना लिया है। अन्य मानदंड, जो छूट गए हैं, उन्हें नए सर्वेक्षण के लिए जोड़ा जाएगा।”
यूपी सीएम का इस्तीफा क्यों नहीं मांगा जाता-कांग्रेस
बेंगलुरु भगदड़ की घटना और CM सिद्धारमैया के इस्तीफे की BJP की मांग पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए खरगे ने पूछा कि क्या उत्तर प्रदेश के CM ने इस साल की शुरुआत में कुंभ मेले में इसी तरह की त्रासदी होने के बाद ऐसा किया है। उन्होंने कहा, “भगदड़ एक अप्रत्याशित घटना है जिसके लिए माफी मांगी गई है। लेकिन, हमें पीड़ितों के परिवार के सदस्यों के साथ खड़ा होना चाहिए और यह सुनिश्चित करने के लिए उचित ध्यान रखना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।”
मुकेश अंबानी से क्या टक्कर ले पाएंगे एलन मस्क? स्टारलिंक की इंटरनेट सर्विस के दाम से लग जाएगा अंदाजा
: एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक भारत में जल्द ही अपनी सेवाएं शुरू करने वाली है। स्टारलिंक को भारत सरकार से लाइसेंस मिल गया है। अगले दो महीनों में कंपनी भारत में काम शुरू कर देगी। स्टारलिंक भारत के दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट पहुंचाएगी। कंपनी ग्राहकों को एक महीने का फ्री ट्रायल भी देगी। कंपनी का लक्ष्य उन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है जहां अभी तक इंटरनेट नहीं है। हालांकि, जिस कीमत पर मुकेश अंबानी की जियो भारत में अभी इंटरनेट सेवाएं दे रही है, उसके मुकाबले में मस्क की सिर्विसेज बहुत महंगी दिख रही हैं। दोनों के डिवाइस कॉस्ट और मंथली सब्सक्रिप्शन प्लान में भी जमीन आसमान का अंतर है।
स्टारलिंक तीसरी कंपनी है जिसे दूरसंचार विभाग से सैटेलाइट इंटरनेट सेवा के लिए लाइसेंस मिला है। इससे पहले यूटेलसैट की वनवेब और रिलायंस जियो को भी भारत में सेवाएं देने की मंजूरी मिल चुकी है। मस्क की कंपनी ग्राहकों को लुभाने के लिए एक खास ऑफर लेकर आ रही है। कंपनी हर डिवाइस की खरीद पर एक महीने का फ्री ट्रायल देगी। इससे ग्राहक सेवा शुरू करने से पहले उसे इस्तेमाल करके देख सकेंगे। अगर ग्राहकों को सेवा पसंद आती है तो वे हर महीने का प्लान ले सकते हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, स्टारलिंक ने भारत में अपने प्लान की कीमत भी तय कर दी है। सैटेलाइट डिश डिवाइस की कीमत लगभग 33,000 रुपये होगी। ग्राहकों को हर महीने अनलिमिटेड डेटा के लिए 3,000 रुपये देने होंगे।
स्टारलिंक का मुख्य उद्देश्य भारत के उन दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट पहुंचाना है जहां अभी तक पारंपरिक ब्रॉडबैंड नहीं पहुंच पाया है। स्टारलिंक के सैटेलाइट पृथ्वी की कक्षा में घूमते हैं। ये सैटेलाइट उन इलाकों में भी हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचा सकते हैं जहां अभी तक इंटरनेट नहीं है।
स्टारलिंक की कीमत पड़ोसी देशों के बराबर ही है। बांग्लादेश और भूटान में भी स्टारलिंक डिवाइस की कीमत 33,000 रुपये है। एनल मस्क की कंपनी अभी 100 से ज्यादा देशों में काम कर रही है। यह घरों और घूमने वाले लोगों, दोनों के लिए प्लान पेश करती है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार, ज्यादातर जगहों पर घरों के लिए दो तरह के प्लान हैं: रेजिडेंशियल लाइट और रेजिडेंशियल। रेजिडेंशियल लाइट उन लोगों के लिए है जो कम इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं। रेजिडेंशियल उन लोगों के लिए है जो ज्यादा इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं।
इस साल की शुरुआत में स्टारलिंक ने मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो और सुनील मित्तल की भारती एयरटेल के साथ समझौता किया था। ये भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियां हैं।
काफी महंगी दिख रही हैं मस्क की सर्विसेज
स्टारलिंक की 33,000 रुपये की डिवाइस और 3,000 रुपये का मासिक सब्सक्रिप्शन इसे जियो की मौजूदा इंटरनेट सर्विसेज से बहुत महंगा बनाता है। भारत में मौजूदा ब्रॉडबैंड और 5G नेटवर्क बहुत व्यापक और किफायती हैं। मुकेश अंबानी की जियो फाइबर-टू-द-होम (FTTH) तकनीक घरों तक ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाकर इंटरनेट पहुंचाती है। यह सबसे स्थिर और हाई-स्पीड इंटरनेट प्रदान करती है। जियोफाइबर के प्लान 399 रुपये से 1,499 रुपये प्रति माह तक शुरू होते हैं, जो स्टारलिंक से काफी सस्ते हैं। अक्सर इंस्टॉलेशन चार्ज सिक्योरिटी डिपॉजिट के तौर पर लिया जाता है या प्लान के साथ बंडल किया जाता है। यह स्टारलिंक की 33,000 रुपये के डिवाइस कॉस्ट से काफी कम है।





